पैजनिया बाजे – छत्तीसगढ़ी जस गीत | सुखऊ राम केंवट | JI Series

पैजनिया बाजे – छत्तीसगढ़ी जस गीत | सुखऊ राम केंवट | JI Series


मुखड़ा 

पैजनिया बाजे मईया के गुजाथे भुवना 

पैजनिया बाजे मईया के गुजाथे भुवना 

उड़ान - यहो मईया मन मोरे रेंगना -2 

अंतरा -1 

यहो माथ मुकूट अंग कांचल छलके 

यहो माथ के बिंदिया हा चमचम चमके 

उड़ान - बेनी में गाथे हे फुंदरा -2

पैजनिया बाजे मईया के गुजाथे भुवना

पैजनिया बाजे मईया के गुजाथे भुवना  

अंतरा -2 

यहो बाजू बंद बहुटा पहिरे जगजननी 

यहो चूड़िया रतन जोत जगज्वाला 

उड़ान - यहो कगनी सुघ्घर कंगना -2

पैजनिया बाजे मईया के गुजाथे भुवना

पैजनिया बाजे मईया के गुजाथे भुवना 

अंतरा -3    

यहो हीरा मोती पन्ना जड़े हे जग ज्वाला 

यहो अति मन भाये हों मईया मोतियन माला 

उड़ान - यहो अंग में कसे हे चोलना -2

पैजनिया बाजे मईया के गुजाथे भुवना

पैजनिया बाजे मईया के गुजाथे भुवना

अंतरा -4 

यहो गले में सुहाये हो मईया फूल हार गजरा 

यहो महकत हे भुवना उड़ाये जब अंचरा 

उड़ान - यहो करधन के लागे बंधना -2

पैजनिया बाजे मईया के गुजाथे भुवना

पैजनिया बाजे मईया के गुजाथे भुवना

अंतरा -5   

यहो कर के सिंगारे हो मईया आसन बिराजे 

यहो निरखत हे रूप छवि रति सती लागे  

उड़ान - यहो दास करत वंदना  -2

पैजनिया बाजे मईया के गुजाथे भुवना

पैजनिया बाजे मईया के गुजाथे भुवना

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गीत - पैजनिया बाजे 

गायक -सुखऊ राम केंवट 

म्यूजिक लेबल - पारम्परिक (पचरा )

म्यूजिक कंपनी - ji series 

वेबसाइट -www.cgjaslyrics .com 

वेबसाइट ऑनर - के के पंचारे 

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गीत के बोल के अर्थ (Arth)

ये  जसगीत मं माता जगजननी के रूप अउ सिंगार के सुग्घर बखान करे गे हे।

  • “पैजनिया बाजे मईया के गुजाथे भुवना” – माता के चरण मं पहिरे गे पैजनिया (पायल) गूंजथे, ओकरमधुर आवाज ले पूरा भुवन गूंज उठथे।

  • माता के माथ मं मुकुट, चमकते बिंदिया, बेनी मं गुथे फुंदरा, हाथ मं बाजूबंद, चूड़ी, कंगन – ये सब ओकरदिव्य रूप ल सजाथे।

  • माता मोती, हीरा-पन्ना अउ बहुमूल्य आभूषण पहिरके बैठथें। ओकर रूप ल देख के सब भक्त धन्य हो जाथें।

  • “फूल हार गजरा” अउ “अंचरा के महक” माता के दया अउ मया के प्रतीक हवंय।

  • आखरी अंतरा मं माता आसन मं बिराजे हवय, भक्त दास मन ओकर वंदना करत हवंय।

👉 मतलब – ये गीत माता के सुंदर रूप,आभूषण,अउ महिमा के जस-गान आय। माता के एक-एक गहना अउ

 सिंगार मं भक्त मन दैवी शक्ति देखथें।


🌺 गीत के महत्व (Mahtv)

  1. भक्ति अउ श्रद्धा – ये गीत भक्ति भाव ल बढ़ाथे, जिहां माता के रूप अउ सिंगार के माध्यम ले श्रद्धा प्रकट

  2.  करे जाथे।

  3. धार्मिक आयोजन मं गाथे जथे – नवरात्रि, जस पर्व, अउ देवी जगराता मं खास करके गाथे जथे।

  4. संस्कृति के पहचान – छत्तीसगढ़ी जसगीत समाजिक, सांस्कृतिक अउ धार्मिक परंपरा के चिन्ह आय।

  5. मनोकामना पूर्ति – श्रद्धा ले गाए अउ सुने वाला मनखे के मनोकामना पूरी होथे कहिके माने जाथे।


🎤 गायक परिचय (Gayak Parichy)

सुखऊ राम केंवट – छत्तीसगढ़ी लोक गायक हवंय। वो मन जसगीत, भजन, अउ परंपरागत देवी गीत गाथें।

 ओकर गायकी मं गांव-गांव के सहजता अउ भक्ति के मिठास झलकथे। येहा पचरा गीत ज्यादा गाए हवय। 


📖 कथा (Kattha)

छत्तीसगढ़ मं जसगीत परंपरा हा बहुत प्राचीन हे। नवरात्र अउ देवी पर्व मं गांव-गांव के दाई-बहिनी मन एकजुट होके माता जस गाथें।

“पैजनिया बाजे मईया के गुजाथे भुवना” के कथा ह एंकर सांकेतिक रूप मं आय –

  • माता जब धरती मं अवतरित होथें, त ओकर चरण के पैजनिया गूंजथे। ये आवाज ले सब जीव-जन्तु, भुवन

  •  अउ देवता मन आनंदित होथें।

  • ओकर मुकुट, बिंदिया, कंगन, हार– सब दैवी ज्योति अउ शक्ति के प्रतीक हवंय।

  • माता के सिंगार मं आभूषण भर नोहय, बल्की श्रद्धा अउ मया के महक समाहित  रहिथे।

  • भक्त मन ये रूप ल देखके गदगद हो जाथें, अउ अपन जीवन मं मया, भक्ति अउ संकल्प के नया ऊर्जापाथें।

👉 कथा के भाव – माता हर जगह हावय, वो दया, मया अउ शक्ति के रूप हवंय। ओकर चरण पखारके, जस

 गाके मनखे अपन जीवन ल सफल बनाथे।


निष्कर्ष (Conclusion):

“पैजनिया बाजे मईया के गुजाथे भुवना” जसगीत ह माता के सुंदर रूप अउ आभूषण ल सजावत हे। ए गीत श्रद्धा,

 भक्ति अउ छत्तीसगढ़ी संस्कृति के जिंदा पहचान आय।

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👉दाई तोर अचरा माँ 

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