आगे परब नवरात के दाई – भूषण यादव के छत्तीसगढ़ी जस गीत लिरिक्स | CG Jas Lyrics

आगे परब नवरात के दाई – छत्तीसगढ़ी जस गीत लिरिक्स 

आगे परब नवरात के दाई छत्तीसगढ़ी जस गीत, गायक भूषण यादव, माता दुर्गा नवरात्रि भक्ति गीत पोस्टर।

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गीत -आगे परब नवरात के दाई

गायक -भूषण यादव 

यूट्यूब -keshav video world

वेबसाइट -cgjaslyrics 

वेबसाइट ऑनर -के के पंचारे  

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मया म भरे माता रानी के नवरात्रि जस गीत

छत्तीसगढ़ के माटी म माता रानी के भक्ति के अलग पहिचान हे। नवरात्रि के पावन परब आवत ही गांव-गांव म धरम ध्वजा लहराथे, मंदिर म जोत जलथे अउ माता सेवा के गीत गूंजे लगथे। येही भक्ति अउ श्रद्धा के भाव ला अपन सुरीला आवाज म सजाय हे गायक भूषण यादव ह।

आगे परब नवरात के दाई गीत म नवरात्रि के तैयारी, माता के मूर्ति निर्माण, विधि-विधान ले पूजा-पाठ अउ भक्त मन के श्रद्धा के सुंदर वर्णन करे गे हे।

मुखड़ा 

आगे परब नवरात के दाई धरम ध्वजा फहराये वो --वो 

जगमग जोत जलाये हो माया मोर माटी के दुर्गा पुजाये हो माँ 

आगे परब नवरात के दाई धरम ध्वजा फहराये वो --वो 

जगमग जोत जलाये हो माया मोर माटी के दुर्गा पुजाये हो माँ 

अंतरा -1 

मूर्ति बनइया पहली माटी ला मताये वो 

गड़गड़ के मूर्ति ला दुर्गा के बनाये वो 

उहाले सेउक मन हां दाई तोला लाये वो 

जुरमिल के जम्मो झन हां मूर्ति ला मढ़ाये वो

उड़ान - गुनी बामन ल बलाके पूजा ल कराये वो -- 

जगमग जोत जलाये हो माया मोर माटी के दुर्गा पुजाये हो माँ 

आगे परब नवरात के दाई धरम ध्वजा फहराये वो --वो 

अंतरा -2  

नव रूप म दुर्गा दाई पुजाये वो तैहर 

तभे जग म दुर्गा कहाये मान पाये घरो घर 

नरनारी आये दाई मंदिर म दरसन बर 

भोग मिठाई ला लाके चढ़ाये पान फूल अउ नरियर 

उड़ान - हुम् अगियारी जलाये श्रद्धा ले माथ नवाये वो -- 

जगमग जोत जलाये हो माया मोर माटी के दुर्गा पुजाये हो माँ 

आगे परब नवरात के दाई धरम ध्वजा फहराये वो --वो 

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गीत के अर्थ

ये गीत के माध्यम ले गायक ह नवरात्रि परब के आवे के खुशी अउ माता रानी के भक्ति ला प्रकट करे हे।

  • आगे परब नवरात के दाई: नवरात्रि के पावन तिहार अब आवत हे, भक्त मन माता के स्वागत बर उत्साहित हें।

  • धरम ध्वजा फहराये: माता के मंदिर अउ पूजा स्थल म धार्मिक ध्वजा लहराये के तैयारी होवत हे।

  • जगमग जोत जलाये: माता के आराधना बर घर-घर अउ मंदिर म ज्योत जलाये जाथे।

  • मूर्ति बनइया: कुम्हार मन श्रद्धा ले माटी के माता दुर्गा के प्रतिमा बनाथें।

  • जुरमिल के जम्मो झन: गांव के मनखे मन एकजुट होके माता के सेवा अउ श्रृंगार करथें।

  • नव रूप म दुर्गा दाई: माता के नौ रूप के पूजा करके भक्त मन अपन श्रद्धा प्रकट करथें।

