दुलरू लेवन बर हां /युकेश देवांगन/cg pachra jas lyrics
गीत -दुलरू लेवन बर हां
गायक -युकेश देवांगन
म्यूज़िक लेबल-पचरा जस गीत
वेबसाइट -www.cgjaslyrics.com
वेबसाइट ऑनर -केके पंचारे
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तुम चले महामाई
तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर हां
तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर हां
उड़ान -जब दुलरू लेवन बर हां
तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर हां
तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर हां
उड़ान -जब दुलरू लेवन बर हां
अंतरा -1
जब कामा रहिथे सातो बहनिया कामा रहिथे बराई
कामा रहिथे सातो बहनिया कामा रहिथे बराई
उड़ान -जब कामा रहिथे मोर महमाया दुलरू लेवन बर हां
तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर हां
तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर हां
अंतरा -2
जब लिमुआ में रहिथे सातो बहनिया अमुआ में रहिथे बराई
जब लिमुआ में रहिथे सातो बहनिया अमुआ में रहिथे बराई
उड़ान -जब हिंगलाज में मोर महमाया दुलरू लेवन बर हां
तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर हां
तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर हां
अंतरा -3
जब कामे चढ़ आये सातो बहनिया कामा चढ़के बराई
कामे चढ़ आये सातो बहनिया कामा चढ़के बराई
उड़ान -जब कामे चढ़ आये मोर महामाया दुलरू लेवन बर हां
तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर हां
तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर हां
अंतरा -4
जब बइला मे चढ़ आये सातो बहनिया मयूर में चढ़के बराई
बइला मे चढ़ आये सातो बहनिया मयूर में चढ़के बराई
उड़ान -जब सिंह में चढ़ आये मोर महामाया दुलरू लेवन बर हां
तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर हां
तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर हां
अंतरा -5
जब कउन बरन हे सातो बहनिया कउन बरन हे बराई
कउन बरन हे सातो बहनिया कउन बरन हे बराई
उड़ान -जब कउन बरन हे मोर महामाया दुलरू लेवन बर हां
तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर हां
तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर हां
अंतरा -6
जब देवी बरन हे सातो बहनिया देव बरन हे बराई
देवी बरन हे सातो बहनिया देव बरन हे बराई
उड़ान -जब काली बरन हे मोर महामाया दुलरू लेवन बर हां
तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर हां
तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर हां
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🌸 धार्मिक महत्व (महत्व)
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महामाया के महिमा – छत्तीसगढ़ म महामाया माता के विशेष पूजा होथे, खासकर दुर्गा पूजा अउ नवरात्रि म।
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सातो बहनिया परंपरा – गांव-गांव म सात बहिन देवी के मान्यता हवय।
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हिंगलाज धाम के उल्लेख – हिंगलाज माता मंदिर भारत के 51 शक्ति पीठ म से एक माने जाथे।
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सिंह सवारी – शक्ति, साहस अउ अन्याय के विनाश के प्रतीक।
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भक्ति अउ ममता – माता ला “दुलरू लेवन” कहिके पुकारना, अपन जीवन के दुख-सुख माता संग बांटना।
छत्तीसगढ़ म महामाया मंदिर रतनपुर बहुत प्रसिद्ध हवय, जिहां भक्त मन महामाया के दर्शन बर दूर-दूर ले आथें।
🌺 भावपूर्ण कहानी छत्तीसगढ़ी भाषा में
छत्तीसगढ़ के एक छोटे से गांव म रामसाय नाम के किसान रहत रहिस। ओकर घर म गरीबी जरूर रहिस, फेर भक्ति म कभू कमी नई रहिस। हर साल नवरात्रि म वो “तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर” जसगीत गावत रहिस।
एक बेर गांव म भयंकर सुखा पड़ गे। खेत सूख गइन, अनाज नई उपजिस। गांव वाले मन चिंता म पड़ गइन। रामसाय के घर म घलो अनाज खतम होवत रहिस। ओकर नानकन बेटी बीमार पड़ गे।
ओ रात वो सपना देखिस। सपना म सातो बहनिया दिखिन। कोनो कामा पहाड़ी ले उतरथे, कोनो अमुआ डार ले झूलथे, कोनो लिमुआ छांव म खड़े रहिथे। आखरी म सिंह ऊपर सवार महामाया माता दिखिन।
सपना टूटिस। बिहान होइस त रामसाय के बेटी के बुखार कम हो गे रहिस। दू दिन म वो पूरी तरह ठीक हो गे।
गांव म बरखा होइस। खेत लहलहा उठिन। सबके चेहरा म मुस्कान आ गे।
ए गीत सिरिफ शब्द नई आय, ये विश्वास आय। ये याद दिलाथे कि माता हर दुख दूर करे बर खुद चलके आथे।
🔔 निष्कर्ष
“तुम चले महामाई दुलरू लेवन बर” छत्तीसगढ़ी भक्ति संस्कृति के अनमोल धरोहर आय। ए गीत म महामाया, सातो बहनिया अउ शक्ति के अलग-अलग रूप के वर्णन हवय। ये गीत भक्त अउ माता के ममता भरे संबंध के प्रतीक आय।
अगर आप मन छत्तीसगढ़ी जसगीत, महामाया माता के कथा अउ सातो बहनिया के महिमा जानना चाहत हवव, त ए गीत जरूर सुनव अउ अपन मन म माता के नाम जपो।



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