जब धरती पे जोत लिरिक्स | गनील पटेल | पचरा जस गीत CGJasLyrics


जब धरती पे जोत, भुवना पर कलशा ,छत्तीसगढ़ी पचरा जस गीत लिरिक्स

जब धरती पे जोत छत्तीसगढ़ी पचरा जस गीत गनील पटेल

गीत के परिचय

“जब धरती पे जोत” छत्तीसगढ़ी देवी भक्ति अउ जस गायन ले जुड़़े एक पारंपरिक भाव वाला गीत आय। ए गीत के मुखड़ा म धरती, भुवना, कलश अउ जोत के उल्लेख मिलथे। गीत के अंतरा मन म कलश, करिया भिंभोरा, टुकवा अउ बांस के बिरहा जइसन शब्द मन के माध्यम ले अलग-अलग प्रसंग के वर्णन करे गे हे।

गीत के गायक गनील पटेल हवंय। एखर जस मंडली श्री जय गिरधर जस सेवा समिति, कतरो (दुर्ग) आय अउ उपलब्ध जानकारी के अनुसार लेबल पचरा जस अउ YouTube चैनल मेघराज म्यूजिक आय।

ए पोस्ट म गीत के उपलब्ध बोल, सरल भावार्थ, छत्तीसगढ़ी जस गायन के परंपरा, धार्मिक प्रतीक के महत्व अउ गीत के भाव ले प्रेरित एक नई कथा प्रस्तुत करे गे हे।

गीत के बारे म

“जब धरती पे जोत” गीत म देवी आराधना के प्रतीक मन ला लोकभाषा के माध्यम ले प्रस्तुत करे गे हे। गीत के मुखड़ा म धरती, भुवना अउ कलश के ऊपर जोत जलाय के भाव मिलथे। जोत जलाना भारतीय धार्मिक परंपरा म प्रकाश, श्रद्धा अउ शुभकामना के प्रतीक माने जाथे।

गीत के अंतरा मन म सवाल-जवाब जइसन शैली दिखथे। “जब काहवाले कलशा” अउ “जब काहवाले टुकवा” जइसन पंक्ति मन गीत ला लोकपहेली या संवाद के अंदाज देथें। करिया भिंभोरा, कुमरा घर अउ बांस के बिरहा के उल्लेख गीत के लोकभाषाई रूप ला खास बनाथे।

जस गायन म अइसन गीत मंडली के सामूहिक प्रस्तुति के माध्यम ले गाये जा सकथें। मुखड़ा के दोहराव ले गायक अउ संगवारी मन एके भक्ति भाव म जुड़थें।

────────ᛝ────────

गीत - जब धरती पे जोत 
गायक -गनील पटेल 
लेबल -पचरा जस 
जस मंडली -श्री जय गिरधर जस सेवा समिति कतरो (दुर्ग)
यूट्यूब -मेघराज म्यूजिक 
वेबसाइट ऑनर - के के पंचारे 

