मोला देरी होंगे मईया / तितरा श्रीवास / पचरा जस lyrics
════════✦════════
गीत - मोला देरी होंगे मईया
गायक - तितरा श्रीवास
गीत लेबल - पचरा जस गीत
म्यूज़िक कंपनी - vijaykumarjasgeet
वेबसाईट ऑनर - कैलाश पंचारे
════════✦════════
मुखड़ा
मोला देरी होंगे मईया तोरे वो सेवा मा हां - 2
तोरे ओ सेवा मा हां....2
मोला देरी होंगे मईया तोरे वो सेवा मा हां - 2
अंतरा -1
सुरहीन गईया के गोबर मग़ाके , कूटधर अंगना लीपाये - 2
कूटधर अंगना लीपाये हो मईया कूटधर अंगना लीपाये
सुरहीन गईया के गोबर मग़ाके , कूटधर अंगना लीपाये
कूटधर अंगना लीपाये हो मईया कूटधर अंगना लीपाये
सुरहीन गईया के गोबर मग़ाके , कूटधर अंगना लीपाये
अहो तोरे ओ सेवा मा हां.....2
मोला देरी होंगे मईया तोरे वो सेवा मा हां - 2
अंतरा -2
गजमोतियन के चौक पुराए, सोन के कलश मढ़ाये - 2
सोन के कलश मढ़ाये मईया सोन के कलश मढ़ाये
गजमोतियन के चौक पुराए, सोन के कलश मढ़ाये
सोन के कलश मढ़ाये मईया सोन के कलश मढ़ाये
गजमोतियन के चौक पुराए, सोन के कलश मढ़ाये
अहो तोरे ओ सेवा मा हां.....2
मोला देरी होंगे मईया तोरे वो सेवा मा हां - 2
अंतरा -3
सोन के कलश मा दियाना मढ़ाके, सुंदर जोत जलायेव- 2
सुंदर जोत जलायेव मईया सुंदर जोत जलायेव
सोन के कलश मा दियाना मढ़ाके, सुंदर जोत जलायेव
सुंदर जोत जलायेव मईया सुंदर जोत जलायेव
सोन के कलश मा दियाना मढ़ाके, सुंदर जोत जलायेव
अहो तोरे ओ सेवा मा हां.....2
मोला देरी होंगे मईया तोरे वो सेवा मा हां - 2
════════✦════════
दाई तोर अचरा मा फुले फुले गजरा
घर घर दीया माता – भक्ति अऊ ज्योति के सुंदर जसगीत ला पढ़व।
तोर बने हे मंदिरवा गीत के गहिरा अर्थ जानव।
घुंघरू में कंकड़ समाए मोरे मां
ए जसगीत मं एक भक्त अपन मईया ले कहिथे कि अगर सेवा मं देरी होवत हे, त वो देरी आलस के कारण नई, बल्कि मईया के सेवा बर पूरी श्रद्धा अऊ विधि-विधान ले तैयारी करे के कारण होवत हे।
गीत मं अंगना ला गोबर ले लीपना, चौक पुरना, कलश सजाना अऊ जोत जलाना जइसने पवित्र काम के वर्णन मिलथे। ए सब माता के स्वागत अऊ सेवा के प्रतीक आय।
भक्त अपन मईया बर पूरा मन, श्रद्धा अऊ भक्ति ले सेवा करत हे, ए बात ए गीत मं बहुत सुंदर ढंग ले बताय गे हे।
ए जसगीत खास करके माता सेवा, नवरात्रि, जसगान अऊ देवी जागरण मं गाये जाथे। ए गीत बताथे कि माता के सेवा मं सच्चा मन, पवित्रता अऊ समर्पण होना बहुत जरूरी हे।
छत्तीसगढ़ के लोकसंस्कृति मं अंगना लीपना, चौक बनाना अऊ जोत जलाना शुभ अऊ मंगल के चिन्ह माने जाथे।
ए गीत सुनके भक्त मन के भीतर माता बर अउ घलोक श्रद्धा अऊ विश्वास जागथे।
एक गांव मं एक गरीब फेर बहुत श्रद्धालु भक्त रहिस। ओकर मन मं माता बर अगाध भक्ति रहय। गांव मं जब नवरात्रि के समय आइस, तब गांव के सबो झन माता सेवा के तैयारी मं लग गिन।
ओ भक्त घलो अपन मईया के सेवा करे बर मन बनाइस। बिहान-बिहान उठके वो सुरहीन गईया के गोबर लानिस अऊ अपन अंगना ला बड़े प्रेम ले लीपिस। ओकर मानना रहय कि जिहां सफाई अऊ पवित्रता रहिथे, उहां माता के कृपा जरूर होथे।
फेर पूजा के तैयारी करत-करत समय निकलत गीस। भक्त के मन मं चिंता होइस कि कहीं मईया के सेवा मं देरी झन हो जावय। तब वो हाथ ले हाथ जोड़ के माता ले कहिस—
"मोला देरी होंगे मईया, तोरे वो सेवा मा..."
यानि हे मईया, अगर सेवा मं देर होवत हे, त वो मोर लापरवाही नई, बल्कि तोर सेवा ला सुंदर बनाय के कोशिश आय।
ओकर बाद वो अंगना मं सुंदर चौक पुरिस, कलश सजाइस अऊ घी के दिया जलाइस। पूरा घर भक्ति अऊ सुगंध ले भर गीस।
जब रात मं जसगान सुरू होइस, त गांव वाले देखिन कि ओकर घर मं अलग किसिम के प्रकाश फैल गे हे। सब झन समझ गिन कि माता अपन भक्त के सच्ची सेवा ले प्रसन्न होगे हें।
तब ले गांव मं ए बात कहे जाथे—
जेन मन ले माता के सेवा करथे, ओकर ऊपर मईया के कृपा जरूर बरसथे।
माता सेवा मं धन-दौलत नई, बल्कि सच्चा मन, श्रद्धा अऊ समर्पण सबसे बड़े पूजा आय
“छत्तीसगढ़ी जसगीत, माता भजन अउ लोक संस्कृति ले जुड़े अउ सुंदर गीत पढ़ते रहव, त जुड़े रहू Cgjaslyrics.com संग। आप मन के प्रेम अउ सहयोग हमर प्रेरणा हे।”



टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें