तोर रूप बिकट बिकराला वो – राकेश तिवारी /जय मरघट के काली | छत्तीसगढ़ी जस गीत लिरिक्स

तोर रूप बिकट बिकराला वो जय मरघट के काली 

मरघट के काली ll जस गीत ll स्वर/रचना राकेश तिवारी ll rakesh tiwari.jpg

════════👣════════

गीत -तोर रूप बिकट बिकराला वो 

गायक -राकेश तिवारी 

गीतकार -राकेश तिवारी 

यूट्यूब -राकेश तिवारी jeora

वेबसाइट ऑनर -के के  पंचारे 

════════👣════════

मुखड़ा 

तोर रूप बिकट बिकराला वो जय मरघट के काली -2 

जय मरघट के काली वो जय मरघट काली वो जय मरघट के काली

तोर रूप बिकट बिकराला वो जय मरघट के काली

तै पहिरे मुंड के माला वो जय मरघट के काली-2 

अंतरा -1 

करिया करिया देह हाथ तोर 

मरघट तोरे बासा वो मरघट तोरे बासा -2  

उड़ान - जिभिया तोरे लफलफ निकले -2 

रूप तोरे विकराला

तोर रूप बिकट बिकराला वो जय मरघट के काली 

तै पहिरे मुंड के माला वो जय मरघट के काली  

अंतरा -2 

हाथ खड्ग खोपड़ी के खप्पर करे 

असुर के नासा वो करे असुर के नासा  -2 

उड़ान -मृत्यु भय ला नस्ट करईया -2 

तोरे रूप विकराला

तोर रूप बिकट बिकराला वो जय मरघट के काली

तै पहिरे मुंड के माला वो जय मरघट के काली-2 

अंतरा -3  

मरघट म तोर बासा रहिथे ॐ क्रीम काली मंतर वो -2 

ॐ क्रीम काली मंतर 

उड़ान - तांत्रिक मन तोर करे साधना  -2 

 रूप तोरे विकराला

तोर रूप बिकट बिकराला वो जय मरघट के काली

तै पहिरे मुंड के माला वो जय मरघट के काली-2 

 जय मरघट के काली वो जय मरघट के काली वो जय मरघट के काली वो

तोर रूप बिकट बिकराला वो जय मरघट के काली

════════👣════════ 

गीत के अर्थ

इस जस गीत में मां काली के उग्र और शक्तिशाली स्वरूप का वर्णन किया गया है। मां काली को विकराल रूप वाली देवी के रूप में स्मरण किया गया है। उनके शरीर का वर्ण काला बताया गया है और उनके गले में मुंडों की माला तथा हाथों में खड्ग और खोपड़ी का खप्पर होने का वर्णन किया गया है।

गीत के अनुसार मां काली असुरों का नाश करने वाली और मृत्यु के भय को समाप्त करने वाली शक्ति हैं। मरघट को उनके निवास के रूप में बताया गया है। गीत में मां काली की साधना और उनके मंत्र का भी उल्लेख मिलता है।

इस प्रकार यह गीत मां काली की शक्ति, उग्र स्वरूप और भक्तों के मन में उनके प्रति श्रद्धा को प्रकट करता है।

गीत के विशेषता

1.      यह एक छत्तीसगढ़ी भक्ति एवं जस गीत है।

2.      गीत में मां काली के विकराल स्वरूप का वर्णन किया गया है।

3.      गीत में मां काली की शक्ति और असुर संहार का भाव दिखाई देता है।

4.      मरघट में मां काली के निवास की धार्मिक मान्यता का उल्लेख है।

5.      गीत में मां काली की साधना और मंत्र का भाव भी प्रस्तुत किया गया है।

6.      गायक और गीतकार राकेश तिवारी हैं।

7.      गीत के बोल भक्तिभाव के साथ मां काली की महिमा को प्रस्तुत करते हैं।

गायक के जानकारी – राकेश तिवारी

राकेश तिवारी इस छत्तीसगढ़ी जस गीत “तोर रूप बिकट बिकराला वो” के गायक हैं। उनकी आवाज में प्रस्तुत यह गीत मां काली के शक्तिशाली और भक्तिमय स्वरूप को सामने लाता है।

राकेश तिवारी के अन्य छत्तीसगढ़ी भक्ति एवं जस गीत भी श्रोताओं के बीच पसंद किए जाते हैं। इस गीत को उनके YouTube चैनल “राकेश तिवारी Jeora” पर भी देखा और सुना जा सकता है।

गीतकार के जानकारी – राकेश तिवारी

“तोर रूप बिकट बिकराला वो” जस गीत के गीतकार भी राकेश तिवारी हैं। गीत के बोलों में मां काली के विकराल स्वरूप, शक्ति, असुर संहार और साधना से जुड़े भावों को प्रस्तुत किया गया है।

गीतकार ने छत्तीसगढ़ी भाषा में मां काली की महिमा को भक्तिमय अंदाज में व्यक्त किया है।


माता जस और छत्तीसगढ़ी जस गीत पढ़े 

  • मेघवा भईया 
  • माता सती भवानी ओ
  • दुर्गा रोत निकले ओ
  • मोर चले माँ दुर्गा
  • तोर दया ले माँ अम्बे
  • मोर आँखि के पुतरी दाई
  • पैजनिया बाजे
  • तोर भुवन मा हरियर हरियर
  • देवी के भुवन मा बरत हे जोत
  • गुरु बिना जग विरथा
  • ✍️ लेखक परिचय – CG Jas Lyrics

    CG Jas Lyrics पर आपको छत्तीसगढ़ी जस गीत, माता के भजन, आरती, पचरा जस, नवरात्रि गीत और अन्य भक्तिमय गीतों के लिरिक्स पढ़ने को मिलते हैं।

    वेबसाइट ऑनर: के के पंचारे

    छत्तीसगढ़ी भक्ति गीतों और जस गीतों के लिरिक्स को एक जगह उपलब्ध कराने के उद्देश्य से CG Jas Lyrics पर नए गीत प्रकाशित किए जाते हैं।



    टिप्पणियाँ