तोरे दरश बर मईया दऊरत आयेव ना | छत्तीसगढ़ी देवी जस गीत

रेंगत  रेंगत आयेव मां

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गीत - रेगत रेगत आयेव मा 

गायक- कुबेर साहू 

गीत लेबल - पारंपरिक 

म्यूज़िक कंपनी - cg jas seva

Website owner - कैलाश पंचारे 

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मुखड़ा 

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रेगत  रेगत आयेव मां दऊरत दऊरत आयेव मां 

तोरे दरश बर मईया दऊरत आयेव ना -2

अंतरा -1

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काकर पुत हे गुरू गजानंद,काकर पुत हनुमान -२

काकर पुत हे पांचों भाई पडवा-२

जग हासे भगवान ओकर बंशी बाजे ना

 ओकर मुरली बाजे ना 

तोरे दरश बर मईया दऊरत आयेव ना

अंतरा -2

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गौरी  पुत हे गुरू गजानंद,अंजनी पुत हनुमान -२

कुंती पुत हे पांचों भाई पडवा -2

जग हासे भगवान ओकर बंशी बाजे ना

 ओकर मुरली बाजे ना 

तोरे दरश बर मईया दऊरत आयेव ना

अंतरा -3

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का चघी आये  गुरू गजानंद,का चघी आये हनुमान -२

का चघी आये पांचों भाई पडवा-२

जग हासे भगवान ओकर बंशी बाजे ना

 ओकर मुरली बाजे ना 

तोरे दरश बर मईया  दऊरत आयेव ना

Cg JAS lyrics

अंतरा -4

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मुसवा चघी आये  गुरू गजानंद, उड़त आये हनुमान -२

रथ चघी आये पांचों भाई पडवा-2

जग हासे भगवान ओकर बंशी बाजे ना

 ओकर मुरली बाजे ना 

तोरे दरश बर मईया दऊरत आयेव ना

अंतरा -5

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का धर आये  गुरू गजानंद, का धर आये हनुमान -२

का धर आये पांचों भाई पडवा-2

जग हासे भगवान ओकर बंशी बाजे ना 

ओकर मुरली बाजे ना 

तोरे दरश बर मईया दऊरत  आयेव ना

Cg JAS lyrics

अंतरा -6

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लड्डू धर आये  गुरू गजानंद, चुनरी धर आये हनुमान -२

नरियर धर आये पांचों भाई पडवा-2

जग हासे भगवान ओकर बंशी बाजे ना 

ओकर मुरली बाजे ना 

तोरे दरश बर मईया दऊरत आयेव ना

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गीत के अर्थ (छत्तीसगढ़ी में)

ए गीत म भक्त अपन दाई (मईया) ले गजब के भक्ति अऊ प्रेम दिखाथे।

“रेगत रेगत आयेव मां, दऊरत दऊरत आयेव मां”
मतलब – भक्त धीरे-धीरे अऊ दौड़त-दौड़त माता के दरबार म पहुंचत हे, काबर के ओकर मन म माता के दरस पाय के भारी इच्छा हवय।

गीत म आगे देवता मन के बारे म पूछे जाथे —

» गजानंद (गणेश जी) – गौरी माता के बेटा आय

»हनुमान जी – अंजनी माता के बेटा आय

»पांचों भाई (पांडव) – कुंती के बेटा आय

फेर पूछे जाथे के वो मन कइसने आय हवंय —

»गजानंद जी मूषक (चूहा) म सवार होके

»हनुमान जी उड़त-उड़त

»पांडव मन रथ म चढ़के

अंत म वो मन माता बर भेंट लेके आथें —

»गजानंद जी लड्डू

»हनुमान जी चुनरी

»पांडव मन नारियल

ए सब देखके भक्त कहिथे —
जग म भगवान के महिमा गूंजत हे, जइसे मुरली बाजत होवय।


🟡 गीत के महत्व (महत्व)

1️⃣ गहरी भक्ति के प्रतीक

ए गीत बताथे के भक्त माता के दरस बर कतेक आतुर अऊ समर्पित रहिथे।

2️⃣ देवता मन के एकता

एमा गणेश, हनुमान अऊ पांडव सबो माता के दरबार म आथें, जऊन एकता अऊ भक्ति के संदेश देथे।

3️⃣ छत्तीसगढ़ी जसगीत परंपरा

ए गीत जस-भजन, जगराता अऊ नवरात्रि म गाये जाथे, जऊन हमर लोकसंस्कृति के पहचान आय।

4️⃣ भेंट अऊ श्रद्धा के महत्व

गीत सिखाथे के सच्चा मन ले चढ़ाय गे छोट भेंट घलो माता स्वीकार करथें।


🔗 पचरा जस गीत 

         (👇)

  1. मोर दुर्गा मईया

  2. देवी के सिंगारे बर

  3. डोंगरी पहाड़ म हा

  4. डोंगरी पहाड़ मा हां 

  5. चले आए महामाया 

  6. दाई दयाली वो

  7. जब दौड़े कालिका 

  8. पलना गड़े मजेदार

  9. मोरो मन हुलसे

  10. देवी पार्वती हां 


                                    








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