सुपा सूपा लाई दाई- दुकाल यादव  




गीत- सूपा सूपा लाई दाई 

गायक-दुकालू यादव

म्यूज़िक कंपनी-सुंदरानी 

वेबसाईट ऑनर-के के पंचारे 

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मुखड़ा 

 दाई ओ दाई ओ दाई ओ --तोला चघावव सूपा सूपा लाई ओ -2 

उड़ान -तोला चघावव सूपा सूपा लाई ओ -2 

 दाई ओ दाई ओ दाई ओ --तोला चघावव सूपा सूपा लाई ओ -2 

अंतरा -1 

कण्डरा के घर ले मईया सूपा बिसायेव नवा धाने के मईया लाई फोरवायेव 

कण्डरा के घर ले मईया सूपा बिसायेव नवा धाने के मईया लाई फोरवायेव 

उड़ान -पेड़ा मिठाई दाई ओ ---पेड़ा मिठाई दाई ओ --पेड़ा मिठाई दाई ओ 

दाई ओ दाई ओ दाई ओ --तोला चघावव सूपा सूपा लाई ओ -2

अंतरा -2

कोस्टा के घर ले मईया लूगरा  बिसायेव मनिहार घर ले मईया फुंदरा बनवायेव 

कोस्टा के घर ले मईया लूगरा  बिसायेव मनिहार घर ले मईया फुंदरा बनवायेव 

उड़ान -चना गुड़ खाई दाई ओ ---चना गुड़ खाई दाई ओ --चना गुड़ खाई दाई ओ

दाई ओ दाई ओ दाई ओ --तोला चघावव सूपा सूपा लाई ओ -2 

अंतरा -3

जोड़ा जोड़ा नरियर मैंहा चघावव दंड शरण गिरके माथ नवावव 

जोड़ा जोड़ा नरियर मैंहा चघावव दंड शरण गिरके माथ नवावव 

उड़ान -करबे सहाई दाई ओ ---करबे सहाई दाई ओ --करबे सहाई दाई ओ

दाई ओ दाई ओ दाई ओ --तोला चघावव सूपा सूपा लाई ओ -2 


                                     ꧁🪷🌷🌸🌺🦩꧂꧁🪷🌷🌸🌺🦩꧂

गीत के अर्थ 

ए गीत म भक्‍त अपन दाई (माता) ला बड़े प्रेम अउ श्रद्धा ले पुकारथे।

“तोला चघावव सूपा सूपा लाई” के मतलब हे –

मइया ला सूपा भर-भर के लाई (धान के फुले चावल) चढ़ाय जावत हे।

✨ अंतरा 1 के अर्थ

कण्डरा के घर ले सूपा लान के, नवा धान के लाई फोराय जावत हे।

पेड़ा मिठाई बनाके दाई ला चढ़ाय जावत हे।

👉 मतलब – नई फसल के खुशिहा म मइया ला पहिली भेंट चढ़ाय जाथे।

✨ अंतरा 2 के अर्थ

कोस्टा (बुनकर) के घर ले लूगरा (साड़ी) मंगाके,

मनिहार (चूड़ी वाला) ले फुंदरा बनवाके दाई ला सजाय जावत हे।

👉 मतलब – मइया ला नई कपड़ा अउ गहना पहिनाके पूजा करथें।

✨ अंतरा 3 के अर्थ

जोड़ा-जोड़ा नरियर चढ़ाके,

दंडवत होके माथा नवाके,

मइया ले सहारा मांगथें।

👉 मतलब – मइया हर सबके दुख दूर करथे अउ सहारा देवत हे।

🌼 गीत के महत्व

🌾 नई फसल के आभार – किसान मन अपन पहिली उपज मइया ला अर्पित करथें।

🙏 श्रद्धा अउ समर्पण – सूपा, लाई, पेड़ा, नरियर – सब म भक्ति के भाव झलकथे।

👩‍🌾 छत्तीसगढ़ी संस्कृति – गांव के परंपरा, बुनकर, मनिहार सबके जिक्र ए गीत म मिलथे।

🌺 माता के महिमा – मइया हर दुख हरइया अउ सुख दइया के रूप म वर्णित हावय।

📚 गीत के कहानी

गांव के नाम रहिस – सोनपुर। चारों कती हरियर खेत, माटी के खुशबू अउ बिहान के सुग्घर हवा। गांव म रहिस एक गरीब किसान – रामसाय। ओकर घर म बूढ़ी दाई, घरवाली सीता अउ दू झिन छोटे लइका।

