तोला गुड़ गुड़ के | छत्तीसगढ़ी जस गीत लिरिक्स | राज मानिकपुरी | CGJasLyrics

तोला गुड़ गुड़ के – छत्तीसगढ़ी जस गीत लिरिक्स

छत्तीसगढ़ के माटी म माता रानी के भक्ति अउ जस गायन के परंपरा बहुते पुराना अउ अनमोल हे। एही भक्ति परंपरा ला आगे बढ़ावत गायक राज मानिकपुरी के आवाज म प्रस्तुत जस गीत “तोला गुड़ गुड़ के” माता जगदम्बा के महिमा अउ माटी ले माता के सुंदर प्रतिमा बनाय के भाव ला प्रकट करथे।
ए गीत म माटी, नदिया, पानी अउ श्रृंगार के माध्यम ले माता रानी के स्वरूप के मनमोहक वर्णन करे गे हे। जय माँ महामाया महिमा अपार जस झांकी परिवार बेन्द्रिकाला के भक्ति भाव ए गीत ला अउ खास बनाथे।

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गीत -तोला गुड़ गुड़ के
गायक -राज मानिकपुरी 
जय माँ महामाया महिमा अपार जस झांकी परिवार बेन्द्रिकाला
यूट्यूब -एनटीआर साहू 
वेबसाइट ऑनर -के के पंचारे  

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“तोला गुड़ गुड़ के” एक सुंदर छत्तीसगढ़ी भक्ति जस गीत आय। ए गीत म माता रानी ला माटी के बेटी के रूप म बनाय के कल्पना करे गे हे।
गीत के मुखड़ा म नदिया तीर के पिवरा माटी ले माता के स्वरूप बनाय के बात कहे गे हे। अऊ अंतरा म माता जगजननी के महिमा, लाली लुगरा, हरियर पोलखा, माटी के बिंदी, कजरा, गजरा अउ बाली के सुंदर श्रृंगार के वर्णन मिलथे।
ए गीत छत्तीसगढ़ के गांव-गांव म माता रानी के भक्ति अउ जस गायन के सांस्कृतिक भावना ला दर्शाथे।

तोला गुड़ गुड़ के – छत्तीसगढ़ी जस गीत लिरिक्स

मुखड़ा 
तोला गुड़ गुड़ के तोला जुड़ जुड़ के माटी के बेटी बनाव वो-2 
उड़ान -नदिया तीर के पिवरा माटी -2 
सुघ्घर मैंहा --------लाव 
 तोला गुड़ गुड़ के तोला जुड़ जुड़ के माटी के बेटी बनाव वो-2 
अंतरा -1 
यहो जगजननी माँ जगदम्बा वो ,महिमा तोर महान माँ 
 सगरो जिनिस चरा चर बगरे,अटल अजनम कुंवार माँ 
उड़ान -करसी मा सुघ्घर पानी लाके -2 
माटी ला मैंहा-------- मताव
 तोला गुड़ गुड़ के तोला जुड़ जुड़ के माटी के बेटी बनाव वो-2 
अंतरा -2 
यहो लाली लुगरा हरियर पोलखा,माटी के बिंदी सुहाय माँ 
आँखी के कजरा खोपा के गजरा,कान में बाली झुलाय माँ 
उड़ान -राज हां तोरे जस ला गाये  -2 
बेन्द्री मोर गांव -------- माँ 
 तोला गुड़ गुड़ के तोला जुड़ जुड़ के माटी के बेटी बनाव वो -2 

गीत के परिचय

ए गीत के भावार्थ म माता रानी के प्रति भक्त के अगाध प्रेम अउ समर्पण झलकथे।
गीत म भक्त कहिथे कि नदिया तीर के पिवरा माटी लाके, ओला गूंद-गूंद के माता रानी के सुंदर स्वरूप बनाहूं। माटी के माध्यम ले जगदम्बा के प्रतिमा बनाय के कल्पना छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन अउ माता सेवा के परंपरा ले जुड़े हे।
पहिली अंतरा म माता जगजननी के अपार महिमा के बखान करे गे हे। माता के शक्ति अउ संसार म व्याप्त स्वरूप ला नमन करे गे हे।
दूसरी अंतरा म माता के श्रृंगार के वर्णन हे। लाली लुगरा, हरियर पोलखा, माटी के बिंदी, आंखी म कजरा, खोपा म गजरा अउ कान म बाली पहिरे माता के सुंदर रूप के कल्पना करे गे हे।
गीत के माध्यम ले भक्त अपन गांव बेन्द्री म माता के जस गाके अपन श्रद्धा प्रकट करथे।
छत्तीसगढ़ म जस गीत माता रानी के भक्ति के एक महत्वपूर्ण लोक परंपरा आय। गांव-गांव म जस मंडली मन ढोलक, झांझ, मंजीरा अउ अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्र के संग माता के जस गाथें।
नवरात्रि, जंवारा, माता सेवा अउ धार्मिक आयोजन म जस गायन के विशेष महत्व रहिथे।
“तोला गुड़ गुड़ के” गीत म माटी ले माता के स्वरूप बनाय के भाव छत्तीसगढ़ के ग्रामीण संस्कृति के सुंदर झलक दिखाथे।
माटी हमर जीवन के आधार आय। एही माटी ले माता के प्रतिमा बनाय के कल्पना भक्ति, प्रकृति अउ लोकसंस्कृति के आपसी संबंध ला बताथे।

 गीत के विशेषता अउ महत्व

ए छत्तीसगढ़ी जस गीत के कुछ खास विशेषता ये हवंय:

  1. माता जगदम्बा के महिमा के सुंदर वर्णन।

  2. नदिया तीर के पिवरा माटी के सांस्कृतिक महत्व।

  3. माटी ले माता के प्रतिमा बनाय के भक्तिमय कल्पना।

  4. छत्तीसगढ़ी बोली के सरल अउ मधुर प्रयोग।

  5. माता रानी के पारंपरिक श्रृंगार के वर्णन।

  6. गांव बेन्द्री के धार्मिक पहचान।

  7. जस गायन के लोक परंपरा के संरक्षण।

  8. भक्त अउ माता के बीच श्रद्धा के संबंध।

ए गीत छत्तीसगढ़ी जस गायन के माध्यम ले हमर लोकसंस्कृति अउ माता भक्ति के भाव ला प्रस्तुत करथे।

 गायक के परिचय

राज मानिकपुरी – छत्तीसगढ़ी जस गीत गायक

राज मानिकपुरी छत्तीसगढ़ी जस गायन के माध्यम ले माता रानी के भक्ति भाव ला प्रस्तुत करे हवंय। “तोला गुड़ गुड़ के” गीत म उनके आवाज के माध्यम ले माटी ले माता के स्वरूप बनाय के कल्पना अउ माता के श्रृंगार के सुंदर वर्णन सुनइया मन तक पहुंचथे।

ए गीत जय माँ महामाया महिमा अपार जस झांकी परिवार बेन्द्रिकाला के भक्ति परंपरा ले जुड़े हे।

 गीत  कथा

माटी म बसे माता रानी के महिमा – एक भक्त के अनोखा भाव

छत्तीसगढ़ के एक छोटे से गांव बेन्द्रिकाला म माता रानी के भक्ति के सुंदर परंपरा रहिस। गांव के लोगन मन माता महामाया ला अपन गांव के रक्षक अउ परिवार के सुख-शांति के आधार मानत रहिन। गांव म जब नवरात्रि के समय आवय, त चारों मुड़ा भक्ति के माहौल बन जाय। घर-घर म जोत जलय, मंदिर म घंटी बाजय अउ जस मंडली मन माता के महिमा गावत रहिन।

एक दिन गांव के कुछ भक्त मन माता रानी के प्रतिमा बनाय के विचार करिन। सबो झन मिलके सोचिन कि ए बछर माता के स्वरूप अपन गांव के माटी ले बनाय जाही। गांव के एक भक्त नदिया तीर गिस। ओहा नदिया के किनारे पिवरा माटी देखिस। माटी ला अपन हाथ म धरके ओहा सोचे लगिस कि ए माटी हमर जीवन के आधार आय। एही माटी म हमर खेती होथे, एही माटी हमर घर बनाथे अउ एही माटी म हमर जिनगी के हर खुशी जुड़े हे।

भक्त मन मिलके नदिया तीर ले माटी लानिन। फेर सबो झन मिलके माटी ला गूंदे लगिन। कोनो पानी लावत रहिस, कोनो माटी तैयार करत रहिस, त कोनो माता के स्वरूप बनाय म सहायता करत रहिस। सबके मन म एके भाव रहिस कि माता रानी के सुंदर प्रतिमा बने।

जइसे-जइसे माटी के स्वरूप आकार लेवत गिस, भक्त मन के उत्साह बढ़त गिस। ओमन माता के चेहरा बनाइन, आंखी बनाइन अउ सुंदर श्रृंगार के तैयारी करिन।

एक भक्तिन कहिस कि माता ला लाली लुगरा पहिनाबो, हरियर पोलखा सजाबो अउ माथा म माटी के बिंदी लगाबो। दूसर भक्तिन कहिस कि माता के आंखी म कजरा अउ खोपा म गजरा सजही, त माता के रूप अउ सुंदर दिखही।

