संझा बिहनिया हो /डेविड निराला/आरती जस गीत
गीत परिचय
════════
गीत के अर्थ (छत्तीसगढ़ी म)
“संझा बिहनिया हो” गीत म माता महिमा के गावे गे हे.
1. संझा के बेला म देवी माता के आरती उतारे जाथे.
2. सुरुज देवता,चंदा-चंदेनी,ब्रम्हा-विष्णु,महादेव,गणपति,रामचंद्र पांडव,कृष्ण,ऋषि-मुनि सबो देवी माता के आरती करथें.
3. नर-नारी अउ भगत मन घलो मिलके देवी ला भजथें.
4. ढोल-नगाड़ा, डमरू, शंख, धूप-दीप, फूल अउ भजन संग देवी जस गाये जाथे.
🔹 गीत के महत्व
1. छत्तीसगढ़ी संस्कृति म संझा बिहनिया गीत के विशेष महत्व हे.
2. संझा समय ला देवी पूजा के उत्तम घड़ी मान गे हे.
3. ये गीत आरती, जस गान, अउ नवरात्रि जइसने अवसर मा गाये जाथे.
4. ये गीत समाज म भक्ति, एकता अउ श्रद्धा के संदेश देवत हे.
🔹 गायक परिचय
🎤 गायक – डेविड निराला
1. छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध जस गायक, जेकर स्वर मा भक्ति रस भरपूर मिलथे.
2. डेविड निराला छत्तीसगढ़ी संस्कृति अउ देवी जस गीत मन ला जन-जन तक पहुँचाय म ख्यातनाम हें.
🔹 गीतकार परिचय
✍️ गीतकार – डेविड निराला
1. छत्तीसगढ़ी भक्ति साहित्य म अपन गीत ले अलग पहिचान बनाय हें.
2. इमन के लिखे गीत श्रद्धा अउ भक्ति म डुबो देथे.
🔹 म्यूजिक कंपनी क्रेडिट
🎶 Music Company – दुकालू यादव
1. दुकालू यादव छत्तीसगढ़ी भक्ति संगीत के बड़ा नाम हें.
2. इनके नाम ले निकले रचना मन गाँव-गाँव, गली-गली म गूंजथे.
✨ निष्कर्ष
“संझा बिहनिया हो” एक आध्यात्मिक छत्तीसगढ़ी जस गीत आय, जेमा देवी माता के महिमा गाय गे हे. सुरुज देवता लेके, महादेव, विष्णु, गणपति, राम, कृष्ण, पांडव, ऋषि-मुनि अउ सबो भगत मन देवी आरती म शामिल होथें. संझा बेला मा ये गीत गावत हवय, त घर-आंगन मा शांति, सुख-समृद्धि अउ मया के माहौल बन जाथे.
मातारानी के अऊ जस लिरिक्स पढ़ें बर नीचे क्लिक करव
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें