कंकालिन मोरे माया चले हो रण में | विनोद देवांगन जस गीत

कंकालिन मोरे माया चले हो रण में – छत्तीसगढ़ी जस गीत

 🙏 जय जगदम्बा🙏जय महाकाली 🙏

छत्तीसगढ़ के भक्ति अउ जस गायन के ए सुंदर गीत “कंकालिन मोरे माया चले हो रण में” म माता कंकालिन, महाकाली अउ दुर्गा भवानी के अद्भुत शक्ति के वर्णन करे गे हे। ए गीत म माता के रौद्र रूप, दानव मन के संहार अउ भक्त मन के श्रद्धा ला छत्तीसगढ़ी बोली म प्रस्तुत करे गे हे।

गीत के बारे म

ए जस गीत म माता कंकालिन के रणभूमि म चले के वर्णन करे गे हे। गीतकार राम विलास जी माता के महाकाली रूप, चार भुजा, शूल, खप्पर अउ दानव मन के संहार के चित्रण करे हें।

गीत के अलग-अलग अंतरा म माता के रौद्र रूप के संग-संग भक्त मन के श्रद्धा घलो दिखाई देथे। गीत के आखिरी हिस्सा म दास विलास माता के चरन म हाथ जोड़ के अरजी करथे।

गायक विनोद देवांगन के ए गीत के माध्यम ले भक्त मन माता के महिमा के सुमिरन कर सकथें।

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गीत -कंकालिन मोरे माया 

गायक -विनोद देवांगन 

गीतकार -राम विलास जी 

यूट्यूब -Vinod Dewangan Official

वेबसाइट ऑनर -के के पंचारे

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 कंकालिन मोरे माया 

कंकालिन मोरे माया चले हो रण में -2 

उड़ान -यहो लागे मन सुमिरम में 

kkPanchare //1 //cgjaslyrics

यहो रूप विकत जब धरे महाकाली 

यहो अधर अधर चले मारे किलकारी 

यहो मारे किलकारी हो मईया मारे किलकारी -2 

उड़ान -जब भूषण समाये अंग में

 कंकालिन मोरे माया चले हो रण में 

//2//

यहो खाड़ा खप्पर धरे जीभ निकाले 

यहो चार भुजा हे धरे शूल विकराले 

यहो शूल विकराले हो मईया शूल विकराले  -2 

उड़ान -यहो असुरन संहारे रण में

 कंकालिन मोरे माया चले हो रण में 

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यहो संग संग जोगनी नाचे वीर बैताले 

यहो बैरी तैहा मारे रण में बने तै महाकाले 

यहो शूल विकराले हो मईया शूल विकराले  -2 

यहो बने तै महाकाले हो मईया बने तै महाकाले 

उड़ान - रुधिर बहाये रण में 

 कंकालिन मोरे माया चले हो रण में

//4 //

यहो डोंगरी पहाड़ सरी लाश दिखत हे 

यहो धरधर दानव खाये देख भागत हे 

यहो देख भागत हे हो मईया देख भागत हे   -2 

उड़ान -यहो त्राही त्राही मचे रण में  

 कंकालिन मोरे माया चले हो रण में

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यहो जय जगदम्बा हो मईया दुर्गा भवानी 

यहो महाशक्ति के मईया तुम हो खानी 

यहो तुम हो खानी हो मईया तुम हो खानी -2 

उड़ान -यहो व्यापक जगत जन में 

 कंकालिन मोरे माया चले हो रण में

//6 //

यहो दास विलास हो मईया दुई कर जोड़े 

यहो देवता धामी जनजन अर्जी करे तोरे 

यहो  अर्जी करे तोरे हो मईया  अर्जी करे तोरे -2 

उड़ान -यहो गाये गीत चरनन में 

 कंकालिन मोरे माया चले हो रण में

उड़ान -यहो लागे मन सुमिरम में 

 कंकालिन मोरे माया चले हो रण में

 कंकालिन मोरे माया चले हो रण में

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गीत के भावार्थ

ए गीत के भाव हे कि जब-जब संसार म अधर्म अउ अन्याय बढ़थे, तब माता अपन शक्ति के माध्यम ले दुष्ट शक्ति मन के नाश करथें। गीत म माता कंकालिन के महाकाली रूप ला बहुत शक्तिशाली बताये गे हे।

