पांच रंग करे हो सिंगार – भोला श्रीवास जस गीत लिरिक्स | CGJasLyrics
पांच रंग करे हो सिंगार येहो भवानी – छत्तीसगढ़ी जस गीत लिरिक्स
गीत के परिचय
“पांच रंग करे हो सिंगार येहो भवानी” एक देवी भक्ति के जस गीत आय। ए गीत म माता भवानी के अलग-अलग रूप, रंग-बिरंगा सिंगार, गहना अउ महिमा के वर्णन करे गे हे। गीत के बोल म हरियर, पीत, लाली अउ कारी रंग के माध्यम ले माता के मनमोहक रूप के बखान मिलथे।
ए गीत के गायक भोला श्रीवास, गीतकार परमानन्द मौनी लाला अउ संगीतकार चेतन रजक हवंय। माता रानी के भक्ति अउ जस गायन ल पसंद करेइया मन बर ए गीत विशेष महत्व रखथे।
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गीत -पांच रंग करे हो सिंगार
गायक -भोला श्रीवास
गीतकार -परमानन्द मौनी लाला
संगीत -चेतन रजक
यूट्यूब -master kv
वेबसाइट ऑनर -केके पंचारे
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मुखड़ा
पांच रंग करे हो सिंगार येहो भवानी
येहो मातारानी पांच रूप मा
उड़ान -पांच रूप में हो माया पांच रूप मा --2
पांच रंग करे हो सिंगार येहो भवानी
येहो मातारानी पांच रंग करे हो सिंगार
पांच रंग करे हो सिंगार येहो भवानी
येहो मातारानी पांच रूप मा
kkpanchare //1 //cgjaslyrics
पहली रूप हे अटल कुंवारी जे धरा धरनी कहाये हो
हरियर हरियर करे सिंगारे मन सबके हरसाये हो
हरियर चूड़ी लुगरा पाटा गोदना के गहना सुहाए हो
जोगनी बन खिनवा फुल्ली चूक चूक ले दमके जाए हो
उड़ान -पुरवाही बोहाये मन हार -----2
येहो भवानी येहो मातारानी पांच रूप मा
kkpanchare //2 //cgjaslyrics
पीत पीताम्बर मन हर लागे मुकुट सोनहा सुहाए हो
गल भर माला सोन सोन के नग में सर मुस्काये हो
कान म कुण्डल लटके लहसे पारी लउकलुकाये हो
ककनी बनूरिया चूड़ी चाकी मुंदरी हां मन भाये हो
उड़ान -लक्ष्य रूप लक्समी हावय सार-----2
येहो भवानी येहो मातारानी पांच रूप मा
पांच रंग करे हो सिंगार येहो भवानी
येहो मातारानी पांच रूप मा
kkpanchare //3 //cgjaslyrics
लाली रंग शुभ कारी हे सौभाग्य ला दर्शाये हो
लाली माहुर लुगरा पाटा लाली मान बढ़ाये हो
हाथ के मेंहदी लाली चूड़ी टिकली लाली जनाए हो
नख नख लाली महमाई के छवि बरनी ना जाए हो
उड़ान -लाली कमल लगे मनहार ----2
येहो भवानी येहो मातारानी पांच रूप मा
पांच रंग करे हो सिंगार येहो भवानी
येहो मातारानी पांच रूप मा
cgjaslyrics //4 //kkpanchare
कारी कटारी नयन के काजर कारी कराली कहाये हो
अंग करिया के नाव हे कारी कारी रूद्र कहाये हो
करिया रंग बिरबिट रंग हे जे भय कारी कहाये हो
कारी चूड़ी कारी टिकली कारी केश लहराए हो
उड़ान -कारी रंग शिव के हे ;लगाय ---2
येहो भवानी येहो मातारानी पांच रूप मा
पांच रंग करे हो सिंगार येहो भवानी
येहो मातारानी पांच रूप मा
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गीत के भावार्थ
ए गीत के भाव ये आय कि माता भवानी अनेक रूप अउ अनेक रंग म अपन भक्त मन ला दर्शन देथें। हर रंग माता के एक अलग रूप, शक्ति अउ महिमा के प्रतीक बनथे।
हरियर रंग: हरियर रंग हर प्रकृति, हरियाली, जीवन अउ खुशहाली के भाव जगाथे। माता के हरियर सिंगार मन म आनंद भरथे।
पीत रंग: पीताम्बर अउ सोनहा मुकुट माता के वैभव, समृद्धि अउ लक्ष्मी स्वरूप के सुंदरता ला दर्शाथे।
लाली रंग: लाल रंग शक्ति, सौभाग्य, मंगल अउ देवी के तेज के प्रतीक माने जाथे। लाल लुगरा, चूड़ी अउ मेंहदी माता के सिंगार ला अउ सुंदर बनाथें।
कारी रंग: कारी रंग माता के उग्र, शक्तिशाली अउ दुष्ट मन के नाश करेइया रूप के भाव ला सामने लाथे। ए रूप भक्त मन म साहस अउ रक्षा के विश्वास जगाथे।
