तरी हरी ना मोर नाना भवानी मोर – पचरा जस गीत लिरिक्स/comedy dost
तरी हरी ना मोर नाना भवानी मोर – पूरा पचरा जस गीत लिरिक्स
════════🌷════════
गीत - तरी हरी ना मोर
गीत लेबल -पचरा जस
यूट्यूब - comedy dost
वेबसाइट ऑनर -के के पंचारे
════════🌷════════
गीत के बारे में
“तरी हरी ना मोर नाना भवानी मोर” छत्तीसगढ़ी लोकभक्ति परंपरा के रंग में गाया जाने वाला पचरा जस गीत है। इसमें माता भवानी की भक्ति के साथ भगवान गणेश और हनुमान जी का स्मरण किया गया है।
गीत में प्रश्न और उत्तर की लोकशैली दिखाई देती है। जैसे गणेश देवता किसके बेटा हैं और हनुमान जी किसके बेटा हैं, वे कहाँ से आते हैं और किस प्रकार आते हैं—इन बातों को गीत के माध्यम से भक्तिमय ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
आगे गीत में पांडवों और श्रीकृष्ण भगवान का भी स्मरण किया गया है। इसी कारण यह गीत केवल देवी स्तुति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि हिंदू धार्मिक परंपरा के अनेक पूजनीय पात्रों को एक साथ स्मरण करता है।
तरी हरी ना मोर नाना भवानी मोर,तरी हरी ना मोर नाना ऐवो -2
अंतरा -1
काकर बेटा गणेश देवता काकर बेटा हनुमाने ये वो -2
काकर बेटा हनुमाने नरैनी मोर काकर बेटा हनुमाने ये वो
काकर बेटा गणेश देवता काकर बेटा हनुमाने ये वो
उड़ान - जब काकर बेटा पांचो भाई पंडवा श्री कृष्ण भगवाने वो
तरी हरी ना मोर नाना भवानी मोर,तरी हरी ना मोर नाना ऐवो
अंजनी बेटा हनुमाने नरैनी मोर काकर बेटा हनुमाने वो
अंतरा -2
गौरी के बेटा गणेश देवता अंजनी बेटा हनुमाने वो
उड़ान - जब कुंती के बेटा पांचो भाई पंडवा श्री कृष्ण भगवाने वो
तरी हरी ना मोर नाना नरैनी मोर,तरी हरी ना मोर नाना ऐवो
तरी हरी ना मोर नाना भवानी मोर,तरी हरी ना मोर नाना ऐवो
अंतरा -3
कहाँ ले आवय गणेश देवता कहाँ ले आवय हनुमाने वो -2
कहाँ ले आवय हनुमाने नरैनी मोर हाँ ले आवय हनुमाने वो
कहाँ ले आवय गणेश देवता कहाँ ले आवय हनुमाने वो
उड़ान - जब कहाँ ले आवय पांचो भाई पंडवा श्री कृष्ण भगवाने वो
तरी हरी ना मोर नाना नरैनी मोर,तरी हरी ना मोर नाना ऐवो
तरी हरी ना मोर नाना भवानी मोर,तरी हरी ना मोर नाना ऐवो
अंतरा -4
कैलाश ले आवय गणेश देवता पम्पा ले आवय हनुमाने वो -2
कैलाश ले आवय गणेश देवता पम्पा ले आवय हनुमाने वो
उड़ान - जब हस्तिना ले आवय पांचो भाई पंडवा श्री कृष्ण भगवाने वो
तरी हरी ना मोर नाना नरैनी मोर,तरी हरी ना मोर नाना ऐवो
तरी हरी ना मोर नाना भवानी मोर,तरी हरी ना मोर नाना ऐवो
अंतरा -5
का चढ़ी आवय गणेश देवता का चढ़ी आवय हनुमाने वो -2
जब का चढ़ी आवय हनुमाने नरैनी मोर का चढ़ी आवय हनुमाने वो
का चढ़ी आवय गणेश देवता का चढ़ी आवय हनुमाने वो
उड़ान - जब का चढ़ी आवय पांचो भाई पंडवा श्री कृष्ण भगवाने वो
तरी हरी ना मोर नाना नरैनी मोर,तरी हरी ना मोर नाना ऐवो
तरी हरी ना मोर नाना भवानी मोर,तरी हरी ना मोर नाना ऐवो
अंतरा -6
जब मुसवा में आवय गणेश देवता उड़त आवय हनुमाने वो -2
उड़त आवय हनुमाने नरैनी मोर उड़त आवय हनुमाने वो
मुसवा में आवय गणेश देवता उड़त आवय हनुमाने वो
उड़ान - जब रथ चढ़ी आवय पांचो भाई पंडवा श्री कृष्ण भगवाने वो
तरी हरी ना मोर नाना नरैनी मोर,तरी हरी ना मोर नाना ऐवो
तरी हरी ना मोर नाना भवानी मोर,तरी हरी ना मोर नाना ऐवो
पम्पा ले आवय हनुमाने नरैनी मोर पम्पा ले आवय हनुमाने वो
════════🌷════════