────────ᛝ────────

 जब धरती पे भुवना, भुवना पर कलशा ,कलशा में जोत जलाये -2 

कलशा में जोत जलाये हो कलशा में जोत जलाये

 जब धरती पर भुवना, भुवना पर कलशा ,कलशा में जोत जलाये -2 

kkpanchare //1 //cgjaslyrics 

जब काहवाले कलशा अनमन जनमन कहवा लिए अवतारे -२ 

कहवा लिए अवतारे हो मोर कहवा लिए अवतारे 

काहवाले कलशा अनमन जनमन कहवा लिए अवतारे

जब करिया भिंभोरा अनमन जनमन कुमरा घर अवतारे  -२ 

 कुमरा घर अवतारे हो मोर  कुमरा घर अवतारे

करिया भिंभोरा अनमन जनमन कुमरा घर अवतारे 

kkpanchare //2//cgjaslyrics 

जब काहवाले टुकवा अनमन जनमन कहवा लिए अवतारे -२ 

कहवा लिए अवतारे हो मोर कहवा लिए अवतारे 

काहवाले टुकवा अनमन जनमन कहवा लिए अवतारे 

 जब धरती पे भुवना, भुवना पर कलशा ,कलशा में जोत जलाये -2 

कलशा में जोत जलाये हो मोर कलशा में जोत जलाये

kkpanchare //3 //cgjaslyrics 

जब बॉस के बिरहा अनमन जनमन कडरा घर अवतारे -२ 

कडरा घर अवतारे हो मोर कडरा घर अवतारे -2 

बॉस के बिरहा अनमन जनमन कडरा घर अवता

 जब धरती में भुवना, भुवना पर कलशा ,कलशा में जोत जलाये -2 

कलशा में जोत जलाये हो कलशा में जोत जलाये

────────ᛝ────────

गीत के भावार्थ

“जब धरती पे जोत” गीत के भाव ला समझे बर एखर प्रमुख धार्मिक प्रतीक अउ लोकभाषा के शब्द मन ला समझना जरूरी हे।

धरती अउ भुवना के भाव

धरती हमर जीवन के आधार आय। गीत म धरती अउ भुवना के उल्लेख एक व्यापक धार्मिक परिवेश बनाथे। एमा संसार अउ पूजा के स्थान के कल्पना एक-दूसर ले जुड़े दिखथे।

कलश के महत्व

कलश भारतीय पूजा-पाठ म मंगल, पवित्रता अउ शुभ आरंभ के प्रतीक माने जाथे। नवरात्रि अउ देवी आराधना के समय कई घर अउ मंदिर म कलश स्थापना करे जाथे। गीत म कलश के उल्लेख पूजा के एही भाव ला याद दिलाथे।

जोत के महत्व

जोत अंधकार के बीच प्रकाश के प्रतीक आय। पूजा म दीया या जोत जलाके भक्त अपन श्रद्धा अर्पित करथें। एखर भाव ला ज्ञान, आशा अउ सकारात्मकता के संग घलो जोड़े जा सकथे।

सवाल-जवाब के शैली

गीत के अंतरा मन म बार-बार पूछे अउ दोहराय के अंदाज हे। अइसन शैली लोकगीत मन म श्रोता के ध्यान बनाय रखे म मदद करथे अउ सामूहिक गायन के अवसर पैदा करथे।

स्थानीय शब्द मन के भूमिका

करिया भिंभोरा, टुकवा अउ बांस के बिरहा जइसन शब्द गीत के स्थानीय सांस्कृतिक परिवेश ला सामने लाथें। एखर सटीक अर्थ समझे बर क्षेत्रीय बोली अउ मूल प्रस्तुति के संदर्भ जरूरी हे।

गीत के मुख्य संदेश

ए गीत जोत, कलश अउ देवी आराधना के माध्यम ले भक्ति के माहौल बनाथे। एकर भाव ला श्रद्धा, एकाग्रता अउ लोकपरंपरा के सम्मान के रूप म समझे जा सकथे।

छत्तीसगढ़ी परंपरा अउ जस गायन

छत्तीसगढ़ म जस गायन देवी भक्ति अउ लोकसंगीत के महत्वपूर्ण परंपरा आय। गांव-गांव म जस मंडली मन माता रानी के महिमा गाथें। धार्मिक आयोजन, नवरात्रि, मंदिर के कार्यक्रम अउ सामूहिक भजन के अवसर म जस गायन के माहौल बनथे।

जस गीत के एक खास पहचान एखर स्थानीय भाषा, दोहराव वाला मुखड़ा अउ सामूहिक गायन के शैली आय। गायक मुखड़ा उठाथे अउ मंडली के संगवारी मन ओला दोहराथें। एखर ले गीत के भाव श्रोता मन तक सहज रूप ले पहुंचथे।

“जब धरती पे जोत” के मुखड़ा म धरती, कलश अउ जोत के उल्लेख हे। ए प्रतीक भारतीय पूजा-पद्धति म परिचित हें। गीत के अंतरा म स्थानीय शब्द अउ सवाल-जवाब जइसन बनावट छत्तीसगढ़ी लोकभाषा के स्वाद ला सामने लाथे।

श्री जय गिरधर जस सेवा समिति, कतरो (दुर्ग) के नाम ए गीत के उपलब्ध मंडली जानकारी म शामिल हे। अइसन मंडली मन लोकभक्ति के प्रस्तुति के माध्यम ले सामूहिक गायन अउ सांस्कृतिक जुड़ाव ला बढ़ावा दे सकथें।

