गरजत आए महामाया /ममता चंद्राकर /cg jas लिरिक्स
गीत-गरजत आए महामाया
गायिका-ममता चंद्राकर
गीत लेबल- पचरा गीत
म्यूज़िक कंपनी -kk casette
वेबसाईट ऑनर-कैलाश पंचारे
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मुखड़ा
गरजत आये महामाया करताल वाले गरजत आये महामाया माया हो मां -2
गरजत आये महामाया माया हो मां -2
गरजत आये महामाया करताल वाले गरजत आये महामाया माया हो मां -2
//1//
महामाया के पावे मा पैंजन बिराजे-2
पैंजन बिराजे हो मईया पैजन बिराजे,-2
पैजन म रतन जड़ाये, जड़ाये हो मईया
गरजत आये महामाया माया हो मां
गरजत आये महामाया करताल वाले गरजत आये महामाया माया हो मां -2
//2//
महामाया के कमर मा करधन बिराजे-2
करधन बिराजे हो मईया करधन बिराजे,-2
करधन म रतन जड़ाये, जड़ाये हो मईया
गरजत आये महामाया माया हो मां
गरजत आये महामाया करताल वाले गरजत आये महामाया माया हो मां -2
//3//
महामाया के बाहे मा पहुंची बिराजे-2
पहुंची बिराजे हो मईया पहुंची बिराजे,-2
पहुंची म रतन जड़ाये, जड़ाये हो मईया
गरजत आये महामाया माया हो मां
गरजत आये महामाया करताल वाले गरजत आये महामाया माया हो मां -2
//4//
महामाया के गल मा सूतीया बिराजे-2
सूतीया बिराजे हो मईया सूतीया बिराजे,-2
सूतीया म रतन जड़ाये, जड़ाये हो मईया
गरजत आये महामाया माया हो मां
गरजत आये महामाया करताल वाले गरजत आये महामाया माया हो मां -2
//5//
महामाया के माथ मा टिकली बिराजे-2
टिकली बिराजे हो मईया टिकली बिराजे,-2
टिकली म रतन जड़ाये, जड़ाये हो मईया
गरजत आये महामाया माया हो मां
गरजत आये महामाया करताल वाले गरजत आये महामाया माया हो मां -2
//6//
महामाया के माथ मा टिकली बिराजे-2
टिकली बिराजे हो मईया टिकली बिराजे,-2
टिकली म रतन जड़ाये, जड़ाये हो मईया
गरजत आये महामाया माया हो मां
गरजत आये महामाया करताल वाले गरजत आये महामाया माया हो मां -2
//7//
महामाया के मुड़ मा मुकुट बिराजे-2
मुकुट बिराजे हो मईया मुकुट बिराजे,-2
मुकुट म रतन जड़ाये, जड़ाये हो मईया
गरजत आये महामाया माया हो मां
गरजत आये महामाया करताल वाले गरजत आये महामाया माया हो मां -2
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गरजत आये महामाया करताल वाले – अर्थ
ये जसगीत म महामाया दाई के आगमन के वर्णन करे गे हे। गीत म बताय गे हे कि माता गरजत आवत हें, हाथ म करताल धरके। दाई के पांव म पैजन, कमर म करधन, बाह म पहुंची, गला म सूतीया, माथ म टिकली अउ सिर म मुकुट सिंगार करे हे। हर गहना म रतन जड़ाय रहिस, जेकर मतलब हे कि माता दाई के रूप बहुत भव्य अउ दिव्य हे। भक्त मन दाई के आगमन ले खुश होके जयकारा लगाथें।
🌼 गीत के महत्व
ये जसगीत म महामाया दाई के श्रृंगार के वर्णन मिलथे
नवरात्रि अउ जंवारा म ये गीत जादा गाये जाथे
माता के स्वागत के समय गाये जाथे
करताल बजाके समूह म गाये जाय वाला जसगीत हे
भक्ति अउ उत्साह दूनों के संगम हे
✨ गीत के विशेषता
सरल छत्तीसगढ़ी बोली म लिखाय हे
हर अंतरा म माता के अलग-अलग गहना के वर्णन
समूह गायन बर बने जसगीत
नवरात्रि म जंवारा झुलावत समय गाये जाथे
माता के रूप के सुंदर चित्रण
