शारद मोर सती माय लिरिक्स | कांतिकार्तिक यादव | CGJasLyrics
शारद मोर सती माय, पइयां ला लागव मैं तोर – छत्तीसगढ़ी जस गीत
गीत के परिचय
“शारद मोर सती माय” छत्तीसगढ़ी लोकभाव, देवी भक्ति अउ पारंपरिक पारिवारिक जीवन के प्रसंग ले जुड़़े एक सुंदर गीत आय। ए गीत म गौरी के धान कूटे के दृश्य, सेमी के मड़वा, गवन के तैयारी, ससुरार के संबंध अउ अंगना म तुलसी के बिरवा लगाय के परंपरा के चित्रण मिलथे।
गीत के मुखड़ा म भक्त माता के पइयां परे के भाव प्रकट करथे। आगे के अंतरा मन म गौरी के जीवन के अलग-अलग प्रसंग गीत के रूप म सामने आथें। एखर भाषा म छत्तीसगढ़ी गांव के रहन-सहन, घर-परिवार के नाता अउ लोकजीवन के झलक मिलथे।
ए पोस्ट म गीत के उपलब्ध बोल, सरल भावार्थ, सांस्कृतिक महत्व अउ एखर भाव ले प्रेरित एक नई कथा प्रस्तुत करे गे हे।
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गीत -शारद मोर सती मा
गायक -कांतिकार्तिक यादव
म्यूज़िक -ओ पी देवांगन
वेबसाइट ऑनर -केके पंचारे
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गीत के बारे म
“शारद मोर सती माय” गीत के बोल म छत्तीसगढ़ी ग्रामीण जीवन के कई सुंदर दृश्य एक-दूसर ले जुड़े दिखथें। कहीं गौरी मूसर ले धान कूटत हे, कहीं लेवनहार के आवत के बात होवत हे, त कहीं नोनी के गवन अउ ससुरार जाए के प्रसंग आथे।
गीत के शुरुआत म माता के पइयां परे के भाव हे। एखर बाद सेमी के मड़वा अउ धान कूटे के दृश्य गीत ला गांव के घरेलू जीवन ले जोड़थे। पुराना समय म धान कूटना, अनाज के व्यवस्था करना अउ घर के काम-काज परिवार के दैनिक जीवन के हिस्सा रहिस।
आगे गीत म गवन के बात आथे। गवन के प्रसंग छत्तीसगढ़ी लोकजीवन म बेटी के जीवन के एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप म देखे जाथे। एखर संग सास, ननंद अउ छोटका देवर जइसन रिश्ता के उल्लेख गीत ला पारिवारिक रंग देथे।
गीत के आखिरी अंतरा मन म तुलसी के बिरवा लगाय अउ रोज जल चढ़ाय, दीया जलाय के बात आथे। ए दृश्य घर के आंगन, आस्था अउ पारंपरिक जीवनशैली के याद दिलाथे।
ए गीत के खासियत ये हे कि एमा भक्ति के संबोधन अउ पारिवारिक जीवन के कथा एक संग चलथे। एखर सेती ए गीत ला केवल शब्द के रूप म नइ, बल्कि छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति के एक भावपूर्ण झलक के रूप म घलो पढ़े जा सकथे।
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शारद मोर सती माय ,पइया ला लागव मै तोर -2
//1//
सेमी के मड़वा मोर हालर झुलर ,मोर हालर झुलर !
शारद मोर सती माय,जाता तरी गौरी कुटे धान !!
//2//
छोड़ो तुम छोड़ो गौरी बाहना मूसर ला ,बहाना मूसर ला !
शारद मोर सती माय,पहुंच आये हो लेवन हार !!
//3//
हो आवन वाले ला आवन देबे आवन देबे !
शारद मोर सती माय,कूट के खवाहु जुन्ना धान !!
//4//
एसो के साल मा नोनी होहे सुकाले होहे सुकाले !
शारद मोर सती माय,ससुरे ले जाहु जुन्ना धान !!
//5//
पहली गवन के तोर देहरी खुदाये , देहरी खुदाये!
शारद मोर सती माय,अगलो मा जाहु ससुरार !!
//6//
यहो काकर संग रहिबे काकर संग खिलिबे ,काकर संग खिलिबे
शारद मोर सती माय,कियासे कराहु मन बान !!
//7//
सासे संग रहिबे ननंद संग खिलिहो ,ननंद संग खिलिहो!
शारद मोर सती माय,छोटका देवर मन भाय !!
//8 //
यहो सास बेचारी तोरे मन हार जाती हे मन हार जाती हे !
शारद मोर सती माय,ननद गायो हो ससुरार !!
