गीत- ऐ भोला हो / गायिका-जानकी यादव /छत्तीसगढ़ी जस लिरिक्स


गीत- ऐ भोला हो 

गायिका-जानकी यादव 

गीतकार-ग्वाल दास सर्पा 

जय मां भानेश्वरि बालिका सेवा भजन मंडली मनकी साल्हे (बालोद) 

वेबसाइट ऑनर - के के पंचारे 

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मुखड़ा 

 ऐ भोला हो --मइके जाए बर मोला सपना होंगे -2 

उड़ान -मोर बर मइके हा अब तो सपना होंगे ना ---2

 ऐ भोला हो --मइके जाए बर मोला सपना होंगे -2

अंतरा -1 

यहो चलना भोला चलना भोला सती हा बड़ मनाये 

हाथ जोड़के पइया परके तरतर आंसू बोहाये 

मोर मइके म यज्ञ रचे हे देखे बर मन बाये

जम्मो मोर बाहनी मन आये मया पिरित ममोर बर 

उड़ान- मइके हा अब तो पहुना होंगे ना ---2

 ऐ भोला हो --मइके जाए बर मोला सपना होंगे -2

अंतरा -2  

यहो झन जा झन जा कहिथे सती ल शिव भोला भगवाने 

बिन नेवता के जाथे तेकर होथे बढ़ हीन माने 

तोर ददा मोला बइरी माने कइसे जब माने माने 

यहो बुध ला तोर का होगे लेड़गी समझ हावे सम्माने 

उड़ान- मोर बर मइके हा अब तो अनबोलना होंगे ना ---2

 ऐ भोला हो --मइके जाए बर मोला सपना होंगे -2

 अंतरा -3   

यहो बरजे ले नई मानिस सती हा भोला बर बगियाये  

दूनो गोड़ ला भुइँया मा पटके बादर कस करियाये 

यहो अलकरहा रूप ला बनाके चुंदी मुड़ी छरियाये 

यहो रूप बरन ला देख के भोला उही करा घबराये 

उड़ान- रूप सती के अवघड़िया बर रोना होंगे ना ---2

 ऐ भोला हो --मइके जाए बर मोला सपना होंगे -2

अंतरा -4    

यहो भुतही बही कस रूप बनाके रिस मचाइस अड़बड़ 

कहनी नई मानिस भोलेनाथ के करिसे अड़बड़ गड़बड़ 

यहो भोलेनाथ हा सोचे मन मा होंगे अब मोर जउहर 

यहो रूप बरन अउ रेगें देखके काँपे भोला थरथर 

उड़ान- पर के गोसईया सती उमापति लवणा होंगे ना ---2

 ऐ भोला हो --मइके जाए बर मोला सपना होंगे -2

अंतरा -5     

यहो सती के कहना मान के भोला गण ला अपनबलाये 

सिंघी भृंगी नंदी सब गण ला सती के संग मा पटोहिस 

यहो नंदी ऊपर बइठे सती हा मने मन मुस्काये 

यहो ददा दाई के मया मा कइसे सती के आँखी मुदाईस 

उड़ान- मइके जात ले सती ओ माता कैना होंगे ना ---2

 ऐ भोला हो --मइके जाए बर मोला सपना होंगे -2

अंतरा -6     

यहो हासत पहुंचे मइके सती हा शिव गण मन ला धर के 

दाई ददा के तीर मा जाके हासत मनभर के 

यहो पवरी परथे दाई ददा के ददा हा ओकर भड़के 

यहो देखत आग बबूला होंगे बिजली बरोबर कड़के 

उड़ान- ददा के जागर  होंगे ना ---2

 ऐ भोला हो --मइके जाए बर मोला सपना होंगे -2

अंतरा -7      

यहो बिन नेवता के काबर आये तोरे कोन बलइया 

तोर पति हे भूख मगइया जोगी सही गिजरइया 

यहो बड़े बड़े देवता धामी आये हे जिनगी चलइया 

यहो सबके भाग लिखईया विधाता संग हे अंजोर देवईया 

उड़ान -अतका सुनके सती उमा के परेवना उड़गे ना ---2

 ऐ भोला हो --मइके जाए बर मोला सपना होंगे -2

अंतरा -8       

यहो अपन पति के निंदा सुनके ग़ुस्सा मा ललियाये 

बरमा अउ विष्णु तीर जाके चारी ला गोठियाथे 

यहो जग के स्वामी मोर पति हे बड़का देवता कहाथे 

यहो जेकर बीना सब यज्ञ अधूरा भाव सबो के बताथे 

उड़ान -बगियाके सती देवता मन बर पतरौना होंगे ना ---2

 ऐ भोला हो --मइके जाए बर मोला सपना होंगे -2

अंतरा -9        

यहो बगियागे सती देवता मन बर तनहा ओकर ललियागे 

क्रोध के अग्नि म तुरते सती हा उहि करा पटीयागे 

यहो नदिया तरिया समुद्र के पानी देखते देखत सुखागे 

उड़ान - सती के मृत्यु सुन भोला के चैना उड़गे ना ---2

 ऐ भोला हो --मइके जाए बर मोला सपना होंगे -2

अंतरा -10        

यहोबइहा भोला रूप बनाये शिवभोला भंडारी 

तरतर तरतर आँशु बोहाये दुनो आँखि ले भारी 

यहो वीर भद्र ल परगट करके सती मरण के दारी

यज्ञ ल भंग करे बर भेजे शिवशंकर त्रिपुरारी  

उड़ान- सिहि बिहि तन चक्र ले कट पटकवना होंगे -2

अंतरा -11         

यहो सती के मुदासन ला भोला खाण्ड में उचाये 

देखत तुरते विष्णु जी हा चक्र ला अपन चलाये 

यहो सती के अंग अंग भुईया मा गिरथे शक्ति पीठ कहाये 

उड़ान- ग्वाल दास सर्पा हा जेकर दरस ला पाये 

सिहि बिहि सब यज्ञ पटकवना होंगे -2

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🔱 गीत का छत्तीसगढ़ी अर्थ (सरल भावार्थ)

"ऐ भोला हो – मइके जाए बर मोला सपना होंगे" यह गीत माता सती और भगवान शिव की अत्यंत करुण, भावनात्मक और धार्मिक कथा पर आधारित है। इसमें सती के मायके जाने की इच्छा, दक्ष प्रजापति के यज्ञ, शिव-अपमान, सती का आत्मबलिदान और उसके बाद शिव का रौद्र रूप बहुत गहरे भाव में वर्णित है।

गीत की हर पंक्ति सती की ममता, नारी अस्मिता, पति-भक्ति और धर्म के संघर्ष को उजागर करती है। मइके जाने का सपना केवल यात्रा नहीं, बल्कि माता-पिता के प्रेम, संस्कार और आत्मसम्मान से जुड़ा सपना है।


🌺 धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

यह गीत छत्तीसगढ़ के जसगीत परंपरा का अमूल्य हिस्सा है। नवरात्रि, जुड़वास, जस-जागर, देवी जागरण और शिव-सती कथा वाले अवसरों पर यह गीत गाया जाता है।

इस कथा के माध्यम से यह संदेश मिलता है कि:

  • नारी का आत्मसम्मान सर्वोपरि है
  • पति का अपमान नारी के लिए असहनीय होता है
  • अहंकार विनाश का कारण बनता है
  • शिव-शक्ति एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं







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