  • अगियारी अउ माथा नवाना: भक्त मन हवन-अगियारी करके माता के चरण म अपन माथा नवाथें।

छत्तीसगढ़ी परंपरा म नवरात्रि के महत्व

छत्तीसगढ़ के गांव-गांव म नवरात्रि के परब बड़े श्रद्धा अउ उत्साह ले मनाये जाथे। ये समय म मंदिर मन ला सजाये जाथे, धरम ध्वजा फहराये जाथे अउ माता के सेवा बर जोत जलाये जाथे।

कई गांव म जस गीत, पचरा गीत अउ देवी भजन के आयोजन होथे। सेवा मंडली मन एक संग मिलके माता के जस गाथें। माटी के मूर्ति बनाये के परंपरा ह हमर गांव के कारीगर मन के कला अउ मेहनत ला घलो दिखाथे।

नवरात्रि ह केवल पूजा-पाठ के परब नोहे, बल्कि एकता, सहयोग, श्रद्धा अउ संस्कृति ला बनाय रखे के अवसर घलो आय।

गीत के विशेषता अउ महत्व

1. छत्तीसगढ़ी बोली के मिठास: गीत के शब्द मन गांव के आम बोलचाल अउ भक्ति भाव ले जुड़े हे।

2. नवरात्रि के जीवंत चित्रण: गीत म धरम ध्वजा, जगमग जोत, माता के मूर्ति अउ मंदिर के वातावरण के वर्णन हे।

3. सामूहिक भक्ति: गांव के जम्मो झन मिलके माता के सेवा करथें, ये भाव गीत म दिखथे।

4. माता के नौ रूप के महिमा: दुर्गा दाई के नौ रूप के पूजा के महत्व बताये गे हे।

5. संस्कृति के संरक्षण: अइसन जस गीत मन नवा पीढ़ी ला अपन छत्तीसगढ़ी बोली अउ धार्मिक परंपरा ले जोड़े के काम करथें।

6. नवरात्रि के उत्साह: गीत सुनके भक्त मन के मन म माता रानी के भक्ति अउ सेवा के भावना जागथे।

नवरात्रि के कथा – गांव म माता रानी के आगमन 

छत्तीसगढ़ के एक छोटे से गांव म नवरात्रि के परब आवे के खबर सुनतेच गांव के मनखे मन के मन म खुशी के लहर दौड़ गे। गांव के चारों मुड़ा माता रानी के जयकारा गूंजे लगिस। काखरो घर म सफाई चलत रहिस, त काखरो घर म माता के पूजा के तैयारी होवत रहिस।

गांव के बुजुर्ग मन कहिन कि अब माता रानी के पावन परब आगे हे, सबो झन मिलके माता के स्वागत करबो। गांव के जवान मन धरम ध्वजा लाये बर निकलिन। लइका मन मंदिर के सजावट करे लगिन। महिला मन पूजा के थारी, फूल, पान अउ नरियर के व्यवस्था करे लगिन।

गांव के कुम्हार ह बड़े श्रद्धा ले माटी ल निकालिस। वो माटी ला गूंथ-गूंथ के माता दुर्गा के सुंदर मूर्ति बनाये लगिस। ओकर हाथ म मेहनत रहिस अउ मन म माता के प्रति अपार श्रद्धा। धीरे-धीरे मूर्ति के रूप निखरत गे। माता के चेहरा म दिव्य मुस्कान, हाथ म अस्त्र अउ मुकुट के सुंदर सजावट होगे।

जब मूर्ति तैयार होगे, तब गांव के सेउक मन एक संग मिलके माता के मूर्ति ला मंदिर तक लाय के तैयारी करिन। गांव के हर मनखे अपन-अपन योगदान दिस। कोनो फूल लानिस, कोनो कपड़ा, कोनो सजावट के सामान अउ कोनो पूजा के सामग्री।

