माया के दरबार / कांतिकार्तिक यादव /दुर्गा जस गीत | छत्तीसगढ़ी भक्तिगीत
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गीत -माया के दरबार
गायक -कांतिकार्तिक यादव
गीत लेबल -पारंपरिक जस
म्यूजिक कंपनी -360india
वेबसाइट ऑनर -कैलाश पंचारे
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मुखड़ा
माया के दरबार सेउक सेवा मा आये ना
दुर्गा दरबार सेउक सेवा मा आये ना
जब सेउक सेवा में आये हां --
माया के दरबार सेउक सेवा मा आये ना
दुर्गा दरबार सेउक सेवा मा आये ना
//1 //
ये काहेन के मृदंगे,मृदंगे,काहेन करताल ,काहेन बने डमरुवा
माया के दरबार सेउक सेवा मा आये ना
जब सेउक सेवा में आये हां --
माया के दरबार सेउक सेवा मा आये ना
दुर्गा दरबार सेउक सेवा मा आये ना
//2 //
ये माटी के मृदंगे,मृदंगे ,लोहा करताल ,काठ के बने डमरुवा
माया के दरबार सेउक सेवा मा आये ना
जब सेउक सेवा में आये हां --
माया के दरबार सेउक सेवा मा आये ना
दुर्गा दरबार सेउक सेवा मा आये ना
//3 //
ये कौन बनाये मृदंगे,मृदंगे,कौने बनाये करताल ,कौन बनाये डमरुवा
माया के दरबार सेउक सेवा मा आये ना
जब सेउक सेवा में आये हां --
माया के दरबार सेउक सेवा मा आये ना
दुर्गा दरबार सेउक सेवा मा आये ना
//4 //
ये कुम्हार बनाये मृदंगे,मृदंगे,लोहरा करताल ,बढ़ई बनाये डमरुवा
माया के दरबार सेउक सेवा मा आये ना
जब सेउक सेवा में आये हां --
माया के दरबार सेउक सेवा मा आये ना
दुर्गा दरबार सेउक सेवा मा आये ना
//5 //
ये कोन बजाये मृदंगे,मृदंगे,कोन बजाये करताल ,कोन बजाये डमरुवा
माया के दरबार सेउक सेवा मा आये ना
जब सेउक सेवा में आये हां --
माया के दरबार सेउक सेवा मा आये ना
दुर्गा दरबार सेउक सेवा मा आये ना
//6 //
ये कोन बजाये मृदंगे,मृदंगे,कोन बजाये करताल ,कोन बजाये डमरुवा
माया के दरबार सेउक सेवा मा आये ना
जब सेउक सेवा में आये हां --
माया के दरबार सेउक सेवा मा आये ना
दुर्गा दरबार सेउक सेवा मा आये ना
//7 //
ये ब्रम्हा बजाये मृदंगे,मृदंगे,नारद बजाये करताल ,भोला बजाये डमरुवा
माया के दरबार सेउक सेवा मा आये ना
जब सेउक सेवा में आये हां --
माया के दरबार सेउक सेवा मा आये ना
दुर्गा दरबार सेउक सेवा मा आये ना
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👉 मतलब साफ हे—माता के भक्ति म इंसान लेके देवता तक सब झुक जाथें।
🔷 गीत की विशेषता ( Importance)
- ये गीत छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति के सुगंध ले भरपूर हे 🌿
- एमा पारंपरिक वाद्य यंत्र (मृदंग, करताल, डमरू) के वर्णन हे
- अलग-अलग समाज (कुम्हार, लोहरा, बढ़ई) के योगदान दिखाय गे हे
- भक्ति अउ एकता के संदेश देथे
- देवी सेवा म सब बराबर हवंय—ये बात ला मजबूत बनाथे
🔷 गीत के ऊपर कहानी
छत्तीसगढ़ के एक छोटे से गांव म नवरात्रि के समय भारी उत्साह रहिस। गांव के हर कोना म माता माया के भक्ति के रंग छा गे रहिस। मंदिर ला फूल, दीया अउ रंगोली ले सजाय गे रहिस। सबो गांव वाले मन एकजुट होके माता के सेवा करे बर तैयारी करत रहिन।
ए गांव म सुकालू नाव के एक गरीब किसान रहिस। ओकर मन म माता दुर्गा बर अगाध श्रद्धा रहिस। वो हर साल नवरात्रि म बिना नागा माता के दरबार म सेवा करे जाथे। इस साल घलो वो सोचिस—"मोर पास धन दौलत नई हे, फेर मंय अपन सेवा जरूर देहूं।"
लोगन के आंख म आंसू आ गे—ये माता के कृपा रहिस।
रामसाय मुस्कुराइस अउ माता के चरण म सिर झुकाइस।
👉 ये कहानी ले हमन ला ये सीख मिलथे:
- सच्ची भक्ति दिल ले होथे ❤️
- हर इंसान माता के सेवा कर सकथे
- समाज के हर वर्ग के योगदान जरूरी हे
- माता के दरबार म सब बराबर हवंय


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