cg Jas_फूल बोले मलनिया-पंचू यादव//kkPanchare जस bhjan

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गीत -फूल बोले मलनिया

गायक -पंचू यादव 

गीतकार -परमानंद कठोलिया 

वेबसाइट www. cgjaslyrics .com 

वेबसाइट ऑनर -के के पंचारे  

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मुखड़ा 

फूल बोले मलनिया बगिया में सुने सुन हां

फूल बोले मलनिया बगिया में सुने सुन हां 

उड़ान- बगिया में सुने सुन हां...आ

फूल बोले मलनिया बगिया में सुने सुन हां

फूल बोले मलनिया बगिया में सुने सुन हां 

अंतरा-1

संझा डोहरू बिहने फुलथव मझनिया कुमलायेव

निशदिन जिथव निशदिन मरथव अटल कुंवार कहायेव

अटल कुंवार कहायेव मालिन अटल कुंवार कहायेव 

अटल कुंवार कहायेव मालिन अटल कुंवार कहायेव 

उड़ान - झन तोड़हू मालिन मोला...हो..ओ ओ

झन तोड़हू मालिन मोला

बगिया में चुने चुन हां....आ..आ

फूल बोले मलनिया बगिया में सुने सुन हां

अंतरा-2

मोर महक में पवन मोहागे चौदह भुवन बगराये 

देवी देवता परसन होगे काला तै चघाये 

काला तै चघाये मालिