शिव रानी कहाये जस गीत के बोल | हिमांशु ध्रुव | CGJasLyrics


शिव रानी कहाये छत्तीसगढ़ी जस गीत हिमांशु ध्रुव

शिव रानी कहाये जगत जननी हो मा

शिव रानी कहाये जगत जननी हो मा एक भक्तिमय छत्तीसगढ़ी जस गीत हे, जेमा माता भवानी, जगत जननी अउ भगवान शिव के महिमा के सुंदर वर्णन मिलथे।

गीत के परिचय अउ भक्ति के पावन संदेश

छत्तीसगढ़ी जस गायन म माता रानी के महिमा गाए के विशेष महत्व हे। “शिव रानी कहाये जगत जननी हो मा” गीत म माता के शक्ति, शिवजी के संग माता के संबंध अउ जगत के कल्याण के भावना झलकथे।

ए गीत भक्त मन ला माता के चरण म श्रद्धा रखे, भगवान के नाम सुमिरन करे अउ सुख-शांति के कामना करे के संदेश देथे।

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गीत -शिव रानी कहाये 

गीत के प्रकार -छत्तीसगढ़ी जस 

विषय -माता सात अउ भगवान शिव के महिमा 

गायक -हिमांशु ध्रुव 

गीतकार -तीरथ राम निर्मलकर 

यूट्यूब -जस के रंग 

वेबसाइट ऑनर -के के पंचारे 

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शिव रानी कहाये जगत जननी हो मा -2 

जगत जननी हो मा----

 शिव रानी कहाये जगत जननी हो मा -2 

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जब जब जनम लिए जगजननी  शिव शंकर के प्यारी -2 

शिव शंकर के प्यारी हो मईया शिव शंकर के प्यारी

जब जब जनम लिए जगजननी शिव शंकर के प्यारी -2

उड़ान - भांग धथूरा हरहर भोला, शंकर त्रिपुरारी  

 शिव रानी कहाये जगत जननी हो मा -2 

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जनम मरण दुर्गा महरानी चरण कमल कर पावे  -2 

चरण कमल कर पावे हो मईया चरण कमल कर पावे

जनम मरण दुर्गा महरानी चरण कमल कर पावे  

अंचल अमर हर युग हर जग में मन इच्छा फल पाई -2

मन इच्छा फल पाई भवानी मन इच्छा फल पाई

अंचल अमर हर युग हर जग में मन इच्छा फल पाई

उड़ान - जय भोला ,जय शिव हरहर भोला 

जगत जननी हो मा----

 शिव रानी कहाये जगत जननी हो मा -2 

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जगत मात ये जगत पिता शिव जगत सर्व सुख पाये -2 

जगत सर्व सुख पाये भवानी जगत सर्व सुख पाये

जगत मात ये जगत पिता शिव जगत सर्व सुख पाये

उड़ान -यहो अस्ट डस्ट पूरन सब गाये -2 

जगत जननी हो मा----

 शिव रानी कहाये जगत जननी हो मा

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महादेव गिरजा पद बन्दव गणपति चरण मनायेव  -2 

गणपति चरण मनायेव भवानी गणपति चरण मनायेव

महादेव गिरजा पद बन्दव गणपति चरण मनायेव

यहो सकल सुराचर अचरा चराचर निसदिन धियान लगायेव-2 

मै मत हिन जगत के वो माता केवल चरण मनावव -2  

उड़ान -यहो अस्ट डस्ट पूरन सब गाये -2 

जगत जननी हो मा----

 शिव रानी कहाये जगत जननी हो मा

जगत जननी हो मा----

 शिव रानी कहाये जगत जननी हो मा

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भक्ति अउ भावना के अनमोल संगम

“शिव रानी कहाये जगत जननी हो मा” गीत म माता जगदंबा के महिमा अउ भगवान शिव के संग माता के पावन संबंध के वर्णन करे गे हे। गीत के मुखड़ा म माता ला जगत जननी कहिके संबोधित करे गे हे।
एखर अलग-अलग अंतरा म माता के चरण कमल, मन के इच्छा, जगत के सुख अउ गणपति के वंदना जइसन भक्ति भाव मन झलकथे। गीत के शब्द छत्तीसगढ़ी जस गायन के पारंपरिक वातावरण के याद दिलाथे।
जब जस मंडली म गायक अउ संगवारी मन मिलके अइसन गीत गावथें, तब भक्ति के माहौल बनथे अउ भक्त मन माता के जयकारा लगाथें।