गीत के अर्थ
इस जस गीत में माता भवानी की भक्ति के साथ देवी-देवताओं का स्मरण किया गया है। गीत की पंक्तियों में भगवान गणेश को माता गौरी का पुत्र और हनुमान जी को माता अंजनी का पुत्र बताया गया है।
गीत में गणेश जी और हनुमान जी के आगमन से जुड़े धार्मिक प्रसंगों का लोकभाषा में वर्णन मिलता है। इसी क्रम में पांचों पांडवों और श्रीकृष्ण भगवान का भी स्मरण किया गया है।
गीत की सबसे खास बात इसकी प्रश्न-उत्तर वाली लोक शैली है। एक पंक्ति में सवाल जैसा भाव आता है और अगली पंक्तियों में उसका उत्तर भक्तिमय तरीके से प्रस्तुत किया जाता है।
इस प्रकार पूरा गीत देवी-देवताओं के प्रति श्रद्धा, भक्ति और लोक आस्था को व्यक्त करता है।
गीत की विशेषता और महत्व
गीत से जुड़ी कथा
छत्तीसगढ़ के गांवों में जस गीत केवल गाने का माध्यम नहीं बल्कि भक्ति, लोकपरंपरा और धार्मिक स्मरण का भी माध्यम रहे हैं। गांव के किसी धार्मिक आयोजन, देवी पूजा या जस कार्यक्रम में जब जस गीत गूंजता है, तब वातावरण में भक्ति का भाव भर जाता है।
“तरी हरी ना मोर नाना भवानी मोर” जैसे गीतों में देवी भवानी का स्मरण करते हुए अलग-अलग देवी-देवताओं को याद किया जाता है। गीत की शुरुआत माता भवानी की स्तुति से होती है। इसके बाद भक्तिमय सवाल उठता है कि गणेश देवता किसके पुत्र हैं और हनुमान जी किसके पुत्र हैं।
लोकभक्ति की इसी शैली में गणेश जी को गौरी के पुत्र और हनुमान जी को अंजनी माता के पुत्र के रूप में स्मरण किया जाता है। इसके बाद गीत पांचों पांडव और श्रीकृष्ण भगवान की ओर जाता है। इस तरह एक ही गीत में अलग-अलग धार्मिक चरित्रों का स्मरण किया जाता है।
गणेश जी को परंपरा में प्रथम पूजनीय माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य से पहले उनका स्मरण करने की परंपरा है। वहीं हनुमान जी को शक्ति, भक्ति, साहस और श्रीराम भक्ति के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। पांडवों और श्रीकृष्ण का प्रसंग महाभारत की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा हुआ है।
गीत के अगले अंतरों में यह पूछा जाता है कि गणेश जी और हनुमान जी कहाँ से आते हैं और किस प्रकार आते हैं। लोकगीत की शैली में इन सवालों का उत्तर दिया जाता है। गणेश जी के साथ मुसवा और हनुमान जी के साथ उड़ने का भाव जोड़ा गया है। आगे पांडवों और श्रीकृष्ण भगवान के आगमन का भी वर्णन आता है।
youtube चैनल – Comedy Dost
इस गीत की उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसका YouTube स्रोत Comedy Dost है। CG Jas Lyrics पर गीत के बोल प्रस्तुत करते समय मूल स्रोत के YouTube चैनल का उल्लेख करना स्रोत को उचित श्रेय देने की दिशा में एक अच्छा कदम है।
मूल वीडियो देखने के लिए पाठक Comedy Dost के YouTube चैनल पर जा सकते हैं।
CG Jas Lyrics के बारे में
CG Jas Lyrics छत्तीसगढ़ी जस गीत, पचरा जस, देवी भजन, आरती और पारंपरिक भक्ति गीतों के बोल को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करने का प्रयास करता है।
इस वेबसाइट का उद्देश्य छत्तीसगढ़ी लोकभक्ति गीतों की जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और पारंपरिक गीतों से संबंधित सामग्री को एक जगह उपलब्ध कराना है।
वेबसाइट ऑनर: के के पंचारे
.jpg)



टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें