हनुमान जनम ले/दिनेश जागड़े /पचरा जस गीत लिरिक्स

🚩🚩🚩हनुमान जनम- दिनेश जागड़े /पचरा जस गीत 🚩🚩🚩
हनुमान जनम ले कौने कारण बर हा | छत्तीसगढ़ी पचरा जस गीत |

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गीत - हनुमान जनम ले

गायक -दिनेश जागड़े 

म्यूजिक कंपनी-sks स्टूडियो cg 

गीतशैली-पचरा

वेबसाइट -www.cgjaslyrics.com 

वेबसाइट ऑनर -के के पंचारे 

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मुखड़ा 

हनुमान जनम ले कउने कारण बर हां -2 

उड़ान -कउने कारण बर हां -2 

 हनुमान जनम ले कउने कारण बर हां -2

अंतरा -1 

जब कउने नगर में राम जनम ले कउने में भारत भाई -2 

कउने में भारत भाई हो मईया कउने में भारत भाई 

कउने नगर में राम जनम ले कउने में भारत भाई

उड़ान -जब कउने नगर ले सिया जनम ले -----2 

कउने नगर में हां ---

हनुमान जनम ले कउने नगर में हां --2

अंतरा -2  

जब अवध पूरी में राम जनम ले वाहवा भारत भाई -2 

वाहवा भारत भाई हो मईया वाहवा भारत भाई

अवध पूरी में राम जनम ले वाहवा भारत भाई

उड़ान -जब जनकपुरी में  सिया जनम ले -----2 

बम्पा पूरी में हां ---

हनुमान जनम ले बम्पा पूरी में हां --2

अंतरा -3   

कौन  लगिन  में राम जनम ले कौन में भारत भाई -2 

कौन में भारत भाई हो मईया कौन में भारत भाई

कौन लगिन में राम जनम ले कौन में भारत भाई

उड़ान -जब  कौन लगिन में  सिया जनम ले -----2 

कौन लगिन में हां ---

हनुमान जनम ले लगिन में  हां --2

अंतरा -4    

नम्मी के दिन राम जनम ले दशमी भारत भाई -2 

दशमी भारत भाई हो मईया दशमी भारत भाई

नम्मी के दिन राम जनम ले दशमी भारत भाई

उड़ान -जब एकादशी को सिया जनम ले -----2 

दुवादशी में हां ---

हनुमान जनम ले दुवादशी में  हां --2

अंतरा -5     

कउन कारण बर राम जनम ले काबर भारत भाई -2 

काबर भारत भाई हो मईया काबर भारत भाई

कउन कारण बर  राम जनम ले काबर भारत भाई

उड़ान -जब कउन कारण बर सिया जनम ले ----2 

कउन कारण बर हां ---

हनुमान जनम ले कउन कारण बर  हां --2

अंतरा -6      

जगतारन बर राम जनम ले जस बर भारत भाई -2 

जस बर भारत भाई हो मईया जस बर भारत भाई

कउन कारण बर  राम जनम ले काबर भारत भाई

उड़ान -जब वन जाये बर सिया जनम ले ----2 

लंका दहन बर हां ---

            हनुमान जनम ले कउन कारण बर  हां --2                   

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       गीत के अर्थ (अर्थ - Meaning in Chhattisgarhi)

ये गीत मा हनुमान जी के जनम के कारण ला बताय गे हे। गीत मं बार-बार पूछे जाथे — “हनुमान जनम ले कउने कारण बर हां?”
इसका मतलब हेहनुमान जी काबर जनम लेन? कउन बखत मं, कउन कारण ले जगत मं आये रहिन?

गीत के अलग-अलग अंतरा मं बताय गे हे

1.      जब राम जी अवधी मा जनम लीन 

2.      सिया जी जनकपुरी मं जनम लीन 

3.      ओही बखत हनुमान जी के अवतार घलो होइस।

4.      भगवान राम अऊ माता सीता के सेवा बर, लंका दहन बर, अऊ जग तरन बर हनुमान जनम लेन।


🔱 गीत के महत्व (Mahatv - Importance)

  1. आध्यात्मिक महत्व:
    हनुमान जी के जन्म के कारण ला समझावत हे मनुष्य अऊ देवता दुनो के रक्षक हें।
  2. भक्ति भावना जगाथे:
    गीत सुनके मन भक्ति अऊ श्रद्धा ले भर जाथे।
  3. पचरा परंपरा के हिस्सा:
    ये गीत छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पचरा गायन शैली मं गाए जाथे, जऊन मं देवी-देवता के गुणगान होथे।
  4. संस्कृति के पहचान:
    छत्तीसगढ़ी संस्कृति मं जसगीत अऊ पचरा गीत के बड़ महत्व हे, अऊ ये गीत ओही धरोहर के हिस्सा हे।