  • महाकाली के रौद्र रूप: माता के विकराल रूप दुष्ट मन म भय पैदा करथे।

  • दानव मन के संहार: माता अपन शूल अउ दिव्य शक्ति ले अधर्म के मुकाबला करथें।

  • जोगनी अउ बैताल: ए वर्णन देवी के रौद्र रूप अउ रणभूमि के वातावरण ला दर्शाथे।

  • जगदम्बा के महिमा: माता ला संसार के महाशक्ति अउ सबके रक्षक के रूप म स्मरण करे गे हे।

  • भक्त के अरजी: आखिरी अंतरा म भक्त माता के चरन म हाथ जोड़ के अपन श्रद्धा अर्पित करथे।

ए गीत के संदेश आय कि मनखे ला सच्चाई, धर्म अउ भक्ति के राह म चलना चाही।

 छत्तीसगढ़ी परंपरा अउ जस गायन

छत्तीसगढ़ म जस गीत के अपन अलग पहचान हे। गाँव-गाँव म माता सेवा, जस झांकी, नवरात्रि अउ धार्मिक आयोजन के समय जस गायन करे जाथे।

जस गीत म ढोलक, झांझ, मंजीरा अउ अन्य वाद्य यंत्र के संग देवी के महिमा गाये जाथे। गायक मुखड़ा गाथे अउ संग म उपस्थित भक्त मन सुर मिलाथें।

“कंकालिन मोरे माया चले हो रण में” जइसन गीत छत्तीसगढ़ी लोकभक्ति के परंपरा ला आगू बढ़ाय म योगदान देथें। अइसन गीत मन म स्थानीय बोली, देवी भक्ति अउ लोक संस्कृति के सुंदर मेल देखे बर मिलथे।

गीत के विशेषता अउ महत्व

1. माता के शक्ति के वर्णन: गीत म महाकाली के रौद्र अउ शक्तिशाली रूप के चित्रण हे।

2. छत्तीसगढ़ी बोली के मिठास: गीत के शब्द मन स्थानीय बोली अउ लोकगायन के रंग ला सामने लाथें।

3. भक्ति अउ श्रद्धा: गीत के मुखड़ा माता के सुमिरन करे के प्रेरणा देथे।

4. जस गायन के परंपरा: गीत देवी सेवा अउ जस कार्यक्रम म गाये बर उपयुक्त हे।

5. धार्मिक भावना: गीत भक्त मन ला माता के महिमा अउ धर्म के महत्व के सुमिरन कराथे।

माता कंकालिन के शक्ति अउ भक्ति के कथा

बहुत पुरानी बात आय। एक ठन गाँव म मनखे मन माता जगदम्बा के बड़े भक्त रहिन। गाँव के चारों मुड़ा हरियर पेड़, खेत-खार अउ पहाड़ी रहिस। गाँव के लोगन अपन दिन के शुरुआत माता के सुमिरन करके करंय। कोनो खेत जाय, कोनो घर के काम करय, त कोनो अपन परिवार के सुख-शांति बर माता के पूजा करय।

गाँव के बुजुर्ग मन अपन लइका मन ला बतावंय कि माता दुर्गा अउ महाकाली अधर्म के नाश करेइया शक्ति आयं। जब मनखे के मन म घमंड, अन्याय अउ लालच बढ़ जाथे, तब ओकर परिणाम समाज ला भोगे बर पड़थे। एखर से सबो झन ला दया, सच्चाई अउ एक-दूसर के सम्मान करे के सीख लेनी चाही।

एक दिन गाँव म माता के जस कार्यक्रम रखे गिस। गाँव के मनखे मन मिल-जुल के पूजा के तैयारी करिन। मंदिर ला फूल, दीया अउ चुनरी ले सजाय गिस। संझा के बेरा ढोलक अउ झांझ के आवाज गूंजे लगिस। गायक माता के महिमा के जस गाये लगिस।

तभे जस के मुखड़ा गूंजिस – “कंकालिन मोरे माया चले हो रण में।” गीत सुनके भक्त मन माता के महाकाली रूप के कल्पना करिन। गीत के अंतरा म माता के चार भुजा, हाथ म शूल अउ खप्पर धरे रूप के वर्णन होवत रहिस। भक्त मन समझिन कि ए रूप बुराई के खिलाफ खड़े होय के प्रतीक आय।