//9//
छोटका देवर तोर बेटवा बरोबर ,बेटवा बरोबर !
शारद मोर सती माय,कियादे कराहु मन बान !!
//10//
यहो सेमी के मड़वा तोर हरियर हरियर हरियर हरियर !
शारद मोर सती माय,तोरो पिया गये बन जात !!
//11 //
अंगना लगाले नोनी तुलसी के बिरवा तुलसी के बिरवा !
शारद मोर सती माय ,निसदिन जल ला चढ़ाय !!
//12//
यहो सेमी के बिरवा मोर हरियर हरियर हरियर हरियर !
शारद मोर सती माय,निसदिन दीया ला जलाय !!
शारद मोर सती माय ,पइया ला लागव मै तोर -2
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गीत के भावार्थ
ए गीत के भाव ला समझे बर एकर अलग-अलग प्रसंग मन ला देखे जा सकथे।
माता के पइयां परे के भाव
“शारद मोर सती माय, पइया ला लागव मै तोर” म श्रद्धा, सम्मान अउ माता के प्रति अपनापन के भाव झलकथे। भक्त माता के चरण म अपन श्रद्धा अर्पित करत हे।
सेमी के मड़वा अउ धान कूटे के दृश्य
सेमी के मड़वा के हरियर रूप अउ जाता के तरी धान कूटत गौरी के दृश्य गांव के घरेलू जीवन ला दिखाथे। धान केवल भोजन के साधन नइ, बल्कि मेहनत, अन्न अउ परिवार के जीवन के संग जुड़े हे।
लेवनहार के आगमन
गीत म लेवनहार के आवत के प्रसंग गौरी के जीवन म आगू आवत बदलाव के संकेत देथे। परिवार के काम-काज के बीच गवन के बात धीरे-धीरे सामने आथे।
गवन अउ ससुरार के प्रसंग
गवन के उल्लेख बेटी के जीवन के एक महत्वपूर्ण पड़ाव ला दर्शाथे। ससुरार म सास, ननंद अउ देवर के संग रहे के बात परिवार के अलग-अलग संबंध मन के परिचय कराथे।
तुलसी के बिरवा अउ दीया
अंगना म तुलसी लगाना, रोज जल चढ़ाना अउ दीया जलाना घर के धार्मिक आस्था अउ अनुशासन के भाव ला दिखाथे। ए दृश्य घर-परिवार म मंगल अउ शांति के कामना के प्रतीक बनथे।
गीत के मूल भाव
ए गीत म भक्ति के संबोधन के संग बेटी के जीवन, घर के काम-काज, पारिवारिक रिश्ते अउ धार्मिक परंपरा के चित्रण मिलथे। एखर भाव ला समझे ले छत्तीसगढ़ी लोकजीवन के कई पहलू सामने आथें।
छत्तीसगढ़ी परंपरा अउ जस गायन
छत्तीसगढ़ के लोकसंस्कृति म गीत-संगीत के विशेष स्थान हे। गांव के जीवन म खेती-किसानी, तीज-तिहार, पारिवारिक आयोजन अउ देवी-देवता के आराधना ले जुड़े गीत पीढ़ी-दर-पीढ़ी गाये जावत हें।
लोकगीत के एक खास गुण ये हे कि एमा आम जीवन के दृश्य घलो गीत के रूप ले सामने आथें। धान कूटना, आंगन सजाना, बेटी के गवन, ससुरार के नाता अउ तुलसी चौरा जइसन विषय लोकजीवन के अनुभव ला शब्द देथें।
जस गायन म देवी के महिमा, श्रद्धा अउ भक्ति के भाव प्रमुख रहिथे। प्रस्तुत गीत के मुखड़ा म “सती माय” के संबोधन भक्ति के भाव पैदा करथे, जबकि अंतरा मन म गौरी के घरेलू जीवन अउ गवन के प्रसंग लोककथा जइसन रूप ले सामने आथें।
एखर सेती ए गीत ला छत्तीसगढ़ी लोकभाव अउ भक्ति संबोधन के संग पढ़ना उपयोगी हे। हालांकि एखर सटीक पारंपरिक गायन-शैली अउ वर्गीकरण के पुष्टि मूल रिकॉर्डिंग या जानकार लोककलाकार ले करना उचित होही।
गीत के विशेषता अउ महत्व
1. भक्ति अउ लोकजीवन के मेल
गीत के मुखड़ा म माता के चरण म श्रद्धा हे, जबकि अंतरा मन म गांव के घरेलू जीवन के चित्रण हे।
2. छत्तीसगढ़ी बोली के मिठास
