जननी धीरे जननी धीरे झुलव वो/ CG Jas Lyrics/vijay kumar jas geet

🪔 ✦✦ जननी धीरे झुलव वो  ✦✦ 🪔

जननी धीरे जननी धीरे झुलव वो/vijay kumar jas geet.jpg

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गीत - जननी धीरे झुलव वो 

गीत लेबल - पारंपरिक जस

गायक - विजय कुमार 

म्यूज़िक कंपनी - विजयकुमार जस गीत

वेबसाईट ऑनर-कैलाश पंचारे 

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मुखड़ा 

जननी धीरे झुलव वो मईया धीरे झुलव वो

झूलना हे कमजोर महामाई धीरे झुलव वो 

अंतरा-1

मईया जी के पावे मा पैरी बिराजे -2

पैरी बिराजे हो मईया पैरी बिराजे

पैरी मा सुरुज के अंजोर ....मईया धीरे झुलव वो 

जननी धीरे झुलव वो 

झूलना हे कमजोर महामाई धीरे झुलव वो 

अंतरा-2

मईया जी के कमर मा करधन बिराजे-2

करधन बिराजे हो मईया करधन बिराजे

करधन मा सुरुज के अंजोर....मईया धीरे झुलव वो 

जननी धीरे झुलव वो 

झूलना हे कमजोर महामाई धीरे झुलव वो 

अंतरा-3

मईया जी के हाथ मा कंगन बिराजे-2

कंगन बिराजे हो मईया कंगन बिराजे

कंगन मा सुरुज के अंजोर ...मईया धीरे झुलव वो 

जननी धीरे झुलव वो 

झूलना हे कमजोर महामाई धीरे झुलव वो 

अंतरा-4

मईया जी के गले मा हरवा बिराजे-2

हरवा बिराजे हो मईया हरवा बिराजे

हरवा मा सुरुज के अंजोर ...मईया धीरे झुलव वो

 जननी धीरे झुलव वो 

झूलना हे कमजोर महामाई धीरे झुलव वो 

अंतरा-5

मईया जी के काने मा झुमका बिराजे-2

झुमका बिराजे हो मईया झुमका बिराजे

झुमका मा सुरुज के अंजोर ....मईया धीरे झुलव वो 

जननी धीरे झुलव वो 

झूलना हे कमजोर महामाई धीरे झुलव वो 

अंतरा-6

मईया जी के नाके मा नथूली बिराजे-2

नथूली बिराजे हो मईया नाथूली बिराजे

नथूली मा सुरुज के अंजोर ....मईया धीरे झुलव वो

 जननी धीरे झुलव वो 

झूलना हे कमजोर महामाई धीरे झुलव वो 

अंतरा-7

मईया जी के माथे मा टिकली बिराजे-2

टिकली बिराजे हो मईया टिकली बिराजे

टिकली मा सुरुज के अंजोर ....मईया धीरे झुलव वो

 जननी धीरे झुलव वो 

झूलना हे कमजोर महामाई धीरे झुलव वो 

अंतरा-8

मईया जी के सिर मा मुकुट बिराजे-2

मुकुट बिराजे हो मईया मुकुट बिराजे 

मुकुट मा सुरुज के अंजोर ....मईया धीरे झुलव वो 

जननी धीरे झुलव वो 

झूलना हे कमजोर महामाई धीरे झुलव वो

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छत्तीसगढ़ी जस लिरिक्स 

जननी धीरे झुलव वो मईया धीरे झुलव वो छत्तीसगढ़ी जस गीत के पूरा लिरिक्स, अर्थ, महत्व, कहानी अउ भक्ति भाव के सुंदर जानकारी पढ़व CG Jas Lyrics म।

जननी धीरे झुलव वो मईया धीरे झुलव वो | पूरा छत्तीसगढ़ी जस गीत लिरिक्स 

 गीत के बारे में

"जननी धीरे झुलव वो मईया धीरे झुलव वो" एक सुंदर छत्तीसगढ़ी झूलना जस गीत आय। ए गीत म भक्त मन महामाई ल प्रेम अउ मया ले झुलना झुलावत हें। गीत के हर अंतरा म माता के श्रृंगार के अलग-अलग गहना जइसे पैरी, करधन, कंगन, हरवा, झुमका, नथूली, टिकली अउ मुकुट के महिमा गाये गे हे। ए गहना मन म सुरुज के अंजोर बताके माता के दिव्य रूप के बखान करे गे हे।

जननी धीरे झुलव वो लिरिक्स के अर्थ

ए जस गीत के मतलब ए आय कि भक्त अपन दाई ल छोटे लइका कस मया ले झुलना झुलावत हे। भक्त कहिथे कि "महामाई धीरे-धीरे झूलव, झूलना कमजोर हे।"

गीत म माता के हर अंग म पहिरे गहना ल सुरुज कस चमकत बताय गे हे। एखर मतलब माता के पूरा स्वरूप प्रकाश, शक्ति, सुख, समृद्धि अउ कृपा ले भरपूर हे

