तोर भुवन में हरियर हरियर बोये जंवारा हो | कुबेर साहू/छत्तीसगढ़ी जस गीत लिरिक्स,

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गीत-तोर भुवन मा हरियर हरियर 

गीत लेबल - पचरा जस

स्वर - कुबेर साहू 

यूट्यूब- cg jas sewa

वेबसाईट ऑनर-कैलाश पंचारे 

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मुखड़ा 

तोर भुवन में हरियर हरियर बोये जंवारा हो 

मईया निक लागे ना

हो मईया निक लागे ना

 तोर लाल बरन जग जोत मईया निक लागे ना 

तोर लाल बरन जग जोत मईया निक लागे ना 

अंतरा -1

पहली बरन बर आये हो मईया राम लखन चारों भाई-2

राम लखन चारों भाई जो मईया राम लखन चारों भाई

पहली बरन बर आये हो मईया राम लखन चारों भाई

बोए जवारा जोत जलाए निक लागे ना

तोर लाल बरन जग जोत मईया निक लागे ना 

तोर लाल बरन जग जोत मईया निक लागे ना 

अंतरा -2

दूसरा बरन बर आये हो मईया पांचों भाई पांडवा-2

पांचों भाई पांडवा हो मईया पांचों भाई पांडवा

दूसरा बरन बर आये हो मईया पांचों भाई पांडवा-2

बोए जवारा जोत जलाए निक लागे ना

तोर लाल बरन जग जोत मईया निक लागे ना 

तोर लाल बरन जग जोत मईया निक लागे ना 

अंतरा -3

तीसर बरन बर आये हो मईया पांचों भाई पांडवा-2

पांचों भाई पांडवा हो मईया पांचों भाई पांडवा

तीसर बरन बर आये हो मईया पांचों भाई पांडवा-2

पान फुल के हार पहिनाए निक लागे ना

तोर लाल बरन जग जोत मईया निक लागे ना 

तोर लाल बरन जग जोत मईया निक लागे ना 

अंतरा -4

चौथे बरन बर आये हो मईया जम्मो नर अऊ नारी-2

पांचों भाई पांडवा हो मईया पांचों भाई पांडवा

चौथे बरन बर आये हो मईया पांचों भाई पांडवा-2

पान फुल के हार पहिनाए निक लागे ना

तोर लाल बरन जग जोत मईया निक लागे ना 

तोर लाल बरन जग जोत मईया निक लागे ना 

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गीत के बारे म परिचय

छत्तीसगढ़ के माटी म देवी माता के भक्ति अऊ आराधना के परंपरा बहुत पुरखा ले चलत आवत हे। नवरात्रि के पावन दिन म जब गाँव-गाँव म माता के दरबार सजथे, तब भक्त मन जंवारा बोके, अखंड जोत जलाके अऊ जसगीत गाके माता रानी के सेवा करथें।

"तोर भुवन में हरियर हरियर बोये जंवारा हो" एक बहुत ही मधुर अऊ भक्तिभाव ले भरपूर छत्तीसगढ़ी जसगीत हे। ए गीत म माता के दरबार के सुंदरता, जंवारा के हरियाली, लाल रंग के जगमग जोत अऊ भक्त मन के अटूट श्रद्धा के वर्णन करे गे हे।

🌿 जंवारा के महत्व अऊ माता के महिमा

जंवारा छत्तीसगढ़ी संस्कृति अऊ नवरात्रि पूजा के एक विशेष पहचान आय। हरियर जंवारा खुशहाली, सुख-समृद्धि, नई ऊर्जा अऊ माता के कृपा के प्रतीक माने जाथे।

गीत के मुखड़ा म भक्त माता ले कहिथे कि तोर भुवन म बोए हरियर-हरियर जंवारा अऊ लाल बरन के जग जोत बहुत सुंदर दिखत हे। ए दृश्य भक्त मन के मन ला शांति अऊ भक्ति ले भर देवथे।

🙏 राम-लखन अऊ पांडव मन के माता भक्ति

गीत के पहला अंतरा म भगवान श्रीराम, लक्ष्मण अऊ उनकर भाई मन के माता के दरबार म आके जंवारा बोना अऊ जोत जलाना के वर्णन मिलथे। ए बात माता शक्ति के महिमा ला दर्शाथे कि बड़े-बड़े देवता अऊ वीर पुरुष घलो माता के चरण म शीश झुकाथें।

दूसर अऊ तिसर अंतरा म पाँचों पांडव के माता के पूजा अर्चना करे के बात कहे गे हे। पांडव मन माता ला पान अऊ फूल के हार पहिराके अपन श्रद्धा अर्पित करथें।

🌺 जम्मो नर-नारी बर माता के कृपा

गीत के संदेश ये आय कि माता रानी के दरबार म छोटे-बड़े, अमीर-गरीब, नर अऊ नारी सब एक समान हवंय। जेन सच्चा मन ले माता के सेवा करथे, माता ओकर जीवन म सुख, शांति अऊ सफलता के आशीर्वाद देवथे।

📿 छत्तीसगढ़ी जसगीत के सांस्कृतिक महत्व

छत्तीसगढ़ म जसगीत सिरिफ गीत नई हे, बल्कि ए हमर संस्कृति, परंपरा अऊ आस्था के पहचान आय। जसगीत के मधुर स्वर, मांदर के थाप अऊ भक्त मन के जयकारा पूरा वातावरण ला भक्तिमय बना देवथे हिम्मत अऊ शक्ति मिलथे।

नया जसगीत 

हो मईया चंडिका

झुलव भवानी झूलना

वहां वहां रे पंछी 

बन बन गैया 

मान जाना दाई वो

ठलहा तै होबे मयारू दाई

🌼 ए जसगीत ले मिलइया सीख

ए गीत हमन ला सिखाथे कि जीवन म श्रद्धा, सेवा, प्रेम अऊ विश्वास बहुत जरूरी हे। माता रानी के भक्ति करे ले मन ला शांति मिलथे अऊ जीवन के कठिन समय म

झूपत आबे ओ मईया नाचत आबे ओ | छत्तीसगढ़ी जस गीत | माता के आगमन के भक्ति गी

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गीत-झूपत आबे ओ मईया 

गायक-कुबेर साहू

म्यूज़िक लेबल-पारंपरिक जस

म्यूज़िक कंपनी-cg jas sewa

वेबसाईट ऑनर-कैलाश पंचारे 

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मुखड़ा 

 झूपत आबे ओ मईया नाचत आबे ओ -2

उड़ान - संग म तै सातों बहनिया ला लाबे ओ 

 झूपत आबे ओ मईया नाचत आबे ओ -2

अंतरा-1

डोंगरगढ़ ले आबे ओ मईया माता बमलाई ओ-2

संबलपुर ले आबे ओ मईया माता समलाई ओ-2

उड़ान-रुमझुम पांव के पैरी बजाके ओ -2

झूपत आबे ओ मईया नाचत आबे ओ -2

अंतरा-2

मैहर ले आबे ओ मईया माता शारदा माई ओ-2

रतनपुर ले आबे ओ मईया माता महामाई ओ-2

उड़ान-नवरंग लुगरा पहिर के तै आबे ओ-2

झूपत आबे ओ मईया नाचत आबे ओ -2

अंतरा-3

रायपुर ले आबे ओ मईया माता बंजारी ओ-2

बागबाहरा ले आबे माता खल्लारी ओ-2

उड़ान-त्रिशूल भाला हाथ में धरके तै आबे ओ-2

झूपत आबे ओ मईया नाचत आबे ओ -2

अंतरा-4

सुमर सुमर मिलके तोरे जस गावव ओ-2

दण्ड शरण गिरके माथ नवावव ओ-2

उड़ान- नरियर हुमवा म माता तोला मनावव ओ-2

झूपत आबे ओ मईया नाचत आबे ओ -2

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हरियर मड़वा 

आरती मा के सजाए 

तोरे दरस बर

तर जाहि चोला हर 

माई के दरस बर 

देवी के सिंगारे 

डोंगरी पहाड़ी में 

मोर दुर्गा मईया 

जब दौड़े कालिका

मोरो मन हुलसे