संझा बिहनिया हो /डेविड निराला/आरती जस गीत

संझा बिहनिया हो 

गीत परिचय 

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गीत -संझा बिहनिया हो 
गायक -डेविड निराला 
गीतकार -डेविड निराला 
यूट्यूब -दुकालू यादव 
वेबसाइट -www.cgjaslyrics.com 
वेबसाइट ऑनर -कैलाश पंचारे 
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मुखड़ा 

संझा बिहनिया हो मै आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
येहो संझा बिहनिया हो मै आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो

अंतरा -1 

यहो होत बिहनिया सुरुज देवता आरती तोर उतारे 
होत बिहनिया सुरुज देवता आरती तोर उतारे 
उड़ान -यहो चंदा चंदेनी तोर ओ माता संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो

अंतरा -2 

यहो जग के रचईया ब्रम्हा विष्णु आरती तोर उतारे 
जग के रचईया ब्रम्हा विष्णु आरती तोर उतारे
उड़ान -यहोढोल नगाड़ा घंटा बाजे संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो

अंतरा -3  

यहो देवतन के देवा महादेवा आरती तोर उतारे 
देवतन के देवा महादेवा आरती तोर उतारे 
उड़ान -यहो डमडम डमडम डमरू बजाये संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो

अंतरा -4   

यहो विघन हरइया गणपति देवता आरती तोर उतारे 
विघन हरइया गणपति देवता आरती तोर उतारे 
उड़ान -यहो रिद्धि सिद्धि मन लाये कलेवा संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो

अंतरा -5  

यहो जगमग जगमग राम चंद्र जी आरती तोर उतारे 
जगमग जगमग राम चंद्र जी आरती तोर उतारे 
उड़ान -यहो सत के दियना सत के बाती संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो

अंतरा -6  

यहो शंख बजावत पांचो पंडवा आरती तोर उतारे 
शंख बजावत पांचो पंडवा आरती तोर उतारे 
उड़ान -यहो चंपा चमेली फूल चढ़ाये संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो

अंतरा -7  

यहो मन के हरइया किसन कन्हैया आरती तोर उतारे 
मन के हरइया किसन कन्हैया आरती तोर उतारे 
उड़ान -यहो मोहनी सुर के बसुरी बजाये संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो

अंतरा -8  

यहो ऋषि मुनि अउ नारद सारद आरती तोर उतारे 
ऋषि मुनि अउ नारद सारद आरती तोर उतारे 
उड़ान -यहो हुम् धूप अउ गुगुर जराये संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो

अंतरा -9   

यहो नर नारी अउ कतको भगत मन आरती तोर उतारे 
नर नारी अउ कतको भगत मन आरती तोर उतारे 
उड़ान -यहो निराला तोर जस सुनाये संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
मैं आरती उतारव मईया संझा बिहनिया हो
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गीत के अर्थ (छत्तीसगढ़ी )

संझा बिहनिया हो” गीत  माता महिमा के गावे गे हे.

1. संझा के बेला  देवी माता के आरती उतारे जाथे.

2. सुरुज देवता,चंदा-चंदेनी,ब्रम्हा-विष्णु,महादेव,गणपति,रामचंद्र पांडव,कृष्ण,ऋषि-मुनि सबो देवी माता के आरती करथें.

3.  नर-नारी अउ भगत मन घलो मिलके देवी ला भजथें.

4.  ढोल-नगाड़ाडमरूशंखधूप-दीपफूल अउ भजन संग देवी जस गाये जाथे.

🔹 गीत के महत्व

1. छत्तीसगढ़ी संस्कृति  संझा बिहनिया गीत के विशेष महत्व हे.

2. संझा समय ला देवी पूजा के उत्तम घड़ी मान गे हे.

3. ये गीत आरतीजस गानअउ नवरात्रि जइसने अवसर मा गाये जाथे.

4. ये गीत समाज  भक्तिएकता अउ श्रद्धा के संदेश देवत हे.


 

🔹 गायक परिचय

🎤 गायक – डेविड निराला

1.  छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध जस गायकजेकर स्वर मा भक्ति रस भरपूर मिलथे.

2.  डेविड निराला छत्तीसगढ़ी संस्कृति अउ देवी जस गीत मन ला जन-जन तक पहुँचाय  ख्यातनाम हें.


🔹 गीतकार परिचय

️ गीतकार – डेविड निराला

1.  छत्तीसगढ़ी भक्ति साहित्य  अपन गीत ले अलग पहिचान बनाय हें.

2.  इमन के लिखे गीत श्रद्धा अउ भक्ति  डुबो देथे.


🔹 म्यूजिक कंपनी क्रेडिट

🎶 Music Company – दुकालू यादव

1.  दुकालू यादव छत्तीसगढ़ी भक्ति संगीत के बड़ा नाम हें.

2.  इनके नाम ले निकले रचना मन गाँव-गाँवगली-गली  गूंजथे.

✨ निष्कर्ष 

“संझा बिहनिया हो” एक आध्यात्मिक छत्तीसगढ़ी जस गीत आय, जेमा देवी माता के महिमा गाय   गे हे. सुरुज देवता लेके, महादेव, विष्णु, गणपति, राम, कृष्ण, पांडव, ऋषि-मुनि अउ सबो भगत मन देवी आरती म शामिल होथें. संझा बेला मा ये गीत गावत हवय, त घर-आंगन मा शांति, सुख-समृद्धि अउ मया के माहौल बन जाथे.

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1.करलव सेवा गा -डेविड निराला 

2. लहराए जवारा - पंचू यादव 

3. मां बम्लेश्वरी - पूरण साहू

4. पैजनिया बाजे पचरा जस गीत 

5. तीनों जुग- मनहर साहू 

6.सेवा ल तोर गाहू- पचरा जस गीत 

7. जगमग जोतपचरा कुबेर नेताम 

8. हरियर मड़वा गड़ाए पचरा जस गीत 

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