नवरात्रि के पहिली दिन मंदिर म धरम ध्वजा फहराय गिस। पंडित जी के द्वारा विधि-विधान ले पूजा कराये गिस। माता के आगमन के संग मंदिर म जोत जगमगा उठिस। पूरा गांव म भक्ति के वातावरण बन गे।

नौ दिन तक माता के अलग-अलग रूप के पूजा करे गिस। भक्त मन रोज बिहान अउ संझा मंदिर पहुंच के दर्शन करिन। महिला मन जस गीत गाइन, पुरुष मन सेवा म हाथ बंटाइन अउ लइका मन माता के जयकारा लगाइन।

कोनो भक्त भोग म मिठाई चढ़ाइस, त कोनो पान, फूल अउ नरियर लेके पहुंचिस। मंदिर म अगियारी जलाये गिस। सबो झन श्रद्धा ले अपन माथा नवाइन अउ माता ले परिवार के सुख-शांति के अरजी लगाइन।

ये नवरात्रि म गांव के मनखे मन एक बात सीखिन कि माता के सच्चा सेवा खाली धन-दौलत ले नइ होवय। सच्चा सेवा ह एक-दूसर के मदद करना, मिल-जुल के रहना अउ अपन संस्कृति ला बनाय रखना आय।

दसवीं के दिन विसर्जन के बेरा आइस, त सबो झन के आंखी म भावुकता रहिस। भक्त मन माता ला बिदा करत कहिन कि दाई, फेर आना अउ अपन मया के छांव बनाय रखना।

अइसने नवरात्रि के परब ह गांव के मनखे मन ला एकता, श्रद्धा अउ अपन परंपरा के संग जोड़े रखथे। आगे परब नवरात के दाई जस गीत ह एही भक्ति अउ गांव के सामूहिक खुशी के भावना ला अपन शब्द म सजाथे।

अक्सर पूछे जाथे (FAQ)

1. आगे परब नवरात के दाई गीत के गायक कोन हे?

ये छत्तीसगढ़ी जस गीत के गायक भूषण यादव हें।

2. आगे परब नवरात के दाई गीत के गीतकार कोन हे?

गीतकार के नाम अभी उपलब्ध नइ हे।

3. ये गीत कोन से परब ऊपर आधारित हे?

ये गीत माता दुर्गा के नवरात्रि परब ऊपर आधारित हे।

4. ये गीत के यूट्यूब चैनल के नाम का हे?

ये गीत के जानकारी म keshavvideoworld यूट्यूब चैनल के नाम उल्लेखित हे।

5. गीत म कोन-कोन से धार्मिक परंपरा के वर्णन हे?

गीत म धरम ध्वजा, माता के मूर्ति निर्माण, जोत जलाना, पूजा-पाठ, भोग, पान, फूल, नरियर अउ अगियारी के वर्णन हे।

6. माता दुर्गा के कतका रूप के पूजा करे जाथे?

नवरात्रि म माता दुर्गा के नौ रूप के पूजा करे जाथे।

7. आगे परब नवरात के दाई गीत के लिरिक्स कहां पढ़ सकथन?

ये गीत के पूरा लिरिक्स cgjaslyrics वेबसाइट म पढ़ सकथव।

8. ये गीत कोन भाषा म हे?

ये गीत छत्तीसगढ़ी बोली अउ लोकभक्ति के भाव म प्रस्तुत करे गे हे।

9. ये गीत के शैली का हे?

ये छत्तीसगढ़ी देवी जस गीत आय।

10. CG Jas Lyrics वेबसाइट के मालिक कोन हे?

CG Jas Lyrics वेबसाइट के मालिक के के पंचारे हें।

माता रानी के अउ जस गीत पढ़व

माता रानी के भक्ति म डूबे अउ छत्तीसगढ़ी जस गीत पढ़े बर नीचे दिये गे गीत मन घलो देखव।

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