लहराये जंवारा हरियर हरियर | पचरा जस गीत l छत्तीसगढ़ी जसगीत लिरिक्स

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🌿 लहराये जंवारा हरियर हरियर 🌿
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गीत-लहराये जंवारा 

गायक - रविलाल साहू

म्यूजिक कंपनी - रवि छत्तीसगढ़िया नवकेसा 

वेबसाईट ऑनर -कैलाश पंचारे 

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मुखड़ा 

लहराये जंवारा हरियर हरियर हो 2

हरियर हरियर हो...

लहराये जंवारा हरियर हरियर हो 2

अंतरा -1

 यहो कोन बरन तोर जोत जलत हे कौन बरन हे जंवारा -2

यहो कोन बरन तोर माड़े खप्पर, हरियर हरियर हो..

लहराये जंवारा हरियर हरियर हो 2

अंतरा -2

यहो लाल बरन तोर जोत जलत हे हरियर हे जंवारा- 2

यहो करिया बरन तोर माड़े खप्पर, हरियर हरियर हो...

लहराये जंवारा हरियर हरियर हो 2

अंतरा -3

यहो कोन माई बर तोर जोत जलत हे कौन माई बर हे जंवारा- 2

यहो कोन माई बर तोर माड़े खप्पर, हरियर हरियर हो...

लहराये जंवारा हरियर हरियर हो 2

अंतरा -4

यहो महामाई बर तोर जोत जलत हे बुढ़ीमाई बर हे जंवारा -2

यहो काली माई बर तोर माड़े खप्पर, हरियर हरियर हो।

लहराये जंवारा हरियर हरियर हो 2

हरियर हरियर हो.

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माता शेरावाली के अऊ जस गीत के लिंक नीचे दे हावे

👉 माया के दरबार 

👉 फुलवा देखन बर देवता गीत

👉 गंगा अस्नान्दे 

👉 दाई तोर अचरा मा गजरा गीत

👉 घर घर दीया माता 

गीत का अर्थ (Meaning in Chhattisgarhi)

ये जसगीत म जंवारा (जवारा) के महिमा गाये गे हव। जंवारा नवरात्रि म बोये जाथे जऊन माता के शक्ति अउ हरियर जीवन के प्रतीक आय।

गीत म गायक पूछत हे के —

माता के जोत कऊन रंग के जलत हे, जंवारा कऊन रंग के हव अउ खप्पर कऊन बरन के हव।

उत्तर म बताय जाथे —

जोत लाल रंग के हव (शक्ति के प्रतीक)

जंवारा हरियर हव (समृद्धि अउ जीवन)

खप्पर करिया हव (संहार शक्ति)

अंत म गायक बताथे के ये सब महामाई, बुढ़ीमाई अउ काली माई बर होथे।

👉 मतलब ये गीत माता के तीनों रूप —

सृजन, पालन अउ संहार के दर्शन कराथे।

🟠 विशेषताएं (Features)

✔️ नवरात्रि विशेष जसगीत

✔️ जंवारा के धार्मिक महत्व बताथे

✔️ माता के तीन रूप (दुर्गा, काली, महामाया) के वर्णन

✔️ आसान अउ भावपूर्ण भाषा

✔️ गाँव-देहात म जादा गाये जाथे

✔️ भक्ति अउ लोकसंस्कृति के सुंदर संगम

🟤  छत्तीसगढ़ी कहानी

✨ जंवारा के हरियर मया – एक भक्ति कथा

छत्तीसगढ़ के एक छोटे गांव म अमरोली नाम के ठऊर रहिस। ओ गांव म हर साल नवरात्रि के बखत बहुत धूमधाम ले जंवारा बोये जाथे। गांव के हर घर म माता के जोत जलथे अउ भजन-कीर्तन गूंजथे।

ओही गांव म एक गरीब किसान रहिस — ओकर नाम रहिस सोहनलाल। सोहनलाल। बहुत श्रद्धालु मनखे रहिस, फेर ओकर जिनगी म बहुत दुख रहिस। खेती म नुकसान, घर म गरीबी अउ ऊपर ले बीमारी ले वो बहुत परेशान रहिस।

एक दिन गांव के बुजुर्ग कहिन —

सोहनलाल।, तंय नवरात्रि म माता के जंवारा बो अउ सच्चा मन ले सेवा कर, माता जरूर तोर दुख दूर करही।”

सोहनलाल। अपन आखरी आस ले जंवारा बोइस। वो रोज बिहान उठके माता के जोत जलाथे अउ गावत रहिस —

“लहराये जंवारा हरियर हरियर हो…”

दिन बीतत गिस। जंवारा धीरे-धीरे हरियर होवत गिस। जइसे-जइसे जंवारा बढ़त गिस, सोहनलाल। के मन म विश्वास घलो बढ़त गिस।

एक रात, जब वो जोत के आगू बैठ के भजन गावत रहिस, त अचानक एक उजाला फैल गिस। ओकर सामने महामाई प्रकट हो गइन।

माता कहिन —

सोहनलाल।, तैं सच्चा मन ले मोर सेवा करे हस, मंय तोर सब दुख दूर करहूं।”

सोहनलाल। रो पड़िस अउ कहिस —

“माई, मोला धन-दौलत नई चाही, बस मोर परिवार सुखी रहय।”

माता मुस्कुराइन अउ आशीर्वाद देके अदृश्य हो गइन।

दूसर दिन ले चमत्कार होय लागिस —

ओकर सूखा खेत म हरियर फसल लहराय लागिस

घर म सुख-शांति आ गे

बीमारी दूर होगे

गांव वाले सब ये देख के हैरान हो गइन। अब हर कोई जंवारा के महत्व ला समझे लागिस।

नवरात्रि के आखरी दिन, जब जंवारा विसर्जन होवत रहिस, सोहनलाल। फिर गावत रहिस —

“लहराये जंवारा हरियर हरियर हो…”

अब ये गीत सिरिफ गीत नई रहिस, बल्कि ओकर जिनगी के सच्चाई बन गे रहिस।

👉 गांव के लोगन कहिन —

“जंवारा हरियर रहिथे, त जीवन घलो हरियर हो जाथे।”

🔻 निष्कर्ष (Conclusion)

“लहराये जंवारा हरियर हरियर” जसगीत सिरिफ एक भजन नई, बल्कि माता के शक्ति, विश्वास अउ भक्ति के प्रतीक आय। ये गीत हमन ला सिखाथे के सच्चा मन ले पूजा करे ले जिनगी बदल सकथे।


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