गीत के भावार्थ – हर पंक्ति के भीतर छुपे भक्ति के भाव

ए गीत के मुख्य भाव माता जगत जननी के महिमा गाना अउ भगवान शिव के प्रति श्रद्धा प्रकट करना हे।
मुखड़ा के भाव: माता भवानी ला जगत के जननी अउ शिवजी के रानी के रूप म नमन करे गे हे।
पहिली अंतरा के भाव: माता अउ भगवान शिव के पावन संबंध के महिमा गाए गे हे। भगवान शिव के त्रिपुरारी स्वरूप के स्मरण घलो करे गे हे।
दूसरी अंतरा के भाव: भक्त माता के चरण कमल म श्रद्धा रखथे अउ जीवन म सुख, शांति अउ मन के सद्भाव के कामना करथे।
तीसरी अंतरा के भाव: माता ला जगत के जननी अउ शिवजी ला जगत के पिता के रूप म मानत हुए सबके सुख-कल्याण के भावना व्यक्त करे गे हे।
चौथी अंतरा के भाव: महादेव, माता गिरजा अउ गणपति के वंदना करे गे हे। भक्त अपन कमी स्वीकार करके माता के चरण म भक्ति अर्पित करथे।
ए गीत हमन ला सिखाथे कि श्रद्धा, विनम्रता अउ सबके भलाई के भावना भक्ति के महत्वपूर्ण अंग हें।

 छत्तीसगढ़ी परंपरा अउ जस गायन के महिमा

छत्तीसगढ़ म जस गीत माता सेवा अउ लोकभक्ति के महत्वपूर्ण हिस्सा आय। गाँव-गाँव म जस मंडली मन पारंपरिक धुन, ढोल-मंजीरा अउ सामूहिक गायन के माध्यम ले देवी-देवता के महिमा गावथें।
नवरात्रि, माता सेवा अउ अन्य धार्मिक अवसर म जस गायन के विशेष वातावरण देखे-सुने बर मिलथे। जस गीत मन म स्थानीय बोली, लोकजीवन, धार्मिक विश्वास अउ सामूहिक श्रद्धा के सुंदर मेल रहिथे।
“शिव रानी कहाये” जइसन गीत माता भवानी अउ भगवान शिव के महिमा के माध्यम ले भक्त मन ला अपन संस्कृति अउ भक्ति परंपरा से जोड़े रखथे।

गीत के विशेषता अउ महत्व – भक्ति रस म डूबे के सुंदर अवसर

ए गीत के कुछ खास विशेषता ये हें:
माता जगत जननी के महिमा के वर्णन।
भगवान शिव, माता गिरजा अउ गणपति के वंदना।
छत्तीसगढ़ी बोली के पारंपरिक भक्ति भाव।
मुखड़ा अउ अंतरा के दोहराव से सामूहिक गायन म सहजता।
परिवार अउ समाज के सुख-शांति के मंगल भावना।
लोकभक्ति अउ छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव।
एखर महत्व केवल गीत गाए तक सीमित नइ हे। ए गीत भक्त मन ला श्रद्धा, विनम्रता अउ लोकपरंपरा के सम्मान के भावना से जोड़े के माध्यम बन सकथे।

 गीतकार के परिचय – तीरथ राम निर्मलकर

“शिव रानी कहाये” गीत के उपलब्ध जानकारी के अनुसार गीतकार तीरथ राम निर्मलकर हें। गीत के शब्द म माता जगदंबा, भगवान शिव अउ गणपति के प्रति भक्ति के भाव दिखाई देथे।

गायक के परिचय – हिमांशु ध्रुव

“शिव रानी कहाये जगत जननी हो मा” गीत के गायक हिमांशु ध्रुव हें। ए गीत म माता भवानी अउ भगवान शिव के महिमा के गायन करे गे हे।

