भईगे चण्डालिन | स्व. धर्मेन्द्र सुफल भगत | छत्तीसगढ़ी जस गीत
भईगे चण्डालिन — स्व. धर्मेन्द्र सुफल भगत के छत्तीसगढ़ी जस गीत
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गीत -भईगे चण्डालिन
गायक - स्व.धर्मेन्द्र सुफल भगत
गीतकार - स्व.परमानन्द पुरबिया
यूट्यूब - new cg jas geet
वेबसाइट ऑनर -के के पंचारे
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भईगे चण्डालिन गीत के बारे मं
“भईगे चण्डालिन” एक देवी भक्ति ले भरपूर छत्तीसगढ़ी जस गीत आय। ये गीत मं दाई दुर्गा के शेर मं सवार होके दुष्ट दानव मन के संहार करे के गाथा ला बड़े भाव ले गाये गे हे। गीत के पंक्ति-पंक्ति मं माता के शक्ति, करुणा, ममता अउ भक्त मन के रक्षा करे के भाव दिखाई देथे।
गीत के शुरुआत “भईगे चण्डालिन कलर कलर किलकारे” जइसन जोशीला भाव ले होथे, जेमां दाई के विकराल शक्ति के दर्शन होथे। बघवा के गरजना अउ बघवा मं बइठे दुर्गा दुलौरिन के चित्रण गीत ला अउ प्रभावशाली बनाथे।
ये जस गीत मं दुर्गम दानव के अत्याचार, धरती मं पानी-अन्न के कमी, देवता मन के चिंता अउ माता के शरण मं जाके अपन विपदा बताये के प्रसंग ला छत्तीसगढ़ी लोकभक्ति के ढंग ले प्रस्तुत करे गे हे।
मुखड़ा
भईगे चण्डालिन कलर कलर किलकारे-2
उड़ान - बघवा गरजे ,बघवा गरजे बघवा गरजे ना
बघवा मा बइठे दुर्गा दुलौरिन बैरी ला बरजे ना
अंतरा -1
तहिआ जुग मा दुर्गम दानव ब्रम्हा के वरदानी गा
चारो वेद ला बोरे बैरी गरबी गंज गुमानी गा
धरम धरा ले बुड़के सुखागे नदी नरवा के पानी गा
अन पानी बिन हिहुर परगे कलपे सगरो परानी गा
उड़ान -सुमर सुमर सब देवता धामी तोला गोहारे ना -2
भईगे चण्डालिन कलर कलर किलकारे
अंतरा -2
शुंभ निशुंभ महिसासुर मारे रक्तबीज संहारे वो
दुर्गम दानव ला तोर बिन दाई हमला कोन उबारे वो
अर्जी मा आइसे अम्बे अम्बिका परमेश्री पधारे वो
जगजग ले दमके महमाया नाना नयन उचारे वो
उड़ान -देख दशा दिनन के दाई आंसू ढारे ना -2
भईगे चण्डालिन कलर कलर किलकारे
अंतरा -3
माता के आंसू आंसू मा नदी नरवा भर जाये गा
जीवन पाये सगरो परानी सुर नर नाग हिताये गा
माथ नवा महामाया ला देवन विपदा अपन बताये गा
अभय पाये साडी देवता धामी अपन अपन डीही जाये गा
उड़ान -जान परिस बैरी असुरारी घेरा डारे ना -2
भईगे चण्डालिन कलर कलर किलकारे
अंतरा -4
देवता मन के लाज रखे बर किरपा करे किरपाली गा
अपन तेज के भीतरी मा घेरे सुरहिन दयाली गा
बैरी बर अडियाये सहुहे माता शेरावाली गा
अगम अंग ले प्रगटे तुरते दस विद्या विकराली गा
उड़ान -जगजननी जग जोत जवारा वेद अभारे ना -2
भईगे चण्डालिन कलर कलर किलकारे
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गीत के अर्थ
ये गीत के मूल भाव देवी शक्ति के महिमा ऊपर आधारित हे। गीत मं बताय गे हे कि जब दुर्गम दानव अपन शक्ति अउ वरदान के घमंड मं धरती मं अत्याचार करे लगिस, तब सगरो जगत मं संकट छा गे। नदी-नरवा सुखाये लगिन, अन्न-पानी के कमी होय लगिस अउ जीव-जंतु मन दुखी होगे।