📖 कहानी – गरजत आये महामाया
गांव कोकपुर म नवरात के समय आइस। पूरा गांव म उत्साह छा गे रहिस। घर-घर म दीया जले लगिस, मंदिर म सजावट होवत रहिस अउ चौक चौराहा म रंगोली बनत रहिस। गांव के बुजुर्ग मन कहत रहिन – “ए साल महामाया दाई जरूर बड़े धूमधाम ले आही।”
पहिली के दिन गांव के महिलामन जंवारा बोइस। माटी के घट म गेहूं डार के मंदिर म रख दीस। सबो मन रोज बिहान अउ सांझ दाई के आरती करथें। धीरे-धीरे जंवारा हरियर होगे। गांव के बच्चा मन रोज मंदिर पहुंच के जयकारा लगावत रहिन।
नवमी के एक दिन पहिली गांव म बड़ा कार्यक्रम रखाय गीस। ढोल, मंजीरा अउ करताल के संग जसगीत शुरू होइस। गांव के गायक रामसाय कहिस – “आज हमन महामाया दाई के आगमन के गीत गाबो।”
जैसेच गीत शुरू होइस — गरजत आये महामाया करताल वाले…
करताल के आवाज गूंजे लगिस। महिलामन झूम-झूम के गाये लगिन। एही बेरा गांव के एक बुजुर्ग दाई कहिन – “आज दाई के आगमन होवत हे, सबो मन मन ले गाओ।”
गीत के दुसर अंतरा म गाइस – महामाया के पांव म पैजन बिराजे…
सबो मन कल्पना करे लगिन कि माता दाई धीरे-धीरे गांव म आथें। उनके पांव म पैजन खनखनावत रहिस। जैसे हवा म घुंघरू के आवाज गूंजत रहिस।
तीसर अंतरा गाइस – महामाया के कमर म करधन बिराजे…
महिलामन हाथ जोड़े खड़े होगिन। मन म भाव आ गे कि दाई के सिंगार बहुत सुंदर हे। गांव के छोटी बच्ची सोनू अपन दाई ले पूछिस – “दाई, महामाया सच म आही का?”
दाई मुस्कुराके कहिस – “जहां भक्ति होथे, उहां दाई जरूर आथें।”
गीत आगे बढ़िस – महामाया के बाह म पहुंची बिराजे…
जैसे-जैसे गीत गूंजत रहिस, माहौल भक्तिमय होवत गीस। ढोलक के थाप तेज होगे। सबो मन झूमे लगिन।
रात के समय अचानक तेज हवा चले लगिस। मंदिर के दीया हर डगमगाए लगिस। लोगन कहिन – “देखव, दाई के आगमन के संकेत हे।”
फेर गीत गाइस – महामाया के गल म सूतीया बिराजे…
गांव के महिलामन जयकारा लगाइन – “जय महामाया दाई।”
अब गीत के आखिरी अंतरा आइस – महामाया के मुड़ म मुकुट बिराजे…
ए सुनके सबो मन खड़े होगिन। मंदिर म घंटी बज उठिस। लगिस जैसे सच म दाई गांव म पहुंच गे हें।
अचानक मंदिर के भीतर ले एक फूल गिरिस। सबो मन चौंक गिन। बुजुर्ग कहिन – “ये दाई के आशीर्वाद हे।”
ओ दिन के बाद गांव म अजीब बदलाव आइस। जे किसान के फसल खराब होवत रहिस, ओखर खेत हर लहलहा उठिस। जेन घर म बीमारी रहिस, उहां सब ठीक होगे। गांव के लोगन मान गिन कि महामाया दाई के कृपा होइस।
नवमी के दिन जंवारा विसर्जन निकरिस। सबो मन करताल बजावत, नाचत-गावत निकलिन। फिर वही गीत गूंजिस —
गरजत आये महामाया करताल वाले…
गांव के बच्चा, जवान अउ बुजुर्ग सबो झूमत रहिन। माहौल भक्ति म डूब गे रहिस।
जुलूस के समय अचानक बादर घेर लेइस अउ हल्का पानी गिरिस। लोगन कहिन – “दाई अपन आशीर्वाद बरसा रहीं।”
ओ दिन ले गांव म हर साल एही गीत गाये जाथे। लोगन मानथें कि जब ये जसगीत गूंजथे, महामाया दाई जरूर आथें अउ अपन भगत मन के दुख हर लेथें।
तभे ले गांव म एक कहावत चल गे — जिहां गरजत आये महामाया गूंजथे, उहां दाई के कृपा जरूर बरसथे।
जय महामाया दाई 🌺



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