जगमग जोत जले मईया /कुबेर नेताम

जगमग जोत जले मईया तोरे भुवन मा  image

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गीत - जगमग जोत जले मईया 

गायक -कुबेर नेताम 

म्यूजिक कंपनी -CGNMUSIC 

वेबसाइट -WWW.CGJASLYRICS.COM 

वेबसाइट ऑनर -के के पंचारे 

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    जगमग जोत जले मईया 

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मुखड़ा

जगमग जोत जले मईया तोरे भुवन मा  

जगमग जोत जले मईया तोरे भुवन मा  

उड़ान -छमछम नाचे  तोरे बघवा --आ आ

छमछम नाचे  तोरे बघवा 

गाये सुवना 

जगमग जोत जले मईया तोरे भुवन मा  

जगमग जोत जले मईया तोरे भुवन मा  

अंतरा -1 

रायगढ़ म बूढी माई बनके तै आये 

कोरबा म मड़वा रानी दाई तै कहाये 

चंद्रपुर म चन्द्रसेमी नदिया नहाये 

महासमुंद चंडी दाई चुंदी बगराये 

उड़ान -लाली बिंदिया सोहे तोला हो --हो 

चमके गहना 

जगमग जोत जले मईया तोरे भुवन मा  

जगमग जोत जले मईया तोरे भुवन मा  

अंतरा -2 

चापा के नाथल दाई तोला सुमिरव ओ 

रायपुर के बंजारी दाई तोला बन्दव ओ 

रतनपुर के महामाई चरण परव ओ  

बस्तर के दंतेश्वरी दाई तोला गोहराव ओ 

उड़ान -लाली लुगरा तोला सोहे हो --हो 

लाली लुगरा तोला सोहे

खनके कंगना 

जगमग जोत जले मईया तोरे भुवन मा  

जगमग जोत जले मईया तोरे भुवन मा 

उड़ान -छमछम नाचे  तोरे बघवा --आ आ

छमछम नाचे  तोरे बघवा 

गाये सुवना 

गमग जोत जले मईया तोरे भुवन मा  

जगमग जोत जले मईया तोरे भुवन मा 

Cgjaslyrics
मुखड़ा के मतलब

"जगमग जोत जले मईया तोरे भुवन मा"
👉 मतलब – मइया (देवी) के पूरा संसार मं उजाला बगरत हे।
जइसे दिया–बत्ती जलथे त अउ हर जगह रोशनी हो जाथे, ओही डहर मइया के भक्ति अउ मया ले पूरा भुवन चमकत हे।

"उड़ान – छमछम नाचे तोरे बघवा, गाये सुवना"
👉 मतलब – देवी के बघवा (सिंह/बाघ) नाचत हे, अउ सुवना (तोता) गावत हे।
येकर मतलब देवी के दरबार मं सब जीव–जनावर खुशी मनाथें, नाचथें, गाना गातें!



🌸 अंतरा – 1 के मतलब

"रायगढ़ मं बूढ़ी माई बनके तैं आये,
कोरबा मं मड़वा रानी दाई तैं कहाये,
चंद्रपुर मं चंद्रसेनी नदिया नहाये,
महासमुंद चंडी दाई चुंदी बगराये"

👉 मतलब – देवी अलग–अलग जगह मं अलग–अलग रूप मं विराजमान हें।

रायगढ़ मं लोगन बूढ़ी माई के रूप मं मानथें,

कोरबा मं मड़वा रानी कहिथें,

चंद्रपुर मं चंद्रसेनी रूप ले पूजा जाथे,

महासमुंद मं चंडी दाई के रूप मं मानथें।

"लाली बिंदिया सोहे तोला, चमके गहना"
👉 मतलब – मइया सिर पर लाल बिंदिया धरके, गहना–गुहारी पहिरे चमकत हें।



🌸 अंतरा – 2 के मतलब

"चापा के नाथल दाई तोला सुमिरव ओ,
रायपुर के बंजारी दाई तोला बंदव ओ,
रतनपुर के महामाई चरण परव ओ,
बस्तर के दंतेश्वरी दाई तोला गोहराव ओ"

👉 मतलब – देवी अलग–अलग इलाका मं अलग–अलग नाम ले पूजी जाथें –

चापा मं नाथल दाई,

रायपुर मं बंजारी दाई,

रतनपुर मं महामाई,

बस्तर मं दंतेश्वरी दाई।


"लाली लुगरा तोला सोहे, खनके कंगना"
👉 मतलब – मइया लाल रंग के साड़ी मं सोहावत हें अउ हाथ मं पहिरे कंगना (चूड़ी) खनकत हे।


🌸 पूरा गीत के महत्व

ये गीत मं देवी के अलग–अलग रूप अउ छत्तीसगढ़ के अलग–अलग जगह मं ओकर पूजा–पाठ के बखान करे गे हे।

गीत के भाव ये हावे कि – मइया एके हें, फेर भक्त मन ओकर अलग–अलग रूप मं पूजा करत हें।

मइया जगा–जगा मं अलग–अलग रूप धरके भक्त के दुख–सुख दूर करथें।

देवी के दरबार मं सब कुछ उज्जवल हे – रोशनी, नाच–गाना, उमंग अउ भक्ति।

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🥢नवरात्री

नवरात्रि म दिया काबर जलाय जाथे🪔🪔

नवरात्रि म दिया जलाना माता दुर्गा के पूजा म बहुत जरूरी माने जाथे। एकर पीछे धर्मिक अऊ आस्था के कारण रहिथे।

🪔दिया काबर जलाय जाथे🪔

  1. माता के स्वागत बर
    दिया जलाके माता के घर म बइठाय जाथे। ओमा विश्वास रहिथे के जोत जलाय ले घर म माता के कृपा बनी रहिथे।

  2. सुघ्घर ऊर्जा बर
    दीपक के रोशनी ले घर म सकारात्मक ऊर्जा  आवत रहिथे अऊ बुरा चीज दूर हो जाथे।

  3. भक्ति अऊ श्रद्धा के चिन्ह
    अखंड जोत यानी लगातार जलत दिया, ये भक्त के अखंड भक्ति के चिन्ह आय।

🪔दिया कब जलाय जाथे🪔

  1. पहिल दिन 
    नवरात्रि के पहिल दिन, सूरज निकलते समय या पूजा के समय, घर के मंदिर म माता के सामने दीप जलाय जाथे।

  2. नव दिन तक
    नवरात्रि के पूरा नौ दिन तक हर दिन भोर अऊ संझा म दिया जलाय जाथे। कुछ लोग अखंड जोत  भी रखथें।

  3. अष्टमी अऊ नवमी म विशेष जोत जलाय जाथ
    खास करके कन्या पूजन वाले दिन अऊ हवन म जोत जलाय जाथे।
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