तब देवता मन माता महामाया ला सुमरिन अउ अपन दुख-दर्द के अरजी लगाइन। माता दुर्गा अपन भक्त मन के पुकार सुनिन अउ दुष्ट शक्ति के नाश करे बर प्रगट होइन। माता के शक्ति के आगू असुर मन के घमंड टिक नइ सकिस।
गीत मं शुंभ-निशुंभ, महिषासुर, रक्तबीज अउ दुर्गम दानव जइसन दैत्य मन के संहार के माध्यम ले ये संदेश दे गे हे कि अधरम चाहे कतको ताकतवर होवय, अंत मं सत्य अउ धर्म के जीत होथे।
छत्तीसगढ़ी परंपरा मं ये गीत के महत्व
छत्तीसगढ़ मं जस गीत केवल गाना नइ, बल्कि गांव-गंवई के भक्ति अउ लोकपरंपरा के एक महत्वपूर्ण हिस्सा आय। नवरात्रि, जवारा, देवी जागरण अउ जस मंडली के आयोजन मं देवी के जस गाये के परंपरा बहुत पुराना हे।
“भईगे चण्डालिन” जइसन जस गीत मं देवी के वीर रूप, ममता रूप अउ शक्ति रूप तीनों के दर्शन होथे। गांव के जस मंडली मन मं ऐसे गीत मन ला ढोलक, झांझ, मंजीरा अउ सामूहिक स्वर के संग गाये जाथे। उड़ान के दोहराव गीत मं जोश अउ भक्ति के माहौल ला अउ गाढ़ा कर देथे।
गीत के विशेषता अउ महत्व
गीतकार स्व. परमानन्द पुरबिया के बारे मं
“भईगे चण्डालिन” के गीतकार स्व. परमानन्द पुरबिया बताये गे हें। उपलब्ध गीत जानकारी के आधार मं उनकर रचना मं देवी भक्ति, लोकभाषा अउ धार्मिक कथा के सुंदर मेल दिखाई देथे।
उनकर व्यक्तिगत जीवन, जन्मस्थान, शिक्षा, जस मंडली या अन्य रचनात्मक जानकारी के प्रमाणित विवरण उपलब्ध नइ होय के सेती इहाँ मनगढ़ंत जीवनी नइ लिखे गे हे। गीत के शब्द मन ले ये जरूर पता चलथे कि रचना मं देवी शक्ति अउ लोकभक्ति के गहिर भाव ला महत्व दे गे हे।
गायक स्व. धर्मेन्द्र सुफल भगत के बारे मं
“भईगे चण्डालिन” गीत ला स्व. धर्मेन्द्र सुफल भगत के स्वर मं प्रस्तुत करे गे हे। उनकर आवाज मं गाये देवी भक्ति के गीत मन छत्तीसगढ़ी जस परंपरा के हिस्सा हें।
उपलब्ध जानकारी मं उनकर जन्मतिथि, जन्मस्थान, संगीत शिक्षा अउ व्यक्तिगत जीवन संबंधी पर्याप्त प्रमाणित जानकारी नइ हे। ए कारण ले गलत जानकारी जोड़े के बजाय इहाँ केवल उपलब्ध गीत संबंधी जानकारी ला महत्व दे गे हे।
स्व. धर्मेन्द्र सुफल भगत के नाम ले जुड़े गीत मन छत्तीसगढ़ी भक्ति संगीत के श्रोता मन बर सांस्कृतिक महत्व रखथे।
भईगे चण्डालिन के कथा
बहुत पहिली के बात आय। धरती मं धर्म-कर्म के पालन होवत रहिस अउ मनखे, देवता अउ प्रकृति अपन-अपन नियम मं चलत रहिन। फेर एक समय दुर्गम नाम के एक शक्तिशाली दानव घोर तपस्या करके ब्रम्हा ले वरदान हासिल करिस। वरदान पाय के बाद ओकर भीतर घमंड भर गे।
दुर्गम अपन शक्ति के गलत उपयोग करके देवता मन ला परेशान करे लगिस। धीरे-धीरे ओकर अत्याचार बढ़त गिस। चारो वेद तक ला अपन कब्जा मं ले ले के धर्म के मार्ग ला कमजोर करे लगिस। धरती मं अनाज-पानी के संकट पैदा होय लगिस। नदी, नरवा अउ तालाब सुखाये लगिन। जीव-जंतु अउ मनखे पानी-अन्न के अभाव मं दुखी होगे।
धरती के ये हालत देखके देवता मन घबरा गइन। सगरो देवता धामी मन एक ठन जगह मं इकट्ठा होके जगदंबा ला सुमरिन। देवता मन माता के आगू अपन दुख के अरजी लगाइन। माता के शरण मं जाके सबो झन अपन रक्षा बर विनती करिन।