बरसों ले रामसाय हर एकेच बात मानत रहिस –

“पहिली उपज दाई ला”

जइसेच धान के फसल पक जाथे, वो सबसे पहिली सूपा म धान भरके मंदिर जाथे।

🌾 नई फसल के खुशी

ए साल धान खूब लहराइस। खेत सोना जइसन चमकत रहिस।

सीता कहिस –

“ए रामसाय, ए साल त धान बढ़िया होगे, दाई ला बढ़िया चढ़ावा करबो।”

रामसाय मुस्कुराइस –

“हव, ए साल सूपा भर-भर के लाई चढ़ाबो।”

गांव के कण्डरा घर ले नया सूपा मंगाय गीस।

नवा धान फोर के लाई बनाय गीस।

मंदिर म ढोलक बाजत रहिस, जसगीत गूंजत रहिस –

“दाई ओ दाई ओ दाई ओ – तोला चघावव सूपा सूपा लाई ओ…”

गांव के महतारी मन लाई, पेड़ा, गुड़ ले भेंट चढ़ावत रहिन।

👗 सजावट के तैयारी

सीता कहिस –

“कोस्टा के घर ले लूगरा ले आवन, मइया ला नई साड़ी पहिनाबो।”

मनिहार ले सुग्घर फुंदरा बनवाय गीस।

लाल चुनरी, पीयर लूगरा अउ चमचमात फुंदरा म मइया के मूर्ति चमकत रहिस।

गांव के दाई मन कहिन –

“देखव, आज मइया कइसे सुग्घर लागत हे!”

🙏 संकट के घड़ी

खुशी के दिन जादा दिन टिके नई।

एक दिन रामसाय के छोटे बेटा बीमार पड़ गीस।

डॉक्टर दूर रहिस। दवाई के इंतजाम नई होवत रहिस।

सीता रोवत-रोवत मंदिर गीस।

दंडवत होके कहिस –

“दाई, तोला सूपा भर-भर लाई चढ़ाइन हन, अब तोर भरोसा हे… मोर लइका ला बचा ले।”

मंदिर म दिया टिमटिमा दिस।

जइसन लगिस मइया कहत होवय –

“डर मत, मं हावंव तोर संग।”

अगले दिन चमत्कार जइसन होइस।

गांव के वैद्य खुदे घर आइस अउ जड़ी-बूटी देइस।

दू दिन म लइका ठीक हो गीस।

रामसाय रोवत-रोवत मंदिर गीस –

“दाई, तोर महिमा अपरंपार हे।”

🥥 जोड़ा नरियर के चढ़ावा

रामसाय संकल्प लेइस –

“ए बार जोड़ा-जोड़ा नरियर चढ़ाहूं।”

नवरात्रि म पूरा गांव जुट गीस।

ढोल, मंजीरा, जसगीत –

माहौल भक्ति म डूब गीस।

रामसाय नरियर चढ़ाइस, माथ नवाइस अउ कहिस –

“दाई, तोर किरपा ले सब बने होवत हे।”

🌺 गांव के बदलाव

ए घटना के बाद गांव म विश्वास अउ बढ़ गीस।

सब किसान मन अपन पहिली फसल मइया ला चढ़ाय लगिन।

कोस्टा, मनिहार, कण्डरा – सबके काम बढ़ गीस।

गांव म एकता आ गीस।

हर दुख-सुख म सब संग रहिन।

🌼 कहानी के संदेश

ए गीत सिरिफ भक्ति नई,

ये जीवन के सीख देथे –

जे मिलिस, ओला भगवान के प्रसाद समझव।

संकट म भरोसा मत छोड़व।

गांव के परंपरा अउ संस्कृति ला संजो के रखव।

🌸 गीत के निष्कर्ष 

“दाई ओ दाई ओ – तोला चघावव सूपा सूपा लाई ओ”

ए गीत छत्तीसगढ़ के माटी के खुशबू आय।

एमा किसान के मेहनत, महतारी के ममता अउ मइया के महिमा झलकथे।

जेन मन सच्चे मन ले दाई ला पुकारथे,

मइया जरूर ओकर सहारा बनथे।

🙏 जय दाई। जय छत्तीसगढ़।





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