ये पिंजरा के पोश सुवना/शत्रुहन पटेल / नवजागृति जस परिवार देवसरा/ जस झांकी प्रतियोगिता
ये पिंजरा के पोश सुवना – पूरा छत्तीसगढ़ी जस गीत
गीत के बारे म
“ये पिंजरा के पोश सुवना” एक भावपूर्ण छत्तीसगढ़ी जस गीत आय, जेमां मानव जीवन के नश्वरता, माता के भक्ति, धर्म-कर्म अउ सत के राह मं चले के संदेश मिलथे। गीत मं मनखे के देह ला पिंजरा अउ जीव ला सुवना के रूप मं समझाय गे हे।
गीत के मुखड़ा “जा रे जा अपन भुवना” मनखे ला अपन असली ठिकाना, अर्थात आध्यात्मिक चेतना अउ भगवान के चरण मं लौटे के संकेत देथे। अलग-अलग अंतरा मं माता के दरबार, नवदुर्गा, नवशक्ति, भक्ति, सेवा, सत अउ करम के महत्व ला सुंदर ढंग ले प्रस्तुत करे गे हे।
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गीत -ये पिंजरा के पोश सुवना
गायक -शत्रुहन पटेल
जस मंडली -नव जागृति जस परिवार देवसरा
यूट्यूब -मोर गॉव के संस्कृति
वेबसाइट ऑनर -के के पंचारे
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मुखड़ा
जा रे जा अपन भुवना आ आ -- -ये पिंजरा के पोश सुवना -2
अंतरा -1
यहो ये पिंजरा के पोश मैना ,धर्मी चोला जनाये
यहो चार पहर के ये दिन रैना, माता चरण मा पहाये
जोत जलाये मईया के भुवना,देवता नेवता भेजाये
यहो सुमर सुमर माता के सुवना ,देवी मनला बलाये
ताल - हो--हो , आये गा अंजनी ललना --आ --आ--आ-2
भक्ति भजन के बांधे बंधना --आ आ---2
जा रे जा अपन भुवना आ,आ ,आ ,आ ,आ -2
ये पिंजरा के पोश सुवना -2
अंतरा -2
यहो सब देवता तोर नेवता पाके ,आये हावे सुघ्घर
नवदुर्गा नवशक्ति बनके ,बइठे अंतस भीतर
आदि अम्बा विनती सुनके ,मया करे हे जहुअर
यहो पीड़ा हरे हे हर भगतन के ,माता सबके बरोबर
ताल -फुले फुलवारी अंगना आ ---आ -2
खनखन खनके मया कंगना -2
जा रे जा अपन भुवना आ,आ ,आ ,आ ,आ -2
ये पिंजरा के पोश सुवना -2
अंतरा -3
यहो रगरग म तोर शक्ति हावे ,शक्ति ला कहा पठाबे
यहो तिहि बता अउ कब आबे ,कोन डहर तै जाबे
यहो कोन जनि तै कब उड़जाबे ,कोन बन जाके थिराबे
यहो माता चरण मा धियान लगाबे ,गीता के दरसन पाबे
हो यहो पीड़ा हरे हे हर भगतन के ,माता सबके बरोबर
हो --हो----सबला एक दिन हे मरना ---आ --आ -2
फिर अर्जुन ला किसना आ --आ ----2
जा रे जा अपन भुवना आ,आ ,आ ,आ ,आ -2
ये पिंजरा के पोश सुवना -2
अंतरा -4
माता मयारू के दरसन पाये ,भाग अपन सहूराये
अमृत कस ममता बरसाये ,सुवना डुबकी लगाये
यहो कुंवार के महीना सुहाये ,माता जस गाए
यहो जगमग जोत जलाये ,मन मंदिर में जलाये
हो ---हो----भक्ति के बारे दीयना ---आ --आ -2
जगमग चमके घर अंगना आ --आ ----2
जा रे जा अपन भुवना आ,आ ,आ ,आ ,आ -2
ये पिंजरा के पोश सुवना -2
अंतरा -5
सत के दियना धरम के बाती ,भक्ति के जोत जलाये
सेवा करे नवदिन राति ,माता के आशिस पाये
यहो पवरी परले जाती बेराती ,झन आबे बिसराये