भक्त मन के पुकार सुनके महामाया के हृदय मं करुणा जागिस। माता के आंखी ले निकले आंसू धरती मं पानी के रूप मं बहत गिन। नदी-नरवा फेर भराय लगिन अउ धरती मं जीवन के आस जागिस।
माता अपन विकराल शक्ति के रूप धारण करिन। दुष्ट दानव अउ ओकर अत्याचार के सामना करे बर देवी रणभूमि मं उतरिन। माता के शेर गरजत रहिस अउ देवी के तेज ले सगरो दिशा प्रकाशित होवत रहिस।
देवी शक्ति के आगू दुर्गम दानव के घमंड चूर होगे। माता दुष्ट शक्ति के संहार करके धरती मं फेर धर्म अउ शांति के स्थापना करिन। देवता मन माता के जय-जयकार करिन अउ अपन-अपन धाम ला लौट गइन।
ये कथा के मूल संदेश ये आय कि जब संसार मं अधरम बढ़थे, तब शक्ति के जागरण जरूरी होथे। सच्चे मन ले देवी ला सुमरे वाला भक्त कभू अकेला नइ रहय। माता शक्ति अपन भक्त मन के रक्षा करथे अउ अन्याय के अंत करके सत्य के स्थापना करथे।
“भईगे चण्डालिन” गीत ये पूरा देवी महिमा ला छत्तीसगढ़ी लोकभाखा मं गाथा के रूप मं प्रस्तुत करथे।
अक्सर पूछे जाथे वाले सवाल
1. “भईगे चण्डालिन” गीत के गायक कोन हें?
“भईगे चण्डालिन” गीत के गायक स्व. धर्मेन्द्र सुफल भगत हें।
2. “भईगे चण्डालिन” के गीतकार कोन हें?
ये गीत के गीतकार स्व. परमानन्द पुरबिया हें।
3. ये गीत कोन किसम के गीत आय?
ये एक छत्तीसगढ़ी जस गीत अउ देवी भक्ति गीत आय।
4. “भईगे चण्डालिन” गीत मं काकर महिमा गाये गे हे?
गीत मं माता दुर्गा, महामाया अउ देवी शक्ति के महिमा गाये गे हे।
5. गीत मं कोन-कोन दानव के उल्लेख हे?
गीत मं शुंभ, निशुंभ, महिषासुर, रक्तबीज अउ दुर्गम दानव के उल्लेख मिलथे।
6. ये गीत मं बघवा के उल्लेख काबर करे गे हे?
बघवा माता दुर्गा के वाहन आय अउ देवी के वीर अउ शक्ति रूप के प्रतीक आय।
7. ये गीत काकर बखत गाये जा सकथे?
ये गीत नवरात्रि, जस जागरण, जवारा, देवी पूजा अउ भक्ति कार्यक्रम मं गाये जा सकथे।
8. “भईगे चण्डालिन” के मतलब का आय?
ये गीत के संदर्भ मं “चण्डालिन” शब्द देवी के विकराल, शक्तिशाली अउ दुष्ट शक्ति के संहार करे वाला रूप ला दर्शाथे।
9. ये गीत के यूट्यूब चैनल के नाम का आय?
गीत संबंधी जानकारी मं यूट्यूब चैनल New CG Jas Geet बताये गे हे।
10. ये गीत के बोल कहां मिलही?
“भईगे चण्डालिन” के छत्तीसगढ़ी गीत के बोल CG Jas Lyrics मं पढ़े जा सकथे।
CG Jas Lyrics के बारे मं
CG Jas Lyrics छत्तीसगढ़ी जस गीत, देवी भक्ति गीत, पचरा, आरती अउ लोकभक्ति गीत के बोल ला एके जगह मं पहुंचाय के कोसिस करथे। हमर उदिम ये हे कि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक भक्ति गीत मन के शब्द, गायक, गीतकार अउ गीत संबंधी जानकारी आने वाला पीढ़ी तक पहुंचत रहय।
CG Jas Lyrics मं छत्तीसगढ़ी बोली-भाखा के जस गीत मन ला डिजिटल रूप मं सहेजे के काम करे जाथे, ताकि गांव-गंवई के पुराना भक्ति गीत मन इंटरनेट मं घलो जिंदा रहंय।
वेबसाइट ऑनर: के. के. पंचारे
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