भूत्वा भगादे गोंजा मारके हो – छत्तीसगढ़ी जस गीत लिरिक्स | पूरन साहू

भूत्वा भगादे गोंजा मारके हो – छत्तीसगढ़ी जस लिरिक्स

भूत्वा भगादे गोंजा मार हो छत्तीसगढ़ी लोक जस गीत

गीत के परिचय 

भूत्वा भगादे गोंजा मार हो एक रोचक छत्तीसगढ़ी लोक जस गीत आय। ए गीत म लटियारा बैगा के पारंपरिक पूजा-पाठ, जंतर-मंतर, धूप-दीप अउ भूत-प्रेत भगाय के लोकमान्यता के वर्णन करे गे हे।

गीत म बैगा के पूजा विधि अउ ओकर प्रभाव ला मनोरंजक अंदाज म प्रस्तुत करे गे हे। गीत के मुखड़ा "ये गा लटियारा बईगा" श्रोता मन के मन म लोक परंपरा के चित्र बनाथे।

ए गीत के स्वर अउ रचना दुनों पूरन साहू के हावय।


गीत - भूत्वा भगादे गोंजा मार हो
स्वर -पूरन साहू 
गीतकार -पूरन साहू 
यूट्यूब -kk  casesets
वेबसाइट ऑनर -के के पंचारे 

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गीत के बारे म

भूत्वा भगादे गोंजा मार हो गीत छत्तीसगढ़ के लोक जीवन अउ पारंपरिक बैगा संस्कृति के एक रोचक चित्रण आय।

ए गीत म लटियारा बैगा के पूजा करे के तरीका के वर्णन मिलथे। बैगा चौकी म चंदन, नीम के पत्ता, अगरबत्ती अउ कपूर जलाके आसन लगाथे। फेर भभूत धारण करके अपन पूजा-पाठ शुरू करथे।

गीत म कामाख्या, कवरु नगर अउ अमली गोंजा के उल्लेख घलो मिलथे। जंतर-मंतर, मिर्चा अउ धूंगिया के माध्यम ले लोकमान्यता म भूत-प्रेत भगाय के प्रसंग ला मनोरंजक ढंग ले गाये गे हे।

पूरा गीत म छत्तीसगढ़ी लोकभाषा, हास्य अउ पारंपरिक मान्यता के सुंदर मेल देखे बर मिलथे।

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भूत्वा भगादे गोंजा मार हो ----2 

ये गा लटियारा बईगा ,ये गा लटियारा बईगा

 भूत्वा भगादे गोंजा मार हो 

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चौकी चन्दन लिमऊ बंदन अगर कपूर जलाके -2 

पाठ पुढुलिया भभूत धरे बईठे आसन लगाके -2 

उड़ान -परषो ला पाये दिया बार के हो --हो 

परषो ला पाये दिया बार के हो

ये गा लटियारा बईगा ,ये गा लटियारा बईगा

 भूत्वा भगादे गोंजा मार हो 

kkpanchare //2 //cgjaslyrics

कवरु नगर कामाक्छा सुमरे अमली गोंजा साजे  -2 

लटियारा बईगा के देखत बड़े बड़े भूत्वा नाचे  -2 

उड़ान -कारी पीवरी चाउर गा धार के हो --हो 

कारी पीवरी चाउर गा धार के हो 

ये गा लटियारा बईगा ,ये गा लटियारा बईगा

 भूत्वा भगादे गोंजा मार हो 

kkpanchare //3//kkpanchare 

जंतर मंतर पड़ पड़ फुके मिर्चा धुँगिया दिखाए -2 

अमली गोंजा पड़े चरा चर भूत्वा बड़ गिगियाये -2 

उड़ान -भागे भूत्वा किलकारी पार के  हो --हो 

भागे भूत्वा किलकारी पार के  हो

ये गा लटियारा बईगा ,ये गा लटियारा बईगा

 भूत्वा भगादे गोंजा मार हो 

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जादू टोना मरी मशाना बांधे वीर बैताला -2 