लोकगीत मन के संरक्षण बर जरूरी हे कि गीत के सही बोल, कलाकार के नाम अउ मूल स्रोत ला ठीक ढंग ले दर्ज करे जाय। एखर ले आने वाला पीढ़ी मन ला अपन भाषा अउ लोकपरंपरा के बारे म भरोसेमंद जानकारी मिलही।

गीत के विशेषता अउ महत्व

1. जोत अउ कलश के धार्मिक प्रतीक

गीत के मुखड़ा म जोत अउ कलश के उल्लेख पूजा-पाठ के परिचित भाव ला सामने लाथे।

2. छत्तीसगढ़ी लोकभाषा

गीत म स्थानीय बोली के शब्द मन के उपयोग करे गे हे, जे एखर लोकस्वरूप ला खास बनाथे।

3. दोहराव वाला मुखड़ा

“कलशा में जोत जलाये” के दोहराव सामूहिक गायन म सहजता लाथे।

4. सवाल-जवाब जइसन शैली

अंतरा मन म पूछे अउ दोहराय के ढंग लोकपहेली जइसन रोचकता पैदा करथे।

5. देवी भक्ति के भाव

जोत अउ कलश के उल्लेख गीत ला देवी आराधना के माहौल ले जोड़थे।

6. मंडली गायन के संभावना

गीत के मुखड़ा अउ दोहराव वाला पंक्ति मन सामूहिक गायन बर उपयोगी बन सकथें।

7. क्षेत्रीय शब्दावली के महत्व

स्थानीय शब्द मन गीत के मूल रूप ला पहिचान देथें। ओमन ला बिना पुष्टि के बदलना उचित नइ होही।

8. लोकसंगीत के संरक्षण

गीत के बोल अउ कलाकार के जानकारी ला व्यवस्थित रूप म दर्ज करना लोकसंगीत के डिजिटल संरक्षण म मददगार हो सकथे।

9. धार्मिक आयोजन म उपयोगिता

गीत के भक्ति भाव देवी आराधना अउ जस गायन के कार्यक्रम म प्रस्तुत करे जा सकथे, बशर्ते प्रस्तुति के परंपरा अउ संदर्भ के पालन होवय।

10. सांस्कृतिक पहचान

छत्तीसगढ़ी जस गीत स्थानीय बोली, सामूहिक गायन अउ धार्मिक भाव के संग समाज के सांस्कृतिक पहचान ला मजबूत करथें।

गीतकार के परिचय

“जब धरती पे जोत” के गीतकार के नाम उपलब्ध जानकारी म उल्लेखित नइ हे। एखर सेती गीतकार के जीवनी, गांव, संगीत यात्रा या दूसर रचना के बारे म बिना प्रमाण के जानकारी जोड़ना सही नइ होही।

गीत के बोल म जोत, कलश अउ स्थानीय शब्द मन के माध्यम ले धार्मिक अउ लोकभाषाई भाव प्रस्तुत करे गे हे। गीतकार के सही नाम मूल ऑडियो के क्रेडिट, रिकॉर्डिंग कवर या अधिकारिक स्रोत ले मिल जाय, त ए भाग ला अउ विस्तार से पूरा करे जा सकथे।

गायक के परिचय

गनील पटेल ए गीत के गायक हवंय। उपलब्ध जानकारी के अनुसार ए गीत श्री जय गिरधर जस सेवा समिति, कतरो (दुर्ग) के जस मंडली अउ पचरा जस ले जुड़़े प्रस्तुति आय।

जोत के उजियारा अउ गांव के भक्ति

एक ठन छत्तीसगढ़ी गांव म नवरात्रि के तैयारी चलत रहय। गांव के मंदिर ला साफ-सुथरा करे जात रहय। मंदिर के आंगन म फूल सजाय जावत रहिन अउ पूजा के जरूरी सामान एक जगह रखे जात रहिस। गांव के बड़े-बुजुर्ग, महिला मन अउ जवान मन सबो मिलके आयोजन के तैयारी करत रहिन।

गांव के जस मंडली के मन म विचार आइस कि ए बछर देवी आराधना म अइसन जस गीत गाये जाही, जेन म जोत अउ कलश के महत्व के संग लोकभाषा के मिठास घलो रहय। मंडली के गायक मन अभ्यास सुरू करिन। गीत के मुखड़ा रहिस—“जब धरती पे भुवना, भुवना पर कलशा, कलशा में जोत जलाये।”

