दसराहा के वध होही | दसमुड़िया रावण जस गीत | छत्तीसगढ़ी दशहरा भक्ति गीत लिरिक्स

✦✦ दासमुडिया हे रावण/राकेशतिवारी/सिरसा✦✦

गीत-दसमुड़िया हे रावण 

गायक - राकेश तिवारी

म्यूज़िक कंपनी -राकेश तिवारी जेवरा 

वेबसाईट ऑनर - कैलाश पंचारे
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 मुखड़ा 

दसराहा के वध होही दसमुड़िया हे रावण दसराहा के वध होही

दसराहा के वध होही दसमुड़िया हे रावण दसराहा के वध होही

उड़ान -दसराहा के वध होही

दसमुड़िया हे रावण दसराहा के वध होही

(1)

ऋषि के कुल म जनम के बैरी अपन करम ल बिगाड़े

चलत खुमार रेंगय रिस म निर्दोसन ल मारे

ऋषि के कुल म जनम के बैरी अपन करम ल बिगाड़े

चलत खुमार रेंगय रिस म निर्दोसन ल मारे

उड़ान -आज तोर अमृत कुंड सुखाहीं ---इ इ इ 

आज तोर अमृत कुंड सुखाहीं 

दसराहा के वध होही दसमुड़िया हे रावण दसराहा के वध होही

(2)

देवी देवता ल थर्राये हाहाकार मचाये 

ब्रम्हा ले वर पाये अभिमानी नीत अनित भुलाये 

देवी देवता ल थर्राये हाहाकार मचाये 

ब्रम्हा ले वर पाये अभिमानी नीत अनित भुलाये 

उड़ान -प्रभु श्री राम के बाण ले आजे ---ऐ ऐ   

प्रभु श्री राम के बाण ले आजे

दसराहा  के वध होही दसमुड़िया हे रावण दसराहा के वध होही

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गीत का अर्थ (Meaning in Chhattisgarhi)

ए गीत म रावण के अहंकार अउ अधर्म के बारे म बताय गे हे।

रावण ऋषि कुल म जनम लेके घलो अपन करम बिगाड़ देथे अउ निर्दोष मनखे ल दुख देथे।

गीत म बताय गे हे कि —

👉 रावण ला ब्रह्मा ले वरदान मिलिस फेर वो घमंड म आके नीति-अनीति सब भुला दिस

👉 देवी-देवता मन घलो ओकर अत्याचार ले डर गे रहिन

👉 आखिरकार भगवान राम के बाण ले ओकर अंत होही

ए गीत म सत्य के जीत अउ असत्य के हार के संदेश देथे।

🟢 🌼 गीत का महत्व (Importance)

🔥 ये गीत दशहरा (दसराहा) पर्व म गाये जाथे

🙏 भगवान श्रीराम के विजय के प्रतीक हे

💡 सिख देथे – अहंकार के अंत निश्चित होथे

🎶 जस गीत रूप म भक्ति अउ संस्कृति ला जिन्दा 

दुर्गा मईया के अऊ जस गीत के लिंक

मोर दुर्गा दुलावरीन दाई

झूपत आबे ओ मईया

नीम डारा तोला भाए हो शीतला भवानी

गउधन ल लक्ष्मी जान

तोरे दरश बर मईया दऊरत आयेव

माई के दरश बर हां



      

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