चटिया मटिया भुत परेतिन कहिबे काला काला  -2 

उड़ान -प्रेमें पूरन के बाधा तार के  हो --हो 

प्रेमें पूरन के बाधा तार के  हो

ये गा लटियारा बईगा ,ये गा लटियारा बईगा

 भूत्वा भगादे गोंजा मार हो

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गीत के भावार्थ

ए गीत म छत्तीसगढ़ के पारंपरिक बैगा अउ ओझा मन के लोकमान्यता के वर्णन करे गे हे।

गीत के पहिली अंतरा म बैगा के पूजा के तैयारी बताय गे हे। वो चंदन, नीम, अगर अउ कपूर जलाके अपन आसन म बइठथे।

दूसरा अंतरा म कामाख्या अउ अमली गोंजा के लोकमान्यता के उल्लेख हे। तीसरा अंतरा म जंतर-मंतर, मिर्चा अउ धूंगिया के माध्यम ले भूत भगाय के प्रसंग ला हास्यपूर्ण ढंग ले बताय गे हे।

आखिरी अंतरा म जादू-टोना, वीर बैताल अउ भूत-प्रेत के लोककथा संबंधी उल्लेख मिलथे।

कुल मिलाके ए गीत छत्तीसगढ़ी लोकजीवन, मनोरंजन अउ पारंपरिक विश्वास के चित्र प्रस्तुत करथे।

छत्तीसगढ़ी परंपरा अउ जस गायन

छत्तीसगढ़ के गांव-गांव म बैगा, देवार अउ लोक कलाकार मन के अपन अलग पहचान हे। गांव के धार्मिक आयोजन, जस गायन अउ लोककथा मन म पारंपरिक मान्यता के अनेक प्रसंग सुनाय जाथे।

बैगा मन ला गांव के पारंपरिक पूजा-पाठ अउ लोक उपचार संबंधी मान्यता के संग जोड़े जाथे। अइसन लोकगीत मन पुराना समय के ग्रामीण जीवन, रहन-सहन अउ विश्वास के झलक दिखाथें।

भूत्वा भगादे गोंजा मार हो गीत घलो एही लोकपरंपरा के मनोरंजक उदाहरण आय।

गीत के विशेषता अउ महत्व

1.छत्तीसगढ़ी लोकभाषा के सुंदर प्रयोग।
2.लटियारा बैगा के रोचक वर्णन।

3.पारंपरिक पूजा-पाठ के प्रसंग।

4.जंतर-मंतर अउ लोकमान्यता के चित्रण।

5.हास्य अउ मनोरंजन ले भरपूर गीत।

6.छत्तीसगढ़ी ग्रामीण संस्कृति के झलक।

7.पूरन साहू के स्वर अउ रचना के प्रस्तुति।

गीतकार के परिचय

गीतकार – पूरन साहू

पूरन साहू ए गीत के रचनाकार हें। उनकर रचना म छत्तीसगढ़ी लोकजीवन, ग्रामीण परंपरा अउ पारंपरिक मान्यता के झलक देखे बर मिलथे।

भूत्वा भगादे गोंजा मार हो गीत के माध्यम ले पूरन साहू ह लटियारा बैगा अउ भूत-प्रेत संबंधी लोककथात्मक प्रसंग ला रोचक अंदाज म प्रस्तुत करे हें।

गायक के परिचय

गायक – पूरन साहू

पूरन साहू ए छत्तीसगढ़ी गीत ला अपन आवाज म प्रस्तुत करे हें। गीत के मुखड़ा अउ अंतरा म छत्तीसगढ़ी बोली के मिठास अउ लोकगीत के मनोरंजक अंदाज सुनई देथे।

स्वर अउ गीतकार दुनों के रूप म पूरन साहू के योगदान ए गीत के खास पहचान आय।

लटियारा बैगा अउ गांव के पुराना लोकविश्वास

छत्तीसगढ़ के एक छोटे से गांव म पुराना समय ले बैगा मन के अलग पहचान रहिस। गांव के लोगन मन धार्मिक आयोजन, पूजा-पाठ अउ पारंपरिक रीति-रिवाज म बैगा मन के सहयोग लेवत रहिन। गांव के बुजुर्ग मन अलग-अलग लोककथा सुनायंव, जेमे भूत-प्रेत, जादू-टोना अउ बैगा के किस्सा शामिल रहिस।