गीत के बोल सुनके गांव के छोटे-छोटे लइका मन उत्सुक हो गिन। ओमन पूछिन, “कलश काबर रखे जाथे अउ जोत काबर जलाय जाथे?” गांव के एक बुजुर्ग महिला ह ओमन ला समझाइस कि पूजा म कलश शुभ आरंभ अउ मंगलकामना के प्रतीक माने जाथे। जोत प्रकाश के प्रतीक आय, जेन मन ला अंधकार के बीच उजियारा के याद दिलाथे।

पूजा के दिन मंदिर म कलश सजाय गिस। फूल, नारियल अउ पूजा के सामान व्यवस्थित करे गिस। संझा बेरा जोत जलाय गिस अउ जस मंडली के गायन शुरू होइस। गायक ह मुखड़ा उठाइस अउ मंडली के संगवारी मन एक संग दोहराइन। धीरे-धीरे मंदिर के आंगन भक्ति के स्वर ले गूंज उठिस।

गीत के अंतरा मन म स्थानीय शब्द आइन। कुछ लइका मन फेर पूछिन कि करिया भिंभोरा, टुकवा अउ बांस के बिरहा के का अर्थ हे। मंडली के एक सदस्य कहिस कि लोकगीत के कुछ शब्द क्षेत्र के बोली, पुराना चलन अउ गायन के परंपरा ले जुड़े रहिथें। ओमन के सही अर्थ समझे बर पुरखा मन, स्थानीय जानकार अउ गीत के मूल प्रस्तुति के जानकारी ले मदद लेना चाही।

ए बात सुनके गांव के जवान मन एक नया काम सुरू करिन। ओमन बुजुर्ग मन ले पुराना जस गीत के बोल लिखवाय लगिन। जेन गीत के ऑडियो मिलिस, ओखर संग लिखे गे बोल के मिलान करिन। जेन शब्द समझ नइ आइस, ओला बिना पुष्टि के बदले के बजाय अलग ले चिन्हारी करके रखिन।

आयोजन के आखिरी दिन सबो झन मिलके माता के आरती करिन। गांव के लोगन मन समझिन कि पूजा केवल दीया जलाय तक सीमित नइ हे। पूजा के संग दूसर के मदद करना, बड़ों के सम्मान करना अउ गांव म मेल-मिलाप बनाय रखना घलो जरूरी आय।

ए आयोजन के बाद जस मंडली ह फैसला करिस कि गांव के पुराना गीत मन के बोल अउ कलाकार के नाम व्यवस्थित रूप म लिखे जाही, ताकि नवा पीढ़ी मन ओला सीख सकंय। गीत के माध्यम ले लइका मन अपन बोली अउ सांस्कृतिक परंपरा के बारे म जानना शुरू करिन।

कथा के सीख: जोत के उजियारा के संग ज्ञान के उजियारा घलो जरूरी आय। अपन लोकगीत मन के सही बोल, अर्थ अउ स्रोत ला संजोके रखना हमर सांस्कृतिक धरोहर के सम्मान करना आय।

 अक्सर पूछे जाथे (FAQ)

प्रश्न 1: जब धरती पे जोत गीत के गायक कोन हें?
उत्तर: उपलब्ध जानकारी के अनुसार ए गीत के गायक गनील पटेल हवंय।
प्रश्न 2: ए गीत के लेबल का आय?
उत्तर: ए गीत के लेबल के रूप म पचरा जस के जानकारी दे गे हे।
प्रश्न 3: ए गीत के जस मंडली के नांव का आय?
उत्तर: श्री जय गिरधर जस सेवा समिति, कतरो (दुर्ग)।
प्रश्न 4: ए गीत के YouTube चैनल के नांव का आय?
उत्तर: उपलब्ध जानकारी के अनुसार मेघराज म्यूजिक।
प्रश्न 5: गीत के मुखड़ा का आय?
उत्तर: “जब धरती पे भुवना, भुवना पर कलशा, कलशा में जोत जलाये।”
प्रश्न 6: गीत म कलश के का महत्व हे?
उत्तर: कलश भारतीय पूजा परंपरा म शुभता, मंगल अउ पवित्रता के प्रतीक माने जाथे।
प्रश्न 7: जोत जलाय के का भाव हे?
उत्तर: जोत प्रकाश, श्रद्धा अउ आशा के प्रतीक आय।
प्रश्न 8: ए गीत म कोन-कौन स्थानीय शब्द मिलथें?
उत्तर: उपलब्ध बोल म करिया भिंभोरा, टुकवा, बांस के बिरहा अउ कडरा जइसन शब्द मिलथें। एखर सटीक अर्थ मूल गायन के संदर्भ म जांचे जाना चाही।
प्रश्न 9: ए गीत के गीतकार अउ संगीतकार कोन हें?
उत्तर: उपलब्ध जानकारी म गीतकार अउ संगीतकार के नाम नइ मिलिस।
प्रश्न 10: जब धरती पे जोत के लिरिक्स कहां पढ़े जा सकथे?
उत्तर: ए पोस्ट म उपलब्ध गीत के बोल अउ भावार्थ पढ़े जा सकथे। अउ छत्तीसगढ़ी जस गीत बर www.cgjaslyrics.com देखव।