गीत के विशेषता (Visheshta - Highlights)

1.      गीतशैली: पचरा (लोक भक्ति शैली)

2.      भावार्थ: भगवान हनुमान के जनम के रहस्य अऊ कारण के गाथा

3.      भाषा: शुद्ध छत्तीसगढ़ी लोकभाषा

4.      भक्ति भाव: राम-सिया-हनुमान के पावन कथा पर आधारित

5.      संगीत: पारंपरिक ढोलक, झांझ, मंजीरा अऊ छत्तीसगढ़ी तान मं तैयार


गीत के उद्देश्य (Udeshy - Purpose)

1.      हनुमान जी के अवतार के रहस्य ला लोकगीत के रूप मं बताय जावय।

2.      राम-सिया-हनुमान के संबंध अऊ जन्म कथा ला भावात्मक रूप मं प्रस्तुत करय।

3.      नवा पीढ़ी ला छत्तीसगढ़ी पचरा शैली अऊ लोक भक्ति के महत्ता समझाय।

4.      समाज मं भक्ति, श्रद्धा अऊ नैतिकता के संदेश फैलाय।

     

हनुमान जनम ले — छत्तीसगढ़ी भक्ति कथा

छत्तीसगढ़ के भक्ति गीतन मा  “हनुमान जनम ले कउने कारण बर हां” एक बहुत गजब के गीत आय।
ये गीत ह सिरिफ गाना नई, बल्कि भगवान हनुमान के अवतार के कथा ला जन-जन तक पहुंचाय के एक भक्ति यात्रा हे।
दिनेश जागड़े के मधुर आवाज मा गाए गे ये पचरा गीत मा, हर पंक्ति मा प्रश्न उठाय जाथे – “हनुमान जनम ले कउने कारण बर हां?”
अऊ ओही प्रश्न के जवाब मं ये कथा बने हे — भक्ति, सेवा अऊ त्याग के सजीव चित्र।


🌺 कथा के आरंभ

एक बखत के बात आय।
धरती पाप अऊ अन्याय ले भारी हो गे रहिस।
असुर मन बिन रोक-टोक के अत्याचार करत रहिन।
देवता मन, ऋषि-मुनि सब घबराय गे रहिन।
तब देवता मन ब्रह्मा जी, विष्णु जी अऊ महादेव जी के दरबार मा पहुंचिन अऊ कहिन —
“हे देव, अब धरती ला बचाय के उपाय करव। असुर मन ह अधर्मी होगे हें।”

तब भगवान विष्णु ह कहिन —
“अब मैं स्वयं राम रूप मा अवतार लेहूँ।”
ए बात सुनके देवता मन खुश होगे।
राम जनम लेन अवधपुरी (अयोध्या) मा ।
ओखर संग सिया जनम लेन जनकपुरी मा।
जइसे ये गीत कहिथे —

“जब अवध पूरी में राम जनम ले वाहवा भारत भाई,
जब जनकपुरी में सिया जनम ले, हनुमान जनम ले बम्पा पूरी में हां।”


🕊️ हनुमान जनम के कारण

देवता मन जानत रहिन —
राम जी के जीवन मा एक एसे भक्त के जरूरत हे जे मन अपन जीवन राम के सेवा मा समर्पित कर दे।
जे मन शक्ति, बुद्धि, अऊ भक्ति तीनों मा अनोखा होय।

एला देखके महादेव जी खुद विचार करिन —
“राम के सेवा बर तो खुद मा जाबे के चाही।”
अऊ ओमन अपन अंश ला अंजनी माता के गर्भ मा दे देथें।

अंजनी माता ह वायुवेग ले गर्भ धारण करथें —
अऊ ओखर पेट ले जन्म होथे हनुमान जी


🌞 हनुमान जी के बाल रूप के कथा

जब हनुमान जी छोटे रहिन, तब ओमन आकाश मा चमकत सूरज ला देखिन।
ओमन सोचिन — “ये तो पका फल जइसने दिखथे।”
अऊ उड़े बर लगिन सूरज ला पकड़ ले।

सूर्य देव डर गइन।
संपूर्ण ब्रह्मांड अंधकार मं डूब गे।
तब इंद्र देव ह वज्र से वार करिन अऊ हनुमान जी बेहोश होगे।
वायु देव ह अपन पुत्र ला घायल देखके बहुत दुखी होगे अऊ ओमन पूरी धरती ले हवा हटा लेथें।

सब देवता मन डर गइन।
तब ब्रह्मा जी अऊ विष्णु जी मिलके हनुमान जी ला वरदान देथें —
“हे वायुपुत्र, तैं अमर होबे। तेंकर नाम अऊ कीर्ति सदा जगत मं गूंजत रहिहे।”


