शीतला भवानी शीतल करदे वो/ जुड़वास गीत /छत्तीसगढ़ी जस गीत
शीतला भवानी शीतल करदे वो
आषाढ़ के बरसे पानी वो पानी , शीतला भवानी शीतल करदे वो -2
ताल - शीतला भवानी शीतल करदे वो---
शीतला भवानी शीतल करदे वो
शीतला भवानी शीतल करदे वो
शीतला भवानी शीतल करदे वो
सब जिये सब जिये सब जिये सब जिये
सब जिये जिव परानी --
शीतला भवानी ,शीतल करदे वो
ये मोर मईया शीतला भवानी शीतल करदे वो
kkpanchare //1 //cgjaslyrics
जल देव तोर चरण पखारे ,सुरुज हा आरती उतारे ---
ब्रम्हा विष्णु शिव देव गण ,महिमा तोर उचारे
तै ठकुराईन तै बलदाईन सबला दुःख ले उबार---
डीही डोंगर के तै रखवारिन सब जीव तोर सहारे
ताल - अचरित हे अचरित हे अचरित हे अचरित हे
अचरित हे तोर कहानी
शीतला भवानी शीतल करदे वो
ये मोर मईया शीतला भवानी शीतल करदे वो
//2 //
तोर दया ले भुईया हरियाथे ,धरती के तिस्ना मिटाथे ---
खेती बाड़ी ले किसन मन नागर भखर जोतवाथे
धान गहुँ अउ रहेर तिवरा अन्न माता ला उपजाथे ---
अनपूर्णा तब परसन होथे भूखे ला रोटी खवाथे
ताल -हे अन्नपूर्णा हे अन्नपूर्णा हे अन्नपूर्णा हे अन्नपूर्णा
हे अन्नपूर्णा महरानी--
शीतला भवानी शीतल करदे वो
ये मोर मईया शीतला भवानी शीतल करदे वो
kkpanchare //3 //cgjaslyrics
चोला सबके हरिहर होथे ,तोर अचरा के छाव मा ---
छाती हमरो शीतल होथे शीतला दाई तोर नाव मा
छोटे छोटे तोर बरवा हन काटा गड़े झन पाँव म ---
एकरे सेती पूजा होथे ठउर ठउर अउ ठाव मा
ताल -तीनो भुवन मा तीनो भुवन मा
तीनो भुवन मा ,चलथे सियानी--
शीतला भवानी शीतल करदे वो
ये मोर मईया शीतला भवानी शीतल करदे वो
ताल - शीतला भवानी शीतल करदे वो---
शीतला भवानी शीतल करदे वो----2
सब जिये सब जिये सब जिये सब जिये जीव परानी--
शीतला भवानी शीतल करदे वो
ये मोर मईया शीतला भवानी शीतल करदे वो
//4 //
सरग बरोबर तोर देवला ,तरिया पार अस्थान वो ---
तै नई होते जगमहतारी लगतिस सबो विरान वो
दुनिया भर में सबले अलगे हावे तोर पहिचान वो ---
का देवता का दानव कहिबे करथे तोर गुणगान वो
ताल -तै दुःख ला ,तै दुःख ला
तै दुःख ला हरे कल्याणी--
शीतला भवानी शीतल करदे वो
ये मोर मईया शीतला भवानी शीतल करदे वो
//5 //
गदहा सवारी तोला भाथे लंगूरे करे सेवकारी---
सुपली तुकली सूपा भाहरी चूड़ी चाकी अउ लाई
सादा रंग तोर लुंगरा पोलखा श्वेत सुहाये दाई --
भोग बतासा लैची दाना तोला चगाथे माई
ताल -तोर मड़ई तोर मड़ई
तोर मड़ई तोर मड़ई
तोर मड़ई बैरग के निशानी निशानी
शीतला भवानी शीतल करदे वो
ये मोर मईया शीतला भवानी शीतल करदे वो
//6 //
पावन परब आसाढ़ के सुघ्घर तोर जुड़वास ला करथन --
हवन कुंड में वामन देवता करथे दाई तोर पूजन
दूध दही घीव जवा अउ तिल्ली सबला करथन मिझरन--
हमधुप अगर काड़ी धरके हवन में माता देथन
ताल -जुड़े नरनारी ,जुड़े नरनारी,---
जुड़े नरनारी ,जुड़े नरनारी ---
जुड़े नरनारी,अउ ज्ञानी
शीतला भवानी शीतल करदे वो
ये मोर मईया शीतला भवानी शीतल करदे वो
//7 //
गावत बजावत तोर सेवा ला आये हवन जगतारण--
दसो अंगुरिया जोड़ कतिक ला चरण में माथ नवाथन
दुःख दरदरी ला हरलेबे दाई कहिके तोला गोहरथन--
भूल चूक ला छमा तै करबे अनपढ़ अड़हा हावन
ताल -कोसरिया कोसरिया
कोसरिया कोसरिया,
कोसरिया ला देबे मीठ बानी
ताल - शीतला भवानी शीतल करदे वो---
शीतला भवानी शीतल करदे वो----2
सब जिये सब जिये सब जिये सब जिये
सब जिये जीव परानी--
शीतला भवानी शीतल करदे वो
ये मोर मईया शीतला भवानी शीतल करदे वो
गीत के भावार्थ – शीतला भवानी ले संसार के कल्याण के अरदास
ए जस गीत के माध्यम ले भक्त मन माता शीतला भवानी ले प्रार्थना करथें कि संसार के हर जीव के जीवन म सुख, शांति अउ ठंडक बने रहे। धरती म हरियाली छाये, किसान मन के खेत म बढ़िया फसल होवय अउ कोनो जीव भूख-प्यास ले दुखी झन रहय।
गीत म माता के अन्नपूर्णा स्वरूप, दया, ममता अउ शक्ति के वर्णन करे गे हे। भक्त मन अपन छोटे-छोटे भक्ति भाव ले माता के चरण म माथा नवाके अपन दुख-दर्द दूर करे के अरदास करथें।
छत्तीसगढ़ी संस्कृति म शीतला भवानी के महत्व
छत्तीसगढ़ म माता शीतला के पूजा के अपन अलग धार्मिक महत्व हे। गांव-गांव म माता के मंदिर अउ देवस्थान म भक्त मन श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करथें।
आषाढ़ महीना के जुड़वास परंपरा म माता के सेवा, जस गायन अउ सामूहिक पूजा के विशेष स्थान हे। ए परंपरा हमर छत्तीसगढ़ के लोक संस्कृति अउ धार्मिक विरासत ला पीढ़ी दर पीढ़ी जीवित रखे म मदद करथे।
ए जस गीत के खास विशेषता
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1. आषाढ़ के बरसे पानी जस गीत कोन देवी ऊपर आधारित हे?
उत्तर – ए जस गीत माता शीतला भवानी के महिमा ऊपर आधारित हे।
प्रश्न 2. शीतला भवानी जस गीत के मुख्य मुखड़ा का हे?
उत्तर – शीतला भवानी शीतल करदे वो, ये मोर मईया शीतला भवानी शीतल करदे वो।
प्रश्न 3. ए जस गीत कोन परब म गाये जाथे?
उत्तर – ए गीत आषाढ़ महीना के जुड़वास अउ माता के पूजा-अर्चना के अवसर म गाये जा सकथे।
प्रश्न 4. गीत म माता के कोन-कोन रूप के वर्णन हे?
उत्तर – माता के रक्षक, कल्याणकारी, अन्नपूर्णा अउ जगतजननी स्वरूप के वर्णन हे।
प्रश्न 5. ए गीत के मुख्य संदेश का हे?
उत्तर – संसार के सब जीव मन सुखी रहंय, धरती हरियर रहय अउ सबो के जीवन म खुशहाली आवय।
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4 .छत्तीसगढ़ी देवी-देवता के भक्ति गीत
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ए पोस्ट के उद्देश्य छत्तीसगढ़ी भक्ति गीत के बोल अउ लोक संस्कृति ला पाठक मन तक पहुंचाना हे। गीत के मूल रचनाकार अउ संबंधित कलाकार मन के सम्मान करे जाथे। यदि गीत के बोल म कोई त्रुटि होही त पाठक मन सुधार के सुझाव दे सकथें।
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