यहो दाई दयालु पड़पड़ पाती ,हिरदे राम समाये
हो ---हो----वो करम के लिखाये गढ़ना ---आ --आ -2
जइसे करना अउ वइसे भरना आ --आ ----2
जा रे जा अपन भुवना आ,आ ,आ ,आ ,आ -2
ये पिंजरा के पोश सुवना -2
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🎧 ये पिंजरा के पोश सुवना – गीत सुनव
ये सुंदर छत्तीसगढ़ी जस गीत ला मोर गाँव के संस्कृति यूट्यूब चैनल मं सुन सकथव। माता भक्ति, सत अउ करम के संदेश से भरपूर ये गीत जरूर सुनव।
गीत के अर्थ
ये गीत मनखे के जीवन ला एक पिंजरा अउ जीव ला सुवना के रूपक मं समझाथे। जइसने सुवना एक पिंजरा मं रहिथे, ओइसने जीवात्मा घलो देह रूपी पिंजरा मं कुछ समय बर रहिथे। ये देह हमेशा नइ रहय, एक दिन सबला अपन संसार छोड़के जाना परथे।
गीत मं माता के चरण मं ध्यान लगाय, भक्ति करे, सेवा करे अउ सत के राह मं चले के संदेश दे गे हे। माता के भक्ति मनखे के दुख-दर्द ला दूर करे वाली शक्ति के रूप मं देखाय गे हे।
गीत के अंतिम संदेश करम ऊपर आधारित हे—मनखे जइसने करम करही, वइसने ओकर फल मिलही। एही से जीवन मं धरम, सत, सेवा अउ भक्ति ला अपनाय के सीख गीत देथे।
गीत के मुख्य संदेश
“जइसे करना अउ वइसे भरना”
ये पंक्ति गीत के बहुत गहिर संदेश ला बताथे। मनखे जइसने करम करही, वइसने ओकर फल पाही।
गीत के मुख्य सीख:
(1) माता के भक्ति करव।
(2) सत अउ धरम के राह मं चलव।
(3) जरूरतमंद के सेवा करव।
(4) अपन करम ला अच्छा रखव।
(5) माता के चरण मं ध्यान लगावव।
(6) मन मं दया अउ मया रखव।
गीत के विशेषता अउ महत्व
(1 ) ये गीत मं छत्तीसगढ़ी लोकभाषा के मिठास देखे बर मिलथे।
(2 ) मानव जीवन के नश्वरता ला “पिंजरा के पोश सुवना” के सुंदर रूपक ले समझाय गे हे।
(4) माता भक्ति के संग-संग सत अउ धरम के संदेश घलो मिलथे।
(3 ) नवदुर्गा अउ नवशक्ति के महिमा के उल्लेख गीत ला अउ भक्तिमय बनाथे।
(4 ) गीत मं करम के महत्व ला सरल ढंग ले बताय गे हे।
(5 ) माता के चरण मं ध्यान अउ भक्ति करे के प्रेरणा मिलथे।
(6 ) जस गायन के पारंपरिक भाव अउ लोकबोली के सुंदर मेल देखे बर मिलथे।
गायक शत्रुहन पटेल के बारे में
शत्रुहन पटेल ये गीत के गायक हवंय। “ये पिंजरा के पोश सुवना” मं उनके आवाज के माध्यम ले माता भक्ति अउ जीवन दर्शन के भाव ला प्रस्तुत करे गे हे।
गायक के जन्मस्थान, शिक्षा, जन्मतिथि अउ व्यक्तिगत जीवन संबंधी प्रमाणित जानकारी उपलब्ध नइ होय, ए से गलत जानकारी जोड़े के बजाय गीत मं उनके योगदान ला प्रमुखता देना उचित हे।
गीत के कथा
“ये पिंजरा के पोश सुवना” गीत के कथा मनखे के जीवन ला एक पिंजरा मं बंद सुवना के रूपक ले समझाथे। एक सुवना जब पिंजरा मं रहिथे, त वो पिंजरा ला अपन दुनिया समझ लेथे। फेर ओकर असली उड़ान पिंजरा के बाहिर हे। एही किसिम ले मनखे घलो अपन देह, धन-दौलत, घर-परिवार अउ संसारिक मोह मं बंधाय रहिथे, फेर आत्मा के यात्रा ए सब ले अलग होथे।
गीत के शुरुआत मं सुवना ला अपन भुवना जाय बर कहे गे हे। इहाँ “भुवना” ला अपन असली ठिकाना या आध्यात्मिक संसार के प्रतीक के रूप मं समझे जा सकथे। मनखे ला याद रखे ला चाही कि संसार मं ओकर रहई हमेशा बर नइ हे।
पहिली अंतरा मं धर्मी चोला, दिन-रात अउ माता के चरण के बात आवथे। ये मनखे ला अपन जीवन के समय ला भक्ति अउ सत्कर्म मं लगाय के सीख देथे। माता के भुवन मं जोत जलाना अउ देवी-देवता ला नेवता देना भक्ति के पवित्र भाव ला दिखाथे।
दूसर अंतरा मं नवदुर्गा अउ नवशक्ति के महिमा गाये गे हे। भक्त मन माता के दरबार मं पहुंचथें अउ माता सबके पीड़ा हरथें। इहाँ माता ला दया, मया अउ सहारा देय वाली शक्ति के रूप मं देखाय गे हे।
तीसर अंतरा गीत के सबसे गहिर संदेश ला सामने लाथे। मनखे के भीतर शक्ति तो हावय, फेर ओकर जीवन कब तक हे अउ वो कब संसार छोड़के जाही, ये कोनो नइ जानय। ए से माता के चरण मं ध्यान लगाय अउ आध्यात्मिक ज्ञान के राह मं चले के संदेश मिलथे। अर्जुन अउ किसना के संदर्भ गीता के ज्ञान के ओर संकेत करथे।
चउथा अंतरा मं माता के दर्शन, ममता अउ भक्ति के आनंद ला बताय गे हे। माता के दरबार मं जगमग जोत अउ भक्तिमय वातावरण मन के अंधियार ला दूर करे के प्रतीक बनथे।
पांचवां अंतरा मं सत, धरम, सेवा अउ करम के बात आवथे। गीत आखिर मं बहुत सरल लेकिन गहिर संदेश देथे—मनखे जइसने करम करही, ओइसने ओकर फल मिलही।
ए तरह ये जस गीत केवल माता के भक्ति तक सीमित नइ रहय, बल्कि मनखे ला अपन जीवन के सच्चाई समझाय, सत्कर्म करे अउ भगवान के चरण मं मन लगाय के प्रेरणा घलो देथे।
CG Jas Lyrics के बारे में
CG Jas Lyrics छत्तीसगढ़ी जस गीत, भजन, आरती अउ लोकभक्ति गीत के बोल ला पाठक मन तक पहुंचाय के एक प्रयास आय। इहाँ छत्तीसगढ़ी भाषा अउ लोकसंस्कृति ले जुड़े गीत मन के जानकारी, गीत के बोल, अर्थ अउ गीत संबंधी जानकारी ला सरल भाषा मं प्रस्तुत करे जाथे।
वेबसाइट के उद्देश्य छत्तीसगढ़ी लोकभक्ति गीत अउ सांस्कृतिक धरोहर ला डिजिटल रूप मं सुरक्षित रखे अउ नवा पीढ़ी तक पहुंचाय के हे।
वेबसाइट ऑनर: के के पंचारे
यूट्यूब चैनल के बारे में
मोर गाँव के संस्कृति के यूट्यूब चैनल ले उपलब्ध जानकारी के आधार मं ये गीत के बोल प्रस्तुत करे गे हें। चैनल के नाम ले ही गाँव, लोकसंस्कृति अउ छत्तीसगढ़ी परंपरा के संरक्षण के भाव झलकथे।
गीत के मूल वीडियो, गायन अउ प्रस्तुति देखे बर संबंधित यूट्यूब चैनल ला जरूर देखव।
ये सवाल के जवाब कमेंट बॉक्स में दो
ये पिंजरा के पोश सुवना गीत के गायक कोन हे?
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ये गीत के यूट्यूब चैनल कोन हे?
ये गीत मं का संदेश दे गे हे?
करुणामई माता के जस लिरिक्स पड़व



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