गीत के शब्द म स्थानीय बोली के सहजता हे। एखर ले पाठक मन ला छत्तीसगढ़ी भाषा के लोकस्वरूप समझे म मदद मिलथे।
3. धान अउ खेती-किसानी के महत्व
धान कूटे के दृश्य हमर अन्न संस्कृति अउ मेहनतकश ग्रामीण जीवन के याद दिलाथे।
4. बेटी के गवन के प्रसंग
गवन के उल्लेख परिवार, परंपरा अउ बेटी के जीवन म आवत बदलाव ला सामने लाथे।
5. पारिवारिक संबंध के चित्रण
सास, ननंद अउ देवर के उल्लेख ले परिवार के अलग-अलग रिश्ता के पहचान होथे।
6. तुलसी चौरा अउ दीया
तुलसी म जल चढ़ाना अउ दीया जलाना घर के धार्मिक आस्था के परिचित प्रतीक आय।
7. लोकस्मृति के संरक्षण
अइसन गीत मन पुराना समय के घरेलू काम-काज, बोली अउ सामाजिक रीति के याद ला संजोये रखथें।
8. गायन बर सरल संरचना
मुखड़ा के दोहराव अउ अंतरा के क्रम गीत ला गाये अउ याद करे म आसान बना सकथे।
9. नई पीढ़ी बर सांस्कृतिक सीख
गीत के अर्थ समझे ले नवा पीढ़ी ला छत्तीसगढ़ी बोली, पारिवारिक जीवन अउ लोकपरंपरा के बारे म जानकारियां मिल सकथें।
10. भावपूर्ण कथा के संभावना
गीत के अलग-अलग अंतरा मन ला जोड़के गौरी के गवन अउ ससुरार के जीवन ऊपर एक लोकभावपूर्ण कथा के रूप म समझे जा सकथे।
गीतकार के सही नाम अउ परिचय उपलब्ध होय पर ए भाग ला अपडेट करव।
गायक के परिचय
कांतिकार्तिक यादव ए गीत के गायक के रूप म उल्लेखित हवंय। “शारद मोर सती माय” के बोल म भक्ति के संबोधन अउ छत्तीसगढ़ी लोकजीवन के प्रसंग शामिल हें।
गौरी के गवन अउ हरियर अंगना के लोककथा
एक ठन छत्तीसगढ़ी गांव म गौरी नाम के एक नोनी रहय। ओकर घर के अंगना म सेमी के मड़वा हरियर-हरियर लहरावत रहय। बिहनिया के बेरा जब सूरज के किरन घर के छानी ऊपर पड़य, त अंगना म चिरई-चिरगुन चहकत रहिन। गौरी अपन घर के काम-काज म लगे रहय अउ परिवार के मन ला अपन मीठ बोली ले खुश रखय।
एक दिन गौरी जाता तरी धान कूटत रहय। ओकर हाथ म मूसर रहय अउ मन म आने वाला दिन के विचार। घर के बड़े मन आपस म ओकर गवन के बात करत रहिन। गौरी ला मालूम रहिस कि एक दिन ओला अपन मायके ले ससुरार जाना हे। ए सोच ले ओकर मन म खुशी घलो रहय अउ अपन परिवार ले दूर होय के भावुकता घलो।
घर के अंगना म सेमी के मड़वा देखके गौरी ला अपन बचपन के दिन याद आ जावय। एही अंगना म ओ हंसे-खेले रहिस, एही मड़वा के छांव म परिवार के संग बइठे रहिस। ओकर बर घर के हर कोना अपन कहानी कहत रहय।
कुछ दिन बाद गवन के तैयारी शुरू होइस। घर के मन कपड़ा, अनाज अउ जरूरी सामान के व्यवस्था करे लगिन। गौरी के माय ओकर संग बइठके घर-परिवार के बात समझाइस। ओ कहिस कि बेटी, नवा घर म सबके संग मीठ बोली म बात करबे, अपन काम मन लगाके करबे अउ दूसर के दुख-सुख ला समझबे।
गौरी पूछिस, “माय, नवा घर म मोर संग कोन रहिही? मोला कोन अपन कहिही?” माय हंसके कहिस, “बेटी, परिवार के नाता धीरे-धीरे प्रेम ले मजबूत होथे। सास, ननंद अउ देवर सबके संग सम्मान अउ अपनापन रखबे। दूसर मन ला समझे के संग अपन मन के बात घलो शांति ले कहिबे।”
गवन के दिन नजदीक आइस। गौरी अपन अंगना म एक ठन तुलसी के बिरवा लगाइस। ओ रोज बिहनिया उठके तुलसी म जल चढ़ावय अउ संझा बेरा दीया जलावय। ओखर मन म विश्वास रहय कि घर म प्रेम, शांति अउ सद्भाव बने रहना चाही।
