सेवा ल तोर गाहू दर्शन ल करके जाहु – छत्तीसगढ़ी जस गीत

सेवा ल तोर गाहू दर्शन ल करके जाहु – छत्तीसगढ़ी जस गीत

"सेवा ल तोर गाहू दर्शन ल करके जाहु ,image

गीत -सेवा ल तोर गाहू 

गायक -

गीतकार-

शैली -पचरा ,पारंपरिक 

भाषा -छत्तीसगढ़ी  

म्यूजिक कम्पनी -मोर बोड़ला 

वेबसाइट - www.cgjaslyrics.com 

वेबसाइट ऑनर -के के पंचारे 

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मुखड़ा 

सेवा ल तोर गाहू दर्शन ल करके जाहु 

खुले हे दरवाजा ओ दाई दर्शन बर आये हव 

खुले हे दरवाजा ओ दाई दर्शन बर आये हव 

सेवा ल तोर गाहू दर्शन ल करके जाहु 

खुले हे दरवाजा ओ दाई दर्शन बर आये हव

खुले हे दरवाजा ओ दाई दर्शन बर आये हव  

अंतरा -1

तोर भुवन के तीन दरवाजा में बईठे हे अंजनी के लाला ओ

बईठे हे अंजनी के लाला 

तोर भुवन के तीन दरवाजा में बईठे हे अंजनी के लाला ओ

बईठे हे अंजनी के लाला 

यहो बईठे हे अंजनी के लाला हो मईया

बईठे हे अंजनी के लाला हो

बईठे हे अंजनी के लाला

 देवो म राम बड़े हे वीर म हनुमान बड़े हे

 देवो म राम बड़े हे वीर म हनुमान बड़े हे

खुले हे दरवाजा ओ दाई दर्शन बर आये हव

खुले हे दरवाजा ओ दाई दर्शन बर आये हव

सेवा ल तोर गाहू दर्शन ल करके जाहु 

खुले हे दरवाजा ओ दाई दर्शन बर आये हव

अंतरा -2 

लकलक रूप दिखत हे धरे हे गदा कटारी 

दाई धरे हे गदा कटारी 

लकलक रूप दिखत हे धरे हे गदा कटारी 

दाई धरे हे गदा कटारी 

पापी ल मार डारे भगतन ल तैहा उबारे 

पापी ल मार डारे भगतन ल तैहा उबारे 

खुले हे दरवाजा ओ दाई दर्शन बर आये हव

खुले हे दरवाजा ओ दाई दर्शन बर आये हव

सेवा ल तोर गाहू दर्शन ल करके जाहु 

खुले हे दरवाजा ओ दाई दर्शन बर आये हव 

खुले हे दरवाजा ओ दाई दर्शन बरआये हव

अंतरा -3 

नवदिन नवरात परब म बघवा के करे सवारी 

दाई बघवा के करे सवारी 

नवदिन नवरात परब म बघवा के करे सवारी 

दाई बघवा के करे सवारी 

पहुना बरोबर आये दर्शन ल हमन पायेन 

पहुना बरोबर आये दर्शन ल हमन पायेन 

खुले हे दरवाजा ओ दाई दर्शन बर आये हव

खुले हे दरवाजा ओ दाई दर्शन बर आये हव

सेवा ल तोर गाहू दर्शन ल करके जाहु 

खुले हे दरवाजा ओ दाई दर्शन बर आये हव 

खुले हे दरवाजा ओ दाई दर्शन बर आये हव

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गीत के अर्थ ( Meaning in Chhattisgarhi)

ए गीत ल माता जगदंबा के लिए गाये  गे हे।
गीत मं गायक ह माता के दरवाजा खोले रहिस कहिके दर्शन देबर बिनती करत हे।
माता के भुवन मं अंजनी के लाला हनुमान जी बैठे हे , जेकर रूप ल चमकदार गदा–कटारी सहित बखान करे गे हे।
माता बघवा मं सवार होके नवरात परब मं दर्शन देवत हावे।
गीत ह ए बात ला बताथे के मया मया दाई के दरवाजा सब्भो भक्त बर खुले रहिथे,पापी ल दंड देके, अपन भगत ल उबारे हावे।

गीत के महत्व 

  • ये गीत खासकर भक्ति भाव जागृत करथे।

  • दाई (माँ दुर्गा) के कृपा, आशीर्वाद ल पाय बर गाया जाथे।

  • ये गीत गावत समय गाँव-घर मा शांति अउ भक्ति के माहौल बन जाथे।

  • लोगन मन विश्वास करथें कि दाई के भक्ति ले सब्बो दुख-दर्द मिट जाहि अउ ये चोला तर जाहि ।


🎉 कब गाए जाथे (Occasion)

  • ये गीत नवरात्रि के समय ज्यादा गाए जाथे।

  • गाँव-गाँव मा नवरात्रि के समय जब देवी के स्थापना होथे में जसगीत मंडली बैठथे, त ये गीत जरूर गाए जाथे।

  • व्रत-पूजा, दाई के मेला, जागरण, अउ देवी के अवसर मं गाए जाथे।


🪔 क्यों खास हे ये गीत?

छत्तीसगढ़ मा जसगीत सिरिफ गाना नइ होवय, ये भक्ति अउ संस्कृति के पहचान हावय।
"सेवा ल तोर गाहू" गावत समय भक्त मन अपन मन के पीरा भुलाके, दाई मया मा खो जाथें।


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