गीत म रणभूमि के दृश्य बताय गे हे, जिहाँ माता दुष्ट शक्ति मन के मुकाबला करथें। जोगनी अउ बैताल के वर्णन गीत ला लोकभक्ति के खास रंग देथे। भक्त मन ए सबो चित्रण ला देवी के शक्ति अउ अधर्म ऊपर धर्म के विजय के प्रतीक मानथें।

जस के आखिरी अंतरा म भक्त दास विलास माता के चरन म हाथ जोड़ के अरजी करथे। ए दृश्य मनखे ला सिखाथे कि शक्ति के संग विनम्रता घलो जरूरी हे। मनखे जतेक बड़े पद म पहुँच जाय, ओला अपन संस्कार अउ दूसर मन के प्रति सम्मान ला नइ छोड़ना चाही।

कार्यक्रम के आखिरी म सबो झन जय जगदम्बा अउ जय महाकाली के जयकारा लगाइन। गाँव के बुजुर्ग मन लइका मन ला समझाइन कि माता के भक्ति के असली अर्थ केवल पूजा-पाठ नइ, बल्कि दूसर के दुख म साथ देना, कमजोर मन के रक्षा करना अउ सच्चाई के राह म चलना घलो आय।

ए कथा के भाव गीत के संदेश ले प्रेरित हे। एला गीतकार के प्रमाणित मूल कथा नइ समझे जाय। गीत के माध्यम ले भक्त माता के शक्ति, दया अउ धर्म के महिमा के सुमिरन कर सकथें।

 अक्सर पूछे जाथे (FAQ)

प्रश्न 1: कंकालिन मोरे माया चले हो रण में गीत के गायक कोन हें?

उत्तर: ए गीत के गायक विनोद देवांगन हें।

प्रश्न 2: ए गीत के गीतकार कोन हें?

उत्तर: ए गीत के गीतकार राम विलास जी हें।

प्रश्न 3: कंकालिन मोरे माया चले हो रण में कइस प्रकार के गीत आय?

उत्तर: ए छत्तीसगढ़ी देवी जस गीत आय, जेमे माता महाकाली के शक्ति अउ महिमा के वर्णन हे।

प्रश्न 4: ए गीत ला कहाँ सुन सकथन?

उत्तर: गीत के दिये गे YouTube चैनल “Vinod Dewangan Official” म खोज के देख सकथव।

प्रश्न 5: ए गीत म कोन देवी के महिमा बताय गे हे?

उत्तर: गीत म माता कंकालिन, महाकाली अउ दुर्गा भवानी के शक्ति के वर्णन हे।

प्रश्न 6: ए गीत के मुख्य संदेश का आय?

उत्तर: गीत धर्म, भक्ति, माता के शक्ति अउ अधर्म के नाश के भाव ला सामने लाथे।

प्रश्न 7: ए गीत के पूरा बोल कहाँ पढ़े बर मिलही?

उत्तर: ए पोस्ट म गीत के पूरा बोल CGJasLyrics वेबसाइट म पढ़े बर मिलही।

माता रानी के अउ जस गीत मन घलो पढ़व 👇

  1. डोंगरी पहाड़ म हा

  2. देवी के सिंगारे बर

  3. मोर दुर्गा मईया

  4. मोरो मन हुलसे

  5. देवी पार्वती हा

  6. हनुमान जनम ले

 CGJasLyrics के बारे म

CGJasLyrics छत्तीसगढ़ी जस गीत, देवी भजन अउ लोकभक्ति के गीत मन ला एके जगह म पढ़े के माध्यम आय। इहाँ पाठक मन छत्तीसगढ़ी गीत के बोल, गीत के जानकारी अउ देवी-देवता के भक्ति ले जुड़े लेख पढ़ सकथें।

हमर प्रयास हे कि छत्तीसगढ़ी लोकभाषा अउ जस गायन के परंपरा ऑनलाइन दुनिया म बने रहय अउ नवा पीढ़ी घलो अपन संस्कृति ले जुड़े रहय।

वेबसाइट ऑनर – के के पंचारे

 YouTube चैनल के बारे म

YouTube चैनल – Vinod Dewangan Official

ए गीत के जानकारी म दिये गे YouTube चैनल के नांव Vinod Dewangan Official आय। पाठक मन ए नांव ला YouTube म खोज के गीत के वीडियो उपलब्ध हे कि नइ, देख सकथें।

गीत के वीडियो ए पोस्ट म जोड़े के समय मूल वीडियो के सही लिंक, चैनल के नांव अउ उपलब्धता के जाँच जरूर कर लेवव।

कॉपीराइट अउ स्रोत जानकारी

गीत के नांव: कंकालिन मोरे माया चले हो रण में

गायक: विनोद देवांगन

गीतकार: राम विलास जी

वीडियो स्रोत/YouTube चैनल: Vinod Dewangan Official

वेबसाइट ऑनर: के के पंचारे

CGJasLyrics म गीत के जानकारी पाठक मन ला छत्तीसगढ़ी जस गीत के बोल अउ कलाकार संबंधी विवरण पढ़े के सुविधा देय बर प्रस्तुत करे जाथे। गीत के मूल बोल, धुन, गायन अउ वीडियो के अधिकार संबंधित अधिकारधारी मन के पास हे 

जय माता दी! 🙏 जय जगदम्बा! जय महाकाली!

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भुगते ला परही रे संगी लिरिक्स | विनोद देवांगन | कमलेश सिन्हा | CG Jas Lyrics

भुगते ला परही रे संगी – छत्तीसगढ़ी जस गीत 

गीत के परिचय

“भुगते ला परही रे संगी” एक भावपूर्ण छत्तीसगढ़ी जस गीत आय, जे मनखे ला अपन करम के फल के बारे म सोचय बर प्रेरित करथे। ए गीत म जिनगी के सच्चाई, धन-दौलत के घमंड, माया-मोह अउ दाई-ददा के सेवा के महत्व ला छत्तीसगढ़ी बोली म समझाय गे हे।

भुगते ला परही रे संगी छत्तीसगढ़ी जस गीत गायक विनोद देवांगन

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गीत -भुगते ला परही रे संगी 

गायक -विनोद देवांगन 

गीतकार -कमलेश सिन्हा 

शिव शक्ति स्व.नानक अमर परिवार सुकुलदैहान

यूट्यूब -विनोद देवांगन ऑफिसियल 

वेबसाइट ऑनर -के के पंचारे 

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गीत के बारे म

छत्तीसगढ़ी म कहे गे हे कि मनखे जइसन करम करथे, ओइसने फल पाथे। ए गीत के मुखड़ा “भुगते ला परही रे संगी, करम के भुगतना ला भुगते परही ना” मनखे ला अपन जिनगी के करनी ऊपर विचार करे बर कहिथे।

धन-दौलत, रूप अउ माया के घमंड हमेशा बर नइ रहय। आखिर म मनखे के संग ओकर करम, ओकर व्यवहार अउ दूसर मन के प्रति ओकर भावना रहिथे। ए गीत ह घमंड छोड़के अच्छा करम करे के सीख देथे।

मुखड़ा 

भुगते ला परही रे संगी करम के भुगतना ला भुगते परही ना -2 

उड़ान -नई घटे रति राई एकोदिन

नई घटे----------

नई घटे रति राई एकोदिन

जिव हा कइसे ,तरही रे ----भुगते ला परही 

भुगते ला परही रे संगी करम के भुगतना ला भुगते परही ना

अंतरा -1 

कोन जनि का करनी करम के ये मानुष तन पाये हन ! 

माया मोह मा भुलाके संगी विरथा जनम गवाये हन !!

धन के रहत ले करेव गुमानी करम के सुध ला भुलाये हन! 

गजब बनेव अभिमानी बैरी पापी चोला कहाये हन !!

उड़ान -नई चलही तोर थोरको फुटानी 

नई चलही-----------

नई चलही तोर थोरको फुटानी 

विधि के लेख जब अड़ही रे----भुगते ला परही

भुगते ला परही रे संगी करम के भुगतना ला भुगते परही ना

cgjaslyrics अंतरा -2 kkpanchare 

जीयत ले तैहा उतलंग करे अजब करे करू भाग गा 

यम के डोरी किजरत हावे देखत हावे ताक गा 

माटी के काया के हां पटही तन होही तोर राख गा 

नई रही तोर आरो लेवईहा करम रही साथ गा 

उड़ान -माया मिलौनी एक दिन छूटहि -2

माया मिलौनी-----

माया मिलौनी एक दिन छूटहि

तनले जीव हां निकलही रे---भुगते ला परही

भुगते ला परही रे संगी करम के भुगतना ला भुगते परही ना

अंतरा -3 

तिरिरा मया मा अड़हा परानी दाई ददा ला भुलाये हे 

जनम देवईया ला नी ठोरो जाने पर के बुध मा आये हे 

दाई ददा के करले सेवा भगवन इही मां समाये हे 

चारो धाम अउ सरग दुवरिया गणपति ईही ला बताये हे 

उड़ान -कतको करले वर के खानी

कतको करले--------

कतको करले वर के खानी

करम तोर दिखहि रे ----भुगते ला परही

भुगते ला परही रे संगी करम के भुगतना ला भुगते परही ना

अंतरा -4 

तोर छत छईहा माया होथे समय के बड़ परमानी जी 

सत करम ला करले संगी धन होही जिनगानी जी 

जस करनी तस फल ला पाबे चारो जुग के भखानी जी 

विपत परे मा हरी ला सुमरबे नई होवय तोर हानि जी 

उड़ान -कपिल कमल सतसत लिखही  

कपिल कमल ---------

कपिल कमल सतसत लिखही  

विनोद कइसे भुनहि रे -----भुगते ला परही

भुगते ला परही रे संगी करम के भुगतना ला भुगते परही ना

 गीत के भावार्थ

ए गीत के भाव ये आय कि मनखे ला अपन करम के फल एक न एक दिन भोगे बर पड़थे। जिनगी म धन-दौलत अउ पद के घमंड करके दूसर मन ला दुख देना ठीक नइ हे। समय बदलथे अउ दुनिया के माया एक दिन छूट जाथे।

गीत म दाई-ददा के सेवा ला भगवान के सेवा के बरोबर माने गे हे। एखर संदेश हे कि मनखे ला अपन माता-पिता के सम्मान करना चाही, सच्चाई के रद्दा म चलना चाही अउ जरूरतमंद मन के मदद करना चाही।

 छत्तीसगढ़ी परंपरा अउ जस गायन

छत्तीसगढ़ म जस गीत के अपन अलग पहचान हे। गांव-गांव म माता सेवा, जस झांकी अउ धार्मिक आयोजन के समय जस गायन करे जाथे। ए गीत मन म भक्ति के संग-संग जिनगी जिये के सीख घलो मिलथे।

“भुगते ला परही रे संगी” जइसन गीत मनखे ला अपन व्यवहार सुधारे, बड़का मन के आदर करे अउ अच्छा करम करे के प्रेरणा देथे।

 गीत के विशेषता अउ महत्व

  • करम अउ ओकर फल के संदेश।
  • माया-मोह अउ घमंड के सच्चाई।
  • दाई-ददा के सेवा के महत्व।
  • छत्तीसगढ़ी बोली म सरल अउ प्रभावशाली प्रस्तुति।
  • भक्ति के संग जीवन के सीख।
  • मनखे ला आत्मचिंतन करे बर प्रेरित करेइया गीत।

 गीतकार के परिचय – कमलेश सिन्हा

कमलेश सिन्हा ए गीत के गीतकार हवंय। “भुगते ला परही रे संगी” के बोल म करम, मानव जीवन, माता-पिता के सेवा अउ नैतिक जिम्मेदारी जइसन विषय मन ला जगह मिले हे।

गीतकार के जनम-स्थान, व्यक्तिगत जीवन अउ अउ दूसर रचना के सत्यापित जानकारी उपलब्ध होय पर इहां जोड़े जा सकथे।

 गायक के परिचय – विनोद देवांगन

विनोद देवांगन ए छत्तीसगढ़ी गीत के गायक हवंय। ए गीत के माध्यम ले करम के फल अउ जिनगी के सच्चाई ला छत्तीसगढ़ी श्रोता मन तक पहुंचाय गे हे।

YouTube चैनल: विनोद देवांगन ऑफिसियल

गायक के अउ गीत सुने बर उनके आधिकारिक YouTube चैनल म उपलब्ध वीडियो मन देख सकथव।

 गीत ले जुड़त कथा – करम के फल

एक गांव म एक मनखे रहय। ओकर करा धन-दौलत के कमी नइ रहिस। धीरे-धीरे ओहा अपन धन के घमंड करे लगिस। अपन ले गरीब मन ला छोट समझय अउ अपन दाई-ददा के बात मन ला घलो अनदेखा करय। ओला लगय कि पैसा रहिही त सब कुछ मिल जाही।

ओही गांव म एक दूसर मनखे रहय, जेकर करा जादा धन नइ रहिस, फेर ओहा मेहनत करय, बड़का मन के आदर करय अउ जरूरतमंद मन के मदद करय। गांव के लोगन ओला मान-सम्मान देवय।

समय बीतत गिस। पहिली मनखे के धन धीरे-धीरे कम होय लगिस। जेन मनखे मन पहिली ओकर आगे-पीछे घूमय, ओमन घलो दूरिहा हो गे। तब ओला समझ म आइस कि धन के घमंड करे के बजाय अच्छा व्यवहार अउ सच्चा करम जरूरी रहिथे।

एक दिन ओहा अपन गलती ला समझिस अउ दाई-ददा के सेवा करे लगिस। दूसर मन के संग अच्छा व्यवहार करिस अउ अपन जिनगी ला सुधारे के कोसिस करिस।

ए कथा के सीख ये आय कि जिनगी म कोनो घमंड नइ करना चाही। धन-दौलत हमेशा नइ रहय, फेर अच्छा करम के असर दूसर मन के जिनगी म बने रहिथे। एखरे सेती कहे जाथे—करम जइसन करबो, फल ओइसने पाबो।

 अक्सर पूछे जाथे (FAQ)

प्रश्न 1: “भुगते ला परही रे संगी” गीत के गायक कोन हवंय?

उत्तर: ए गीत के गायक विनोद देवांगन हवंय।

प्रश्न 2: ए गीत के गीतकार कोन आय?

उत्तर: ए गीत के गीतकार कमलेश सिन्हा हवंय।

प्रश्न 3: ए गीत म का संदेश दे गे हे?

उत्तर: ए गीत म करम के फल, घमंड के नुकसान अउ दाई-ददा के सेवा के महत्व बताय गे हे।

प्रश्न 4: ए गीत के YouTube चैनल के नांव का आय?

उत्तर: विनोद देवांगन ऑफिसियल।

प्रश्न 5: ए गीत के पूरा लिरिक्स कहां पढ़ सकथन?

उत्तर: ए पेज म “भुगते ला परही रे संगी” गीत के पूरा उपलब्ध बोल पढ़ सकथव।

प्रश्न 6: ए गीत के मुख्य सीख का आय?

उत्तर: मनखे ला अच्छा करम करना, माता-पिता के सम्मान करना अउ घमंड ले बांचे रहना चाही।

 CGJasLyrics के बारे म

CGJasLyrics छत्तीसगढ़ी जस गीत, माता सेवा गीत, पचरा जस, आरती, पारंपरिक भजन अउ छत्तीसगढ़ी भक्ति गीत के लिरिक्स पढ़े बर बनाय गे वेबसाइट आय।

इहां पाठक मन अपन पसंद के गीत के बोल पढ़ सकथें अउ छत्तीसगढ़ी लोकभक्ति संगीत के परंपरा ले जुड़ सकथें।

वेबसाइट ऑनर: के के पंचारे

वेबसाइट: www.cgjaslyrics.com

 YouTube चैनल के बारे म

ए गीत के वीडियो विनोद देवांगन ऑफिसियल YouTube चैनल म खोजे जा सकथे। गायक के प्रस्तुति सुने बर YouTube म गीत के पूरा नांव लिखकर खोजव।

गीत के सही वीडियो URL मिले के बाद इही जगह वीडियो एम्बेड कर सकथव, ताकि पाठक मन लिरिक्स पढ़त-पढ़त गीत घलो सुन सकंय।

 कॉपीराइट अउ स्रोत जानकारी

गीत के नांव: भुगते ला परही रे संगी
गायक: विनोद देवांगन
गीतकार: कमलेश सिन्हा
वीडियो स्रोत: विनोद देवांगन ऑफिसियल
वेबसाइट ऑनर: के के पंचारे
वेबसाइट: CGJasLyrics.com