जाते बेरा गौरी अपन घर के अंगना ला आखिरी बेर देखिस। सेमी के मड़वा हरियर रहय, तुलसी के पाना हवा म हिलत रहिन अउ घर के मन ओकर विदाई के तैयारी करत रहिन। गौरी के आंखी म आंसू आइस, लेकिन मन म नवा जीवन के आशा घलो रहिस।
ससुरार पहुंचके गौरी धीरे-धीरे घर के मन के संग घुल-मिल गे। ओ सास के काम म हाथ बंटाइस, ननंद संग बात करिस अउ छोटका देवर संग हंसी-मजाक करिस। ओ अपन मायके म सीखे संस्कार ला अपन व्यवहार म रखिस, फेर नवा परिवार के तरीका ला समझे के प्रयास घलो करिस।
कुछ समय बाद गौरी अपन अंगना म तुलसी के एक नवा बिरवा लगाइस। रोज जल चढ़ावत अउ दीया जलावत ओ अपन मायके अउ ससुरार दुनो परिवार बर मंगल के कामना करय।
ए कथा के भाव ये आय कि बेटी के गवन जीवन म बदलाव के समय होथे। अइसन समय म परिवार के प्रेम, आपसी सम्मान अउ समझदारी बहुत जरूरी होथे। लोकगीत अइसने भाव मन ला सरल शब्द म संजोके रखथें।
कथा के सीख: घर के असली सुंदरता केवल मड़वा, गहना अउ सिंगार म नइ, बल्कि प्रेम, सम्मान, सहयोग अउ अपनापन म बसथे।
अक्सर पूछे जाथे (FAQ)
प्रश्न 1: शारद मोर सती माय गीत के गायक कोन हें?
उत्तर: उपलब्ध जानकारी के अनुसार ए गीत के गायक कांतिकार्तिक यादव हवंय।
प्रश्न 2: ए गीत के संगीतकार कोन हें?
उत्तर: ए गीत के संगीत ओ पी देवांगन के बताए गे हे।
प्रश्न 3: ए गीत के पूरा नांव का आय?
उत्तर: गीत के मुखड़ा “शारद मोर सती माय, पइयां ला लागव मै तोर” आय।
प्रश्न 4: ए गीत म गौरी के कोन-कोन प्रसंग मिलथे?
उत्तर: धान कूटे, गवन, ससुरार जाए, सास-ननंद अउ देवर के संग रहे, तुलसी लगाय अउ दीया जलाय के प्रसंग मिलथें।
प्रश्न 5: सेमी के मड़वा के उल्लेख काबर खास हे?
उत्तर: ए गीत म सेमी के मड़वा हरियर घरेलू परिवेश के चित्रण करथे अउ गांव के अंगना के याद दिलाथे।
प्रश्न 6: गीत म गवन के का महत्व हे?
उत्तर: गवन के प्रसंग बेटी के जीवन म आवत बदलाव अउ नवा परिवार म प्रवेश के भाव ला सामने लाथे।
प्रश्न 7: गीत म तुलसी के बिरवा के का अर्थ हे?
उत्तर: तुलसी के बिरवा अउ रोज जल चढ़ाय के प्रसंग घर के आस्था, पूजा-पाठ अउ मंगलकामना के प्रतीक आय।
प्रश्न 8: ए गीत के गीतकार कोन हें?
उत्तर: उपलब्ध जानकारी म गीतकार के नाम नइ मिलिस। सही नाम के पुष्टि होय के बाद जोड़े जा सकथे।
प्रश्न 9: ए गीत के YouTube चैनल के नांव का आय?
उत्तर: उपलब्ध जानकारी म चैनल के नाम नइ मिलिस। मूल वीडियो के लिंक या चैनल के नाम मिलय, त ओला जोड़ना उचित होही।
प्रश्न 10: शारद मोर सती माय के लिरिक्स कहां पढ़े जा सकथे?
उत्तर: ए पोस्ट म गीत के उपलब्ध बोल, भावार्थ अउ सांस्कृतिक जानकारी पढ़े जा सकथे। अउ छत्तीसगढ़ी जस गीत बर www.cgjaslyrics.com देखव।
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“शारद मोर सती माय” गीत के गायक कांतिकार्तिक यादव अउ संगीतकार ओ पी देवांगन हवंय। हालांकि उपलब्ध जानकारी म मूल YouTube चैनल के नांव या वीडियो URL नइ मिलिस।
मूल वीडियो खोजे बर YouTube म “शारद मोर सती माय कांतिकार्तिक यादव ओ पी देवांगन” लिखके खोज सकथव। सही वीडियो मिल जाय, त ओखर लिंक ए पोस्ट म जोड़व।
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