माता रानी के अउ जस गीत मन पढ़व 👇

  1. शारद मोर सती माँ 

  2. पांच रंग करे हो सिंगार 

  3. बाहा भर चूड़ी 

  4. बइला माँ चढ़के 

  5. मोर दुर्गा दाई के गांव 

 CGJasLyrics के बारे म

CGJasLyrics छत्तीसगढ़ी जस गीत, पचरा, आरती अउ भक्ति गीत के बोल पढ़े बर बनाय गे वेबसाइट आय। हमर प्रयास हे कि छत्तीसगढ़ी लोकभाषा अउ देवी भक्ति ले जुड़े गीत मन के जानकारी व्यवस्थित रूप म पाठक मन तक पहुंचे।

ए वेबसाइट म पाठक मन गीत के बोल पढ़ सकथें, गीत के भाव समझ सकथें अउ कलाकार तथा उपलब्ध स्रोत के जानकारी जान सकथें। लोकगीत मन के सही शब्द अउ स्रोत के जानकारी ला संजोय रखना हमर सांस्कृतिक विरासत बर जरूरी हे।

वेबसाइट: www.cgjaslyrics.com

वेबसाइट ऑनर: के के पंचारे

हमर उद्देश्य: छत्तीसगढ़ी जस गीत अउ लोकभक्ति परंपरा ला डिजिटल माध्यम म आगे बढ़ाना।

YouTube चैनल के बारे म

ए गीत के उपलब्ध YouTube चैनल मेघराज म्यूजिक आय। गीत के गायक गनील पटेल अउ जस मंडली श्री जय गिरधर जस सेवा समिति, कतरो (दुर्ग) के नाम उपलब्ध जानकारी म दे गे हे।

गीत के मूल प्रस्तुति देखे बर YouTube म “जब धरती पे जोत गनील पटेल मेघराज म्यूजिक” लिखके खोज सकथव।

 कॉपीराइट अउ स्रोत जानकारी

ए पोस्ट के गीत के बोल उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध कराय गे पाठ के आधार म प्रस्तुत करे गे हें। गीत के मूल बोल, धुन, संगीत रिकॉर्डिंग अउ वीडियो के अधिकार संबंधित गीतकार, संगीतकार, गायक, निर्माता या अधिकारधारी मन के हो हावे ।

उपलब्ध गीत विवरण:

  • गीत: जब धरती पे जोत

  • गायक: गनील पटेल

  • लेबल: पचरा जस

  • जस मंडली: श्री जय गिरधर जस सेवा समिति, कतरो (दुर्ग)

  • YouTube चैनल: मेघराज म्यूजिक

  • गीतकार: जानकारी उपलब्ध नइ हे

  • संगीतकार: जानकारी उपलब्ध नइ हे

  • वेबसाइट: CGJasLyrics

  • वेबसाइट ऑनर: के के पंचारे


जय माता रानी!

CGJasLyrics – छत्तीसगढ़ी जस गीत अउ भक्ति गीत के अपन वेबसाइट।

गीत पढ़व, लोकभक्ति के भाव समझव अउ हमर छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति ला संजोय रखव।

वेबसाइट: www.cgjaslyrics.com

वेबसाइट ऑनर: के के पंचारे



टिप्पणियाँ