धीरे-धीरे माता के प्रतिमा तैयार होगे। पूरा गांव के लोगन मन माता के दर्शन करे बर पहुंचिन। जस मंडली के सदस्य मन ढोलक अउ झांझ के संग माता के जस गाना शुरू करिन।

गायक राज मानिकपुरी के आवाज म जब “तोला गुड़ गुड़ के तोला जुड़ जुड़ के माटी के बेटी बनाव वो” के भाव गूंजिस, त भक्त मन के मन म भक्ति के भावना अउ गहरा होगे।

सबो झन समझिन कि माता रानी के महिमा केवल सोना-चांदी के श्रृंगार म नइ, बल्कि सच्चा श्रद्धा अउ निर्मल मन म बसे रहिथे।

गांव के छोटे-छोटे लइका मन घलो माता के प्रतिमा देखके खुश होवत रहिन। बुजुर्ग मन कहिन कि हमर परंपरा अउ संस्कृति ला अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हमर जिम्मेदारी आय।

ओ दिन बेन्द्रिकाला गांव म माता रानी के जस चारों मुड़ा गूंजत रहिस। सबो भक्त मन एक साथ माता के जयकारा लगाइन।

ए कथा के सीख ए आय कि भक्ति म दिखावा ले जादा महत्व सच्चा मन, सेवा अउ श्रद्धा के होथे। हमर गांव के माटी, हमर बोली अउ हमर लोकगीत हमर संस्कृति के असली पहचान आय।

अक्सर पूछे जाथे (FAQ)

Q1. तोला गुड़ गुड़ के जस गीत के गायक कोन हे?

ए गीत के गायक राज मानिकपुरी हवंय।

Q2. तोला गुड़ गुड़ के गीत कऊन शैली के आय?

ए एक छत्तीसगढ़ी जस गीत आय।

Q3. ए गीत म कऊन देवी के महिमा गाये गे हे?

ए गीत म जगजननी माता जगदम्बा के महिमा गाये गे हे।

Q4. तोला गुड़ गुड़ के गीत म कऊन माटी के वर्णन हे?

ए गीत म नदिया तीर के पिवरा माटी के वर्णन हे।

Q5. ए गीत म माता के कइसन श्रृंगार के वर्णन हे?

ए गीत म लाली लुगरा, हरियर पोलखा, माटी के बिंदी, कजरा, गजरा अउ बाली के वर्णन हे।

Q6. ए गीत कऊन यूट्यूब चैनल ले जुड़े हे?

ए गीत के यूट्यूब जानकारी एनटीआर साहू के नाम ले प्राप्त हे।

Q7. तोला गुड़ गुड़ के गीत के वेबसाइट कोन हे?

ए गीत के लिरिक्स CGJasLyrics वेबसाइट म पढ़े जा सकथे।

Q8. ए गीत कऊन गांव के जस झांकी परिवार ले जुड़े हे?

जय माँ महामाया महिमा अपार जस झांकी परिवार बेन्द्रिकाला ले जुड़े हे।

माता रानी के भक्तिमय जस गीत 

१.डोंगरी पहाड़ 

२.देवी के सिंगारे बर 

३.काली चरण जुग हां 

४. चले चले माँ दुर्गा 

५.देवी के भुवन माँ 

CGJasLyrics के बारे म

CGJasLyrics – छत्तीसगढ़ी जस गीत लिरिक्स के अपन मंच

CGJasLyrics एक अइसन वेबसाइट आय, जिहां आप मन ला छत्तीसगढ़ी जस गीत, पचरा जस, आरती जस गीत, विसर्जन जस गीत अउ पारंपरिक भक्ति गीत के लिरिक्स पढ़े बर मिलथे।

हमर प्रयास हे कि छत्तीसगढ़ी लोकगीत, माता रानी के जस अउ हमर लोकसंस्कृति के अनमोल धरोहर ला डिजिटल माध्यम ले सबो मनखे तक पहुंचाय जा सके।

वेबसाइट: www.cgjaslyrics.com

वेबसाइट ऑनर: के के पंचारे

 YouTube चैनल के बारे म

ए गीत के यूट्यूब जानकारी एनटीआर साहू के नाम ले प्राप्त हे। माता रानी के जस, छत्तीसगढ़ी भक्ति गीत अउ पारंपरिक गायन सुने बर संबंधित यूट्यूब चैनल ला जरूर देखव।

कॉपीराइट अउ स्रोत जानकारी

गीत के नाम: तोला गुड़ गुड़ के
गायक: राज मानिकपुरी
जस झांकी परिवार: जय माँ महामाया महिमा अपार जस झांकी परिवार बेन्द्रिकाला
यूट्यूब स्रोत: एनटीआर साहू
लिरिक्स वेबसाइट: CGJasLyrics
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