मोर दुर्गा दुलावरीन दाई | छत्तीसगढ़ी जस गीत लिरिक्स | Durga Jas Geet Lyrics

TOLA SUMAR SUMAR KE MANAV |  KANTIKARTIK YADAV | RAMA LAHRE | KOK  Creation | CG Jas Geet 2026

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गीत -तोला सुमर सुमर के मनाव

गायक-कांतिकर्तिक यादव

गीतकार-रामा लहरें

म्यूज़िक कंपनी -op देवांगन

वेबसाईट ऑनर-कैलाश पंचारे 

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मुखड़ा 

मोर दुर्गा दुलावरीन दाई तोला सुमर सुमर के मनाव -2

उड़ान -माथ नावाके , दीप जलाके तोर जस ल मै गांव -2

मोर दुर्गा दुलावरीन दाई तोला सुमर सुमर के मनाव -2

अंतरा -1

अंगना लिपाये चौक पुराए घी के दियाना जलाए हव 

शारदा सुमन के फूल ल मईया तोर बर मैहा सजाए हव 

उड़ान -नीसदीन तोर सेवा ल गांवव करव मै तोर गुणगान

 मोर दुर्गा दुलावरीन दाई तोला सुमर सुमर के मनाव -2

अंतरा -2

अंधियारी हा लागे अंजोरि जोती सबो कोती बगरे ओ 

हे जगदंबा आदि भवानी जिनगी हा मोरे तर्ज़े ओ 

उड़ान तोर चरण म मन हे मगन मोर तोर अचरा के छांव 

 मोर दुर्गा दुलावरीन दाई तोला सुमर सुमर के मनाव -2

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मातारानी के जस गीत के लिंक नीचे देहावे 

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गीत के अर्थ (Meaning in Chhattisgarhi)

ए जस गीत म भक्त अपन दाई मोर दुर्गा दुलावरीन ला बड़े प्रेम अउ श्रद्धा ले सुमरथे।

ओ कहिथे कि वो हर दिन माता के नाम जप के, दीप जलाके अउ माथा टेक के सेवा करथे।

अंगना लिपना, चौक बनाना अउ फूल चढ़ाना ये सब भक्ति के प्रतीक आय।

गीत म बताय गे हवय कि माता के कृपा ले अंधियारी जिनगी म उजाला आ जाथे।

भक्त अपन दुख-दर्द ला भुलाके माता के चरण म सुख अउ शांति पाथे।

 गीत के महत्व (Importance of Song)

1. भक्ति और श्रद्धा के प्रतीक

ये गीत माता दुर्गा के प्रति सच्चा प्रेम अउ भक्ति ला दिखाथे।

2. जीवन में उजाला लाने वाला

गीत म अंधियारी ले अंजोर (रोशनी) के बात कहे गे हवय, जेन जीवन म सकारात्मकता लाथे।

 3. सांस्कृतिक पहचान

छत्तीसगढ़ी जस गीत हमर संस्कृति अउ परंपरा के पहचान आय।

 कथा (Story in CG Language)

एक छोटे से गांव म एक गरीब किसान रहत रहिस, जेन के नाम रहिस रामसाय।

रामसाय के घर म गरीबी के साथ-साथ बहुत दुख अउ तकलीफ रहिस। खेती सही से नइ होवय, घर म हमेशा चिंता के माहौल रहय।

रामसाय के मया भरी पत्नी सीता हर बहुत धार्मिक रहिस। वो हर हर रोज बिहान उठके अपन अंगना लिपथे, चौक बनाथे अउ माता दुर्गा के पूजा करथे।

एक दिन सीता हर कहिस –

"हमन अपन दाई ला सच्चा मन ले सुमरबो, वो जरूर हमर दुख ला दूर करही।"

ओ दिन ले सीता हर रोज "मोर दुर्गा दुलावरीन दाई" जस गीत गाना शुरू कर दिस।

वो हर दीप जलाथे, फूल चढ़ाथे अउ पूरे श्रद्धा ले माता के गुणगान करथे।

धीरे-धीरे गांव वाले मन घलो सीता के भक्ति देख के प्रभावित होगे।

सबो मिलके संझा बखत जस गीत गाये लगिन।

एक रात रामसाय ला सपना म माता दुर्गा के दर्शन होइस।

माता कहिन –

"तोर घर म अब अंधियारी नई रहय, मोर कृपा ले तोर जिनगी बदल जाही।"

दूसर दिन ले रामसाय के किस्मत बदलना शुरू होगे।

खेती म अच्छा फसल होइस, घर म खुशहाली आइस अउ सब दुख दूर होगे।

रामसाय अउ सीता समझ गिन कि ये सब माता के कृपा आय।

ओमन हर रोज माता के धन्यवाद देथे अउ जस गीत गाके अपन जीवन ला सफल बनाथे।

धीरे-धीरे वो गांव एक भक्ति के केंद्र बनगे, जिहां दूर-दूर ले लोगन मन माता के दर्शन बर आवत रहिन।

गांव म हर साल नवरात्रि म बड़ा जस कार्यक्रम होथे, जिहां ये गीत जरूर गाये जाथे।






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