अइसने एक गांव म एक लटियारा बैगा के चर्चा दूर-दूर तक रहिस। गांव के लोगन मन कहंय कि ओ बैगा के पूजा-पाठ के तरीका बड़े अनोखा हे। जब गांव म कोनो धार्मिक आयोजन होवय, त लोगन मन ओकर घर पहुंच जावंय।

एक दिन गांव के कुछ मनखे मन बैगा के पूजा देखे बर पहुंचिन। बैगा अपन पूजा के तैयारी करत रहिस। वो एक चौकी सजाइस, चौकी म चंदन अउ नीम के पत्ता रखिस। अगरबत्ती अउ कपूर जलाइस। फेर अपन आसन म बइठके पूजा-पाठ शुरू करिस।

बैगा के आसपास गांव के कुछ लोगन मन बइठे रहिन। सबो झन बड़े ध्यान ले ओकर क्रिया देखत रहिन। बैगा अपन माथा म भभूत लगाइस अउ पारंपरिक मंत्र के उच्चारण करे लगिस।

गांव के बुजुर्ग मन बतायंव कि पुराना समय म अइसने पूजा-पाठ के तरीका गांव के लोकजीवन के हिस्सा रहिस। लोगन मन अपन परेशानी ले मुक्ति अउ परिवार के सुख-शांति बर बैगा के पास जावंय।

बैगा के किस्सा म कामाख्या, कवरु नगर अउ अमली गोंजा के उल्लेख घलो होवय। वो अपन लोकपरंपरा के अनुसार अलग-अलग सामग्री के उपयोग करय। गांव के बच्चा मन ए सबो देखके अचंभित हो जावंय।

एक दिन कुछ युवक मन बैगा के पूजा देखके हंसी-मजाक करे लगिन। बैगा के हर गतिविधि ओमन ला अजीब लगत रहिस। कोई कहय कि बैगा के जंतर-मंतर देखके भूत भाग जाही, त कोई ओकर पूजा के तरीका के चर्चा करय।

एही किस्सा धीरे-धीरे गांव म गीत के रूप ले लेइस। कलाकार मन बैगा के पूजा, ओकर आसन, चंदन, कपूर, जंतर-मंतर अउ भूत-प्रेत के लोककथा ला गीत म पिरो दिन।

पूरन साहू ह एही लोकमान्यता अउ मनोरंजक प्रसंग ला अपन गीत म प्रस्तुत करिन। गीत के मुखड़ा भूत्वा भगादे गोंजा मार हो श्रोता मन के बीच आकर्षण के केंद्र बन गे।

ए गीत हमन ला बताथे कि हमर गांव के लोककथा, परंपरा अउ बोली म मनोरंजन के भरपूर खजाना छुपे हे। अइसन गीत मन हमर छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति ला नवा पीढ़ी तक पहुंचाय के काम करथें।

आज घलो जब अइसन लोकगीत सुनथन, त गांव के पुराना दिन, बुजुर्ग मन के किस्सा अउ छत्तीसगढ़ी लोकजीवन के याद ताजा हो जाथे।

अक्सर पूछे जाथे (FAQ)

प्रश्न 1. भूत्वा भगादे गोंजा मार हो गीत के गायक कौन हें?

उत्तर – ए गीत के गायक पूरन साहू हें।

प्रश्न 2. ए गीत के गीतकार कौन हें?

उत्तर – ए गीत के गीतकार पूरन साहू हें।

प्रश्न 3. भूत्वा भगादे गोंजा मार हो कइस प्रकार के गीत आय?

उत्तर – ए छत्तीसगढ़ी लोक जस गीत आय।

प्रश्न 4. ए गीत म कोन बैगा के वर्णन हे?

उत्तर – ए गीत म लटियारा बैगा के वर्णन करे गे हे।

प्रश्न 5. ए गीत म कोन-कोन चीज के उल्लेख हे?

उत्तर – चंदन, नीम, कपूर, भभूत, जंतर-मंतर, मिर्चा अउ लोकमान्यता संबंधी सामग्री के उल्लेख हे।

प्रश्न 6. ए गीत के पूरा लिरिक्स कहां पढ़े बर मिलही?

उत्तर – ए गीत के पूरा बोल CGJasLyrics.com म पढ़े बर मिलही।

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