गीत के धार्मिक महत्व

ए गीत नवरात्रि, ज्योति कलश, माता सेवा, जंवारा, जस कार्यक्रम अउ देवी जागरण म बहुत गाये जाथे।

एखर विशेष महत्व ए आय कि—

माता के श्रृंगार के महिमा बताथे।

भक्त अउ माता के मया भरे संबंध ल दिखाथे।

घर म सुख-समृद्धि अउ शांति के कामना करे जाथे।

माता के कृपा पाय बर ए गीत ल श्रद्धा ले गाये जाथे।

 जननी धीरे झुलव वो :  कहानी

एक गाँव म हर साल नवरात्रि के बड़का जस कार्यक्रम होवत रहिस। गाँव के सबो झन बिहान ले माता सेवा म जुट जावत रहिन। बूढ़ा, जवान, महतारी, लइका सब झन मिलके डोंगर, मंदिर अउ जस चौरा ल सजावत रहिन।

एक बखत गाँव के एक बुजुर्ग दाई कहिस— "माता ल सिरिफ पूजा करे ले नई, ओकर सेवा ल अपन घर के दाई कस मया ले करे बर चाही।"

ए बात सुनके गाँव के महिला मन सुंदर झूलना बनाइन। झूलना म फूल, आम के पाना अउ रंग-बिरंगी सजावट करिन। जब माता के प्रतिमा झूलना म बइठाय गीस त सबो झन गाना सुरू करिन—

"जननी धीरे झुलव वो मईया धीरे झुलव वो…"

गीत गावत-गावत सबो झन माता के श्रृंगार के बखान करिन। काबर कि भक्त मन के मानना रहिस कि माता के पैरी ले लेके मुकुट तक हर गहना संसार ल उजियार करे वाला हे।

गीत के हर अंतरा गावत समय गाँव के अलग-अलग महिला माता के चरण म फूल चढ़ावत रहिन। कऊनो पैरी के पूजा करत रहिस, कऊनो करधन, कऊनो कंगन, कऊनो मुकुट।

रात होइस त जस मंडली के भक्ति देखके गाँव के वातावरण पूरा बदल गे। ढोलक, मंजीरा अउ झांझ के आवाज ले पूरा गाँव गूंज उठिस।

एक गरीब परिवार घलो माता के दरबार म आके एही गीत गाइस। ओकर मन म धन नई रहिस, फेर भक्ति भरपूर रहिस। कुछे दिन बाद ओ परिवार के घर म खुशहाली आना सुरू होगे। खेती ल बढ़िया पानी मिलिस, परिवार के बीमारी दूर होगे अउ घर म सुख-शांति आ गे।

तब गाँव के बुजुर्ग मन कहिन कि माता धन नई, सच्चा मन देखथे।

आज घलो छत्तीसगढ़ के गाँव-गाँव म ए जस गीत बड़े श्रद्धा ले गाये जाथे। जिहां ए गीत गूंजथे, उहां माता के कृपा, प्रेम अउ आशीर्वाद के अनुभूति होथे।

 ए गीत काबर सुनना चाही?

माता के भक्ति मजबूत होथे।

मन ल शांति मिलथे।

परिवार म सुख-समृद्धि आथे।

नवरात्रि के माहौल अउ पवित्र बन जाथे।

माता के श्रृंगार के सुंदर वर्णन सुनई ला मिलथे।

ए जस गीत मन ल घलो जरूर पढ़व

बम्लाई ला सुमिरव डोंगरगढ़ के

तोर डीही के दीया बरइया

हो मईया चंडिका

तोर भुवन मा हरियर हरियर

झुलव भवानी झूलना मईया तोरे ललना झूलावे

 निष्कर्ष

जननी धीरे झुलव वो मईया धीरे झुलव वो सिरिफ एक जस गीत नई, बल्कि माता के प्रति असीम श्रद्धा, सेवा अउ मया के प्रतीक आय। ए गीत भक्त मन ल माता के नजदीक ले जाथे अउ भक्ति के रस म डुबो देथे। नवरात्रि, माता सेवा अउ हर देवी भक्ति कार्यक्रम म ए गीत विशेष स्थान रखथे।

 CG Jas Lyrics के बारे में 

CG Jas Lyrics छत्तीसगढ़ी जस गीत प्रेमी मन बर समर्पित एक भरोसेमंद वेबसाइट आय। इहां आप मन ल छत्तीसगढ़ी जस गीत के पूरा लिरिक्स, अर्थ, कहानी, गायक परिचय, SEO जानकारी, धार्मिक महत्व अउ दुर्लभ भक्ति गीत एके जगह म मिलही। हमर उद्देश्य छत्तीसगढ़ के लोकसंस्कृति, देवी भक्ति अउ जस परंपरा ल डिजिटल दुनिया म सुरक्षित रखे अउ नई पीढ़ी तक पहुंचाय हे।

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