एखर माध्यम ले भक्त माता के अलग-अलग रूप के पूजा करके अपन मन म श्रद्धा, साहस अउ सकारात्मकता के भाव जगाथें।
छत्तीसगढ़ी परंपरा अउ जस गायन
छत्तीसगढ़ म जस गायन देवी भक्ति के एक महत्वपूर्ण लोक परंपरा आय। गांव-गांव म जस मंडली मन माता के महिमा गाथें। नवरात्रि, देवी पूजा, जगराता अउ दूसर धार्मिक अवसर म जस गीत गाके भक्तिमय माहौल बनाय जाथे।
जस गीत के भाषा सरल, भावपूर्ण अउ लोकजीवन ले जुड़े रहिथे। एखर बोल म माता के सिंगार, शक्ति, ममता अउ महिमा के वर्णन होथे। ढोलक, झांझ, मंजीरा अउ दूसर वाद्य यंत्र के संग जस गायन के आनंद अउ बढ़ जाथे।
“पांच रंग करे हो सिंगार” गीत घलो माता भवानी के रंग-बिरंगा रूप अउ भक्ति भाव ला लोकगीत के अंदाज म प्रस्तुत करथे। अइसन गीत हमर छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति अउ देवी आराधना के परंपरा ला जिंदा रखे म योगदान देथें। गीत के विशेषता अउ महत्व
माता भवानी के अलग-अलग रूप के वर्णन।
रंग-बिरंगा सिंगार अउ गहना के सुंदर चित्रण।
छत्तीसगढ़ी बोली के सरल अउ लोकभावपूर्ण शब्द।
हरियर, पीत, लाली अउ कारी रंग के धार्मिक भाव।
जस गायन अउ देवी आराधना बर उपयोगी भक्ति विषय।
माता रानी के प्रति श्रद्धा अउ विश्वास के संदेश।
लोक संस्कृति अउ पारंपरिक भक्ति गायन ले जुड़ाव।
ए गीत के खास बात ये हे कि एमा माता के रूप के वर्णन रंग अउ सिंगार के माध्यम ले करे गे हे। एखर मुखड़ा बार-बार गाये जा सकथे, जेखर ले जस गायन म भक्ति के माहौल बनथे।
गीतकार के परिचय
परमानन्द मौनी लाला ए गीत के गीतकार के रूप म उल्लेखित हवंय। ए गीत म माता भवानी के रूप, सिंगार अउ महिमा के वर्णन छत्तीसगढ़ी लोकभाषा के माध्यम ले करे गे हे।
गायक के परिचय
भोला श्रीवास ए गीत के गायक हवंय। “पांच रंग करे हो सिंगार” म माता भवानी के भक्ति अउ सिंगार के भाव गीत के बोल के माध्यम ले सामने आथे।
माता भवानी के पांच रंग के सिंगार के भावपूर्ण कथा
एक ठन गांव म माता भवानी के एक पुराना मंदिर रहिस। गांव के लोगन मन रोज बिहनिया अउ संझा मंदिर म जाके माता के पूजा-पाठ करंय। नवरात्रि के बेरा मंदिर ला फूल, दीया अउ रंग-बिरंगा कपड़ा ले सजाय जावय। गांव के बुजुर्ग मन कहंय कि माता के सिंगार केवल बाहरी सुंदरता नइ, बल्कि श्रद्धा, प्रेम अउ विश्वास के प्रतीक आय।
एक दिन गांव के जस मंडली के मन म विचार आइस कि ए साल माता रानी के सिंगार ला अलग-अलग रंग के माध्यम ले प्रस्तुत करे जाही। मंडली के गायक मन माता के पांच रूप के महिमा गाये के तैयारी करिन। मंदिर के आंगन म भक्त मन जुटिन अउ जस गायन शुरू होइस।
पहिली रंग हरियर रखे गिस। हरियर रंग ला देख के भक्त मन ला धरती, खेत-खार, पेड़-पौधा अउ नवजीवन के याद आइस। गांव के किसान मन माता ले प्रार्थना करिन कि खेत म हरियाली रहय, सबके घर म अन्न के कमी झन होवय अउ परिवार म सुख-शांति बने रहय। हरियर सिंगार के वर्णन करत जस मंडली गाइस कि माता के रूप मन ला हरसाथे।
दूसर रंग पीताम्बर के रहिस। माता के मुकुट, माला अउ सोनहा गहना के सिंगार करे गिस। पीत रंग के भाव ले भक्त मन समृद्धि, ज्ञान अउ शुभता के कामना करिन। सबो झन माता के सामने हाथ जोड़ के प्रार्थना करिन कि गांव के हर परिवार मेहनत करके अपन जीवन म आगे बढ़य।
तीसर रंग लाली रहिस। माता के लाल लुगरा, चूड़ी अउ टिकली के सिंगार करे गिस। लाल रंग ला शक्ति, मंगल अउ सौभाग्य के प्रतीक मान के गांव के महिला मन माता के आरती करिन। ओमन अपन परिवार के सुख, संतान के मंगल अउ घर-परिवार म प्रेम बने रहे के कामना करिन।