गीत ले जुड़त भक्ति कथा – माता के चरण म सच्ची श्रद्धा

एक छोटे से गाँव म रामू नाम के किसान रहय। ओकर परिवार साधारण रहय, लेकिन ओकर मन म माता भवानी के प्रति गहरी श्रद्धा रहय। हर साल नवरात्रि म गाँव के मंदिर म जस गायन होवय। रामू अपन काम पूरा करके रात म जस सुने बर जरूर जावय।
एक दिन गाँव म भारी सूखा पड़िस। खेत मन सूख गे, कुआँ के पानी कम होगे अउ गाँव के लोगन के चेहरा म चिंता छा गे। किसान मन अपन फसल के चिंता करत रहिन। रामू घलो दुखी रहय, लेकिन वो गाँव के लोगन ला एक-दूसर के सहायता करे के सलाह दिस।
नवरात्रि के पहिली रात गाँव के मंदिर म जस मंडली जुटिस। गायक मन माता के महिमा गावत रहिन। ओही समय “शिव रानी कहाये जगत जननी हो मा” के मुखड़ा गूंजिस। रामू ध्यान लगाके गीत सुनत रहय। गीत के भाव ओकर मन ला समझाइस कि माता के भक्ति के संग दया, सेवा अउ सबके भलाई के भावना घलो जरूरी हे।
दूसर दिन रामू अपन पड़ोसी मन ला संगठित करिस। सबो मिलके गाँव के पुराना कुआँ के सफाई करिन, पानी बचाय के उपाय करिन अउ जरूरतमंद परिवार मन के मदद करिन। गाँव के महिला मन भोजन बनाके अकेला अउ बुजुर्ग मन तक पहुँचाइन। युवा मन खेत के पानी बाँटे बर मिलके योजना बनाइन।
धीरे-धीरे गाँव म सहयोग के भावना बढ़े लगिस। कुछ दिन बाद बरखा घलो होइस। खेत मन म हरियाली लौटे लगिस। गाँव वाले मन बरखा ला माता के कृपा मानिन, लेकिन रामू सबला समझाइस कि प्रार्थना के संग मेहनत, एकता अउ सेवा घलो जरूरी हे।
नवरात्रि के आखिरी दिन गाँव के मंदिर म फेर जस गायन होइस। सबो मन माता भवानी के जयकारा लगाइन। रामू हाथ जोड़के कहिस, “हे जगत जननी, हमन ला अइसने बुद्धि दे कि हमन एक-दूसर के दुख समझ सकन अउ जरूरत के समय मदद कर सकन।”
ओ दिन गाँव वाले मन समझिन कि सच्ची भक्ति केवल पूजा-पाठ म नइ, बल्कि दूसर के दुख बाँटे अउ समाज के भलाई करे म घलो बसे रहिथे।
“शिव रानी कहाये जगत जननी हो मा” गीत के भक्ति संदेश घलो भक्त मन ला श्रद्धा, विनम्रता अउ मंगल भावना के ओर प्रेरित करथे।

अक्सर पूछे जाथे – ए जस गीत के बारे म जरूरी सवाल

प्रश्न 1: “शिव रानी कहाये” गीत के गायक कोन हें?
उत्तर: उपलब्ध जानकारी के अनुसार ए गीत के गायक हिमांशु ध्रुव हें।
प्रश्न 2: ए गीत के गीतकार कोन हें?
उत्तर: ए गीत के गीतकार तीरथ राम निर्मलकर हें।
प्रश्न 3: “शिव रानी कहाये” कइस प्रकार के गीत आय?
उत्तर: ए छत्तीसगढ़ी भक्ति अउ जस गायन परंपरा से जुड़त गीत आय।
प्रश्न 4: ए गीत म कोन देवी-देवता के महिमा गाए गे हे?
उत्तर: गीत म माता जगत जननी, माता भवानी, भगवान शिव अउ गणपति के वंदना के भाव मिलथे।
प्रश्न 5: ए गीत के मुख्य संदेश का हे?
उत्तर: गीत के मुख्य भाव श्रद्धा, विनम्रता, माता के महिमा अउ सबके सुख-कल्याण के कामना आय।
प्रश्न 6: ए गीत के वीडियो कहाँ देख सकथन?
उत्तर: उपलब्ध जानकारी के अनुसार YouTube चैनल “जस के रंग” से संबंधित वीडियो के सही लिंक जोड़कर देखे जा सकथे।

अउ जस गीत मन घलो पढ़व – माता रानी के भक्ति गीत संग्रह

माता रानी के अउ जस गीत पढ़े बर नीचे अपन वेबसाइट के संबंधित पोस्ट के लिंक जोड़व।
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वेबसाइट ऑनर: के के पंचारे
YouTube स्रोत: जस के रंग
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 कॉपीराइट अउ स्रोत जानकारी – रचनाकार के सम्मान संग

गीत का नाम: शिव रानी कहाये
गायक: हिमांशु ध्रुव
गीतकार: तीरथ राम निर्मलकर
वीडियो स्रोत: जस के रंग
वेबसाइट: CGJasLyrics.com
वेबसाइट ऑनर: के के पंचारे
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