मोर मईया ला नजर झन लागय|-अनुराग शर्मा / छत्तीसगढ़ी जस गीत

मोर मईया ला नजर झन लागय 

मोर मईया ला नजर झन लागय छत्तीसगढ़ी जस गीत

गीत परिचय 

मोर मईया ला नजर झन लागय” एक सुग्घर छत्तीसगढ़ी माता जस गीत आय। ए गीत म भक्त अपन मईया के सुंदर रूप के बखान करत बईगा ले कहिथे कि मोर मईया ला कजरा लगा दे, ताकि ओकर सुंदर रूप ला ककरो नजर झन लागय।

ए जस गीत म माता के भोला-भाला रूप, भक्त मन के मया, माता के दरसन बर गांव-गांव ले आथें भक्त मन, फूल-माला, नरियर, दिया अउ धूप के सुंदर चित्रण करे गे हे।

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गीत -मोर मईया ल नजर झन लागे 

गायक -अनुराग शर्मा 

गीतकार -राहुल डड़सेना 

संगीत -सौरव महतो 

यूट्यूब -anuraag sharma official 

वेबसाइट ऑनर -के के पंचारे 

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मुखड़ा 

 ऐ बईगा बन तैहा कजरा लगा मोर मईया ला नजर झन लागय -2 

उड़ान - मोर मईया हे भोली भाली -2 

देख सुरतिया ला कतका निराली 

 ऐ बईगा बन तैहा कजरा लगा मोर मईया ला नजर झन लागय -2 

अंतरा -1

ये पारा ले ओ पारा ले कतका लोगन आये हे 

मोर मईया के दरसन खातिर बिहनिया ले जुरियाये हे 

कोन धरे हे फूल के माला कोनो नरियर लाने हे 

ककरो हाथ म दियना हावे कोनो धुप जलाये हे 

उड़ान -मोर मईया ला ककरो छाव झन लागय -2

 ऐ बईगा बन तैहा कजरा लगा मोर मईया ला नजर झन लागय -2 

अंतरा -2 

जस बगरावत मईया के मोर पारा पारा गांव मा 

ममता माँ के पावन हावय रखथे अचरा के छाव माँ 

मन ला आरुग करके आबे मईया हे दिलदार जी 

मगता बनके आबे तैहर मईया सुनथे पुकार जी 

उड़ान -तोर पहरा बईगा खोट झन आवे  -2

 ऐ बईगा बन तैहा कजरा लगा मोर मईया ला नजर झन लागय -2   

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गीत के अर्थ 

ए गीत म भक्त अपन मईया के सुंदर रूप के बखान करथे। भक्त बईगा ला कहिथे कि मोर मईया ला कजरा लगा दे, काबर कि मईया के सुरतिया बहुत सुंदर अउ निराली हे। कहीं ओकर सुंदर रूप ला ककरो नजर झन लग जावय।

गीत के पहिली अंतरा म माता के दरसन बर पारा-पारा अउ गांव-गांव ले भक्त मन के बिहान ले जुरियाय के बात कहे गे हे। कोनो फूल के माला लाथे, कोनो नरियर लाथे, कोनो दिया जलाथे अउ कोनो धूप करथे।

दूसर अंतरा म मईया के जस गांव-गांव म बगरत हे। माता अपन ममता के अचरा के छांव म भक्त मन ला रखथे। भक्त मन अपन मन ला आरुग करके मईया के दरबार म आथें अउ अपन दुख-दरद माता ला सुनाथें।

ए गीत के मूल भावना ये आय कि मईया अपन भक्त मन के रक्षा करय, ओकर ऊपर अपन मया अउ किरपा बनाए रखय अउ मईया के पहरा म कभू कोनो खोट झन आवय।

गीत के बिसेसता

1. सरल छत्तीसगढ़ी बोली

गीत के सबो बोल गांव-गंवई म बोले जाय वाले सहज छत्तीसगढ़ी बोली म हावय।

2. माता के सुंदर रूप

गीत म मईया के भोला-भाला अउ निराला रूप के बहुत सुंदर बखान करे गे हे।

3. भक्ति के भाव

गीत के हर पंक्ति म माता बर भक्त के श्रद्धा, मया अउ विश्वास दिखाई देथे।

4. गांव-गंवई के झलक

पारा, गांव, फूल-माला, नरियर, दिया अउ धूप के माध्यम ले छत्तीसगढ़ के लोकजीवन के सुंदर चित्रण होथे।

5. ममता के भाव

मईया अपन भक्त मन ला अचरा के छांव म रखथे—ए भाव गीत ला अउ जियादा भावुक बनाथे।

6. नजर से बचाय के भावना

“नजर झन लागय” के भाव माता के सुंदरता अउ भक्त के मया ला प्रकट करथे।

गीत के कथा

छत्तीसगढ़ के गांव-गंवई म माता के जस अउ भक्ति के अपन अलग परंपरा हावय। जब गांव के पारा-पारा म माता के जस गूंजथे, त पूरा माहौल भक्ति म डूब जाथे। बिहान होतेच भक्त मन माता के दरसन बर अपन-अपन घर ले निकल पड़थें।

कोनो अपन हाथ म फूल के माला लेके आथे, कोनो नरियर लेके आथे, तो कोनो दिया अउ धूप के संग माता के दरबार म पहुंचथे। सबके मन म अलग-अलग मनौती रहिथे, फेर सबके भरोसा एके मईया ऊपर रहिथे।

माता के सुंदर मूर्ति के दरसन पाके भक्त मन के मन म खुशी भर जाथे। माता के भोला-भाला चेहरा अउ सुंदर सुरत ला देखके भक्त मन भाव-विभोर हो जाथें। एही भाव म भक्त बईगा ला कहिथे—मोर मईया ला कजरा लगा दे, ताकि मईया के सुंदर रूप ला ककरो नजर झन लागय।

गीत म माता के रूप के संग ओकर ममता के भी बखान करे गे हे। भक्त मन के नजर म मईया सिरिफ देवी नइ, बल्कि अपन माई जइसने हावय, जऊन अपन अचरा के छांव म अपन भक्त मन ला रखथे।

माता के जस धीरे-धीरे गांव-गांव म बगरत जाथे। दूर-दूर ले लोगन मईया के दरसन बर आथें। कोनो अपन दुख सुनाथे, कोनो सुख बर धन्यवाद देथे अउ कोनो अपन मनौती पूरा होय बर माता के चरण म माथा नवाथे।

मईया के दरबार म आके भक्त मन अपन मन ला आरुग करथें। माता अपन भक्त मन के पुकार सुनथे अउ अपन ममता के छांव देथे—ए विश्वास भक्त मन के मन म गहिरा रहिथे।

गीत के आखिर म भक्त बईगा ले कहिथे कि माता के पहरा म कोनो खोट झन आवय। मईया के ऊपर ककरो बुरा नजर झन पड़य अउ माता अपन भक्त मन के हमेशा रक्षा करत रहय।

ए जस गीत म माता के सुंदरता, भक्ति, ममता अउ गांव-गंवई के धार्मिक वातावरण के सुंदर संगम देखे बर मिलथे।

पारंपरिक जस गीत के आनंद लो अभी जाके क्लीक करव 

(1) मेघवा भईया

(2) गुरु बिना जग विरथा

(3.) तोर रूप बिकट बिकराला

(4) तोर दया ले माँ अम्बे

(5) मोर चले माँ दुर्गा

(6) मोर आँखि के पुतरी दाई

(7) पैजनिया बाजे

(8) तोर भुवन मा हरियर हरियर

(9) माता सती भवानी ओ

(10) हे मईया दुर्गा महरानी 

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