चौथा रंग कारी रहिस। ए रंग माता के शक्तिशाली अउ रक्षक रूप के भाव ला दिखावत रहिस। जस मंडली गाइस कि माता अपन भक्त मन के रक्षा करथें अउ अन्याय के खिलाफ खड़े होय के हिम्मत देथें। गांव के लोगन मन समझिन कि सच्चा भक्ति के मतलब केवल पूजा करना नइ, बल्कि सत्य के साथ रहना अउ दूसर मन के मदद करना घलो आय।
पांचवां रंग के भाव ला मंडली माता के बाकी रूप मन के संग जोड़ के देखिस। सबो रंग मिलके एक संदेश देत रहिन कि माता के महिमा अनेक रूप म अनुभव करे जा सकथे। रंग अलग हो सकथें, लेकिन श्रद्धा अउ भक्ति के भाव सबके मन म एके समान रहिथे।
जस गायन के आखिरी म पूरा गांव एक संग माता भवानी के जयकारा लगाइस। मंदिर के आंगन भक्ति के स्वर ले गूंज उठिस। गांव के लोगन मन एक-दूसर के सहायता करे, बड़ों के सम्मान करे अउ जरूरतमंद मन के साथ खड़े रहे के संकल्प लीन।
ए कथा के भाव ये आय कि माता के पांच रंग के सिंगार हमन ला जीवन के अलग-अलग गुण के याद दिलाथे। हरियाली, समृद्धि, सौभाग्य, साहस अउ एकता जइसन गुण अपन जीवन म अपनाय के प्रयास करना चाही। माता भवानी के भक्ति के सच्चा भाव सेवा, सदाचार अउ मानवता म घलो दिखना चाही।
नैतिक संदेश: माता के रंग-बिरंगा सिंगार देखे के संग-संग हमन अपन मन म प्रेम, साहस, दया अउ सेवा के रंग घलो भरन।
अक्सर पूछे जाथे (FAQ)
प्रश्न 1: पांच रंग करे हो सिंगार गीत के गायक कोन हें?
उत्तर: ए गीत के गायक भोला श्रीवास हवंय।
प्रश्न 2: ए गीत के गीतकार कोन हें?
उत्तर: गीतकार के रूप म परमानन्द मौनी लाला के नांव दे गे हे।
प्रश्न 3: ए जस गीत के संगीतकार कोन हें?
उत्तर: ए गीत के संगीत चेतन रजक हवंय।
प्रश्न 4: पांच रंग करे हो सिंगार कइस प्रकार के गीत आय?
उत्तर: ए छत्तीसगढ़ी माता भवानी के भक्ति अउ जस गायन ले जुड़े गीत आय।
प्रश्न 5: ए गीत म कोन-कोन रंग के वर्णन हे?
उत्तर: उपलब्ध बोल म हरियर, पीत, लाली अउ कारी रंग के सिंगार के वर्णन हे।
प्रश्न 6: ए गीत के यूट्यूब चैनल के नांव का आय?
उत्तर: उपलब्ध जानकारी के अनुसार यूट्यूब चैनल Master KV आय।
प्रश्न 7: ए गीत के लिरिक्स कहां पढ़े जा सकथे?
उत्तर: ए पोस्ट म गीत के उपलब्ध बोल अउ भावार्थ पढ़े जा सकथे।
प्रश्न 8: CGJasLyrics वेबसाइट म का मिलथे?
उत्तर: वेबसाइट म छत्तीसगढ़ी जस गीत, देवी भक्ति गीत अउ दूसर भक्ति गीत के लिरिक्स पढ़े जा सकथे।
प्रश्न 9: ए गीत के पांचवां रूप के पूरा अंतरा कहां हे?
उत्तर: उपलब्ध पाठ म चार रंग के अंतरा मिले हे। पांचवां रूप के पूरा अंतरा मूल ऑडियो या प्रमाणित गीत-पाठ ले मिलान करके जोड़े जाना चाही।
प्रश्न 10: ए गीत के भाव का संदेश देथे?
उत्तर: ए गीत माता भवानी के अनेक रूप, सिंगार अउ महिमा के माध्यम ले श्रद्धा, शक्ति अउ भक्ति के भाव जगाथे।
अउ जस गीत मन घलो पढ़व
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वेबसाइट: www.cgjaslyrics.com
वेबसाइट ऑनर: के के पंचारे
YouTube चैनल के बारे म
ए गीत के उपलब्ध जानकारी के अनुसार YouTube चैनल के नांव Master KV आय। मूल वीडियो म गीत सुने अउ कलाकार के प्रस्तुति के जानकारी देखे जा सकथे।
गीत के मूल वीडियो देखे बर YouTube म “पांच रंग करे हो सिंगार भोला श्रीवास Master KV” लिख के खोज सकथव।
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जय माता भवानी! जय माता रानी!
**CGJasLyrics – छत्तीसगढ़ी जस गीत अउ भक्ति गीत के अपन वेबसाइट।



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