ये हो माई के दरश बर हां – छत्तीसगढ़ी देवी जसगीत के अर्थ अऊ महत्व
-ˋˏ ༻❁✿❀༺ ˎˊ- ⋆✿ माई के दरश बर हा । पचरा जस लिरिक्स। ༘⋆✿-ˋˏ ༻❁✿❀༺ ˎˊ-
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गीत-माई के दरस बर हा
गायक-
गीतकार-
लेबल - पचरा जस गीत
म्यूज़िक कंपनी - लोकेश्वर वर्मा
वेबसाईट ऑनर-कैलाश पंचारे
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ये हो माई के दरश बर हां ,तै महू ला अगोर लेबे माई के दरश बर हां
उड़ान - हां माई के दरश बर हां....
तै महू ला अगोर लेबे माई के दरश बर हां
(1 )
ये झटपट रेगें माई के दुलरवा चले कुम्हरा के पारा -2
चले कुम्हरा के पारा हो मईया चले कुम्हरा के पारा
झटपट रेगें माई के दुलरवा चले कुम्हरा के पारा
जब कुम्हरा आवय कलशा ला धरके
माई के दरश बर हां ------
तै महू ला अगोर लेबे माई के दरश बर हां
(2 )
ये झटपट रेगें माई के दुलरवा चले लोहार के पारा -2
चले लोहार के पारा हो मईया चले लोहार के पारा
झटपट रेगें माई के दुलरवा चले लोहार के पारा
जब लोहार आवय बाणा ला धरके
माई के दरश बर हां ------
तै महू ला अगोर लेबे माई के दरश बर हां
(3)
ये झटपट रेगें माई के दुलरवा चले कोष्टा के पारा -2
चले कुम्हरा के पारा हो मईया चले कोष्टा के पारा
झटपट रेगें माई के दुलरवा चले कोष्टा के पारा
जब कोष्टा आवय साड़ी ला धरके
माई के दरश बर हां ------
तै महू ला अगोर लेबे माई के दरश बर हां
(4)
ये झटपट रेगें माई के दुलरवा चले दर्जी के पारा -2
चले कुम्हरा के पारा हो मईया चले दर्जी के पारा
झटपट रेगें माई के दुलरवा चले दर्जी के पारा
जब दर्जी आवय ध्वजा ला धरके
माई के दरश बर हां ------
तै महू ला अगोर लेबे माई के दरश बर हां
(5)
ये झटपट रेगें माई के दुलरवा चले बईगा के पारा -2
चले कुम्हरा के पारा हो मईया चले बईगा के पारा
झटपट रेगें माई के दुलरवा चले बईगा के पारा
जब बईगा आवय लिमुआ ला धरके
माई के दरश बर हां ------
तै महू ला अगोर लेबे माई के दरश बर हां
(6)
ये झटपट रेगें माई के दुलरवा चले मलिया के पारा -2
चले कुम्हरा के पारा हो मईया चले मलिया के पारा
झटपट रेगें माई के दुलरवा चले मलिया के पारा
जब मलिया आवय फुलवा ला धरके
माई के दरश बर हां ------
तै महू ला अगोर लेबे माई के दरश बर हां
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गीत के अर्थ (छत्तीसगढ़ी में)
“ये हो माई के दरश बर हां , तै महू ला अगोर लेबे माई के दरश बर हां”
ए पंक्ति म भक्त अपन मइया के दरसन करे के गहिरा इच्छा ल बताथे। भक्त कहिथे के – हे माई! में तोर दरसन करे बर आथों, तैं मोला अपन द्वार म अगोर के रखबे, ताकि में तोर दर्शन पा सकंव।
इहाँ “अगोर लेबे” के मतलब होथे – मइया अपन भक्त के इंतजार करथें अऊ ओकर रक्षा करथें। भक्त अपन दुख-तकलीफ ले मइया के द्वार म आके भरोसा जताथे के मइया जरूर दया करही।
ए गीत म भक्त अऊ मइया के बीच के ममता, भरोसा अऊ भक्ति के भावना दिखथे। जब भक्त सच्चा मन ले मइया ल पुकारथे, त मइया ओकर पुकार जरूर सुनथें अऊ अपन आशीर्वाद देथें।
🔶 गीत के महत्व
छत्तीसगढ़ म देवी जसगीत के बहुत जादा महत्व हवय। “माई के दरश बर हां” जइसने गीत म भक्त मन अपन श्रद्धा अऊ विश्वास ल व्यक्त करथें।
ए गीत के महत्व कुछ ए प्रकार हवय –
1️⃣ ए गीत म भक्त के मइया के दरसन करे के लालसा दिखथे।
2️⃣ मइया अपन भक्त मन के दुख-दर्द ल दूर करथें – ए भरोसा ल मजबूत करथे।
3️⃣ नवरात्रि, जंवारा, जसगायन जइसने कार्यक्रम म ए गीत गाके भक्त मन भक्ति वातावरण बनाथें।
4️⃣ ए गीत छत्तीसगढ़ी संस्कृति अऊ देवी भक्ति परंपरा ल आगे बढ़ाथे।
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10. जगजोत जलत हे



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