🕉️ राम जन्म के संग हनुमान के उद्देश्य

ए गीत मं बताय गे हे कि —
राम जनम होथे एक जगह, सिया जनम होथे दूसर जगह, अऊ ओही बखत हनुमान जनम लेथें।

“जब कउने नगर में राम जनम ले,
जब कउने नगर में सिया जनम ले,
हनुमान जनम ले कउने नगर में हां।”

ए बात ला सुनके समझ मं आथे कि तीनों के जनम के समय एक गुप्त दिव्य संबंध रहिस।
राम बिना हनुमान अधूरे, अऊ हनुमान बिना राम के नाम अधूरा।
भगवान हनुमान ह राम अऊ सिया के सेवा बर जनम लेथें, जस गीत मं कहे गे —

“जगतारन बर राम जनम ले जस बर भारत भाई,
लंका दहन बर हनुमान जनम ले हां।”


🔥 भक्ति अऊ सेवा के प्रतीक

हनुमान जी के जीवन मा भक्ति अऊ सेवा के मिसाल मिलथे।
राम वनवास मा गइन, तब हनुमान ह ओमन के दूत बनके पहिली बखत मिलिन।
सिया के खोज मं ओमन समुंदर पार करिन अऊ लंका मं रावण के दरबार तक पहुंचिन।

जेन बखत ह सिया माता ला लंका मं कैद रखे गे रहिस, हनुमान जी ह ओखर लंका जलाके राम के शक्ति अऊ भक्ति के परिचय दीन।

ओमन कहिन —
“जय श्रीराम” कहिते लंका जल गीस, रावण के सेनामं डर समा गीस।
ए गीत के अंतरा ह ओही भाव ला बताथे —

“वन जाये बर सिया जनम ले, लंका दहन बर हां —
हनुमान जनम ले कउन कारण बर हां।”


🌸 हनुमान के चरित्र – निःस्वार्थ सेवा के प्रतीक

हनुमान जी ह कभू अपन शक्ति के घमंड नई करिन।
ओमन कहिन —
“राम के बिना मोर अस्तित्व नई। मोर जीवन तो ओखर नाम मं बसथे।”
एहा सच्ची भक्ति के मिसाल आय।

हनुमान जी ह अपन जीवन मं तीन वचन रखिन —

  1. ब्रह्मचर्य पालन,

  2. राम नाम के जाप,

  3. लोक कल्याण के सेवा

ओमन ह हर युग मं जीवित रहिन अऊ भक्त मन के दुख दूर करथें।


🌿 छत्तीसगढ़ी परंपरा मा हनुमान भक्ति

छत्तीसगढ़ के गांव-गांव मा हनुमान जी के मंदिर ह मिलथे।
मंगलवार अऊ शनिवार के दिन गांववाले मन ह तेल के दिया बालथें, झांझ-ढोलक के संग पचरा गावत हें।
दिनेश जागड़े जइसने गायक मन ह ये पारंपरिक भक्ति गीत ला अपन सुर मं गावत हें, ताकि नवा पीढ़ी ओला सुने अऊ अपन संस्कृति ला जिए।

“हनुमान जनम ले” गीत ओही परंपरा के बखान आय।
एमा बताय गे हे कि हनुमान जी के जनम सिरिफ एक दैवी घटना नई, बल्कि मानवता के रक्षा बर होइस।


🔱 कथानक के संदेश

ये कथा अऊ गीत दुनो एके बात सिखावथे —
जे मन अपन कर्म, निष्ठा अऊ भक्ति ला सच्चे मन ले निभाथे, ओ मन देवत्व पा जाथे।

हनुमान जी के जनम, ओमन के कार्य अऊ ओमन के भक्ति – ये सब मन ला सिखाथे कि –
भक्ति मं शक्ति हे, अऊ सेवा मं भगवान हे।


🌻 निष्कर्ष

“हनुमान जनम ले” गीत ह एक भक्ति गाथा आय जऊन मा  राम, सिया अऊ हनुमान के जनम के रहस्य ला छत्तीसगढ़ी पचरा गायन शैली मं गाए गे हे।
दिनेश जागड़े के आवाज मा गाए गे ये गीत ह मन मा श्रद्धा अऊ शांति के लहर फैला देथे।

हनुमान जी ह अपन भक्ति, विनम्रता अऊ सेवा भाव ले हमन ला सिखाथें कि –
भगवान तक पहुंचइया रास्ता सिरिफ भक्ति अऊ निष्ठा हे।

जे मन अपन मन के भीतर हनुमान के नाम ले प्रेम रखही, ओमन के जीवन मा कभू अंधकार नई रहय।
ए गीत ह ओही प्रकाश हे –
जे मन के भीतर भक्ति के दिया जलाथे।


🚩 जय श्रीराम 🚩
🚩 जय बजरंगबली 🚩

        


  

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