देवी के सिंगारे बर येहो | छत्तीसगढ़ी देवी जसगीत लिरिक्स और अर्थ
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गीत-देवी के सिंगारे बर हा
गायक-तीतरा श्री वास
म्यूजिक कंपनी-विजय कुमार जस गीत
गीत शैली -chhattisgadhi pachra
वेबसाइट ऑनर-कैलाश पंचारे
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देवी के सिंगारे बर येहो...
मोर चलय मलनिया देवी के सिंगारे बर हां 2
येहो मोर चलय मलनिया देवी के सिंगारे बर हां 2
अंतरा -1
ये बेरा उवव कमल फूल फूलो, मोंगरा फूलवा अंधियारे 2
मोगरा फूलवा अंधियारे हो माता मोगरा फूलवा अंधियारे,
बेरा उववा कमल फूल फूलगे, मोगरा फुलवा अंधियारे।
उड़ान -अउ सदा सुनागोन बेरा ना फूलो... देवी के सिंगारे बर येहो,
मोर चलय मलनिया देवी के सिंगारे बर हां 2।
अंतरा -2
ये कहां के बगिया के गजर मंगायेव, कहां के बगिया के हारे 2
कहां के बगिया के हारे हो माता कहां के बगिया के हारे,
कहां के बगिया के गजर मंगायेव, कहां के बगिया के हारे।
उड़ान - अउ कहां के बगिया के माथ मुटुकिया...
देवी के सिंगारे बर येहो,
मोर चलय मलनिया देवी के सिंगारे बर हां 2।
अंतरा -3
मनकपुरी फूलबगिया के गजरा, हिंगलाज के हारे 2
हिंगलाज के हारे हो माता हिंगलाज के हारे,
कहां के बगिया के गजर मंगायेव, कहां के बगिया के हारे।
उड़ान-अउ कहां के बगिया के माथ मुटुकिया. देवी के सिंगारे बर येहो,
मोर चलय मलनिया देवी के सिंगारे बर हां 2।
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देवी के सिंगारे बर येहो – गीत के अर्थ, महत्व (छत्तीसगढ़ी में)
1. गीत के बारे में
गीत – देवी के सिंगारे बर येहो
ये एक बहुत सुंदर छत्तीसगढ़ी देवी जसगीत आय। ए गीत म एक मलनिया (फूल तोड़ने वाली महिला) के भावना दिखाय गे हवय, जिहां वो माता के सिंगार बर अलग-अलग बगिया ले फूल लाने के बात करत हे।
ए गीत म माता के सेवा, श्रद्धा अऊ भक्ति के भावना झलकथे।
गीत के अर्थ (छत्तीसगढ़ी में)
मुखड़ा के अर्थ
मोर चलय मलनिया देवी के सिंगारे बर हां
ए पंक्ति म मलनिया कहत हे कि वो देवी माता के सिंगार करे बर फूल लेके जाय बर निकलत हवय।
मतलब वो माता के सेवा बर बहुत उत्साहित हवय अऊ माता ल सुंदर फूल ले सजाना चाहत हे।
अंतरा 1 के अर्थ
ये बेरा उवव कमल फूल फूलो, मोंगरा फूलवा अंधियारे
एमा बताय गे हवय कि अभी बगिया म कमल अऊ मोगरा के फूल खिले हवय।
मलनिया कहत हे कि ए फूल बहुत सुंदर अऊ सुगंधित हवय, जऊन देवी माता के सिंगार बर सबसे बढ़िया होथे।
फूल के खुशबू अऊ सुंदरता माता के भक्ति के प्रतीक माने जाथे।
अंतरा 2 के अर्थ
ये कहां के बगिया के गजर मंगायेव, कहां के बगिया के हारे
ए पंक्ति म सवाल पूछे जावत हवय कि देवी माता के सिंगार बर जऊन गजरा अऊ हार लाय गे हवय वो कऊन बगिया के फूल ले बनाय गे हवय।
एमा माता के सिंगार के महिमा बताय गे हवय कि माता ल सजाये बर सबसे सुंदर फूल के जरूरत परथे।
अंतरा 3 के अर्थ
मनकपुरी फूलबगिया के गजरा, हिंगलाज के हारे
एमा बताय गे हवय कि माता के सिंगार बर
मनकपुरी के बगिया ले गजरा अऊ हिंगलाज के हार लाय गे हवय।
मतलब माता के सिंगार बर दूर-दूर के पवित्र जगह ले फूल लाके माता के श्रृंगार करे जाथे।
गीत के धार्मिक महत्व
छत्तीसगढ़ म देवी जसगीत के बहुत महत्व हवय। ए गीत खास करके इन समय गाये जाथे —
नवरात्रि
जसजागरण
माता के सेवा
देवी भजन कार्यक्रम
ए गीत म माता के सिंगार, भक्ति अऊ सेवा भावना के वर्णन मिलथे।
जिहां भक्त मन माता ल फूल, हार, गजरा अऊ अलग-अलग सिंगार के चीज ले सजाथें।
ए गीत सिखाथे कि सच्चा मन ले माता के सेवा करे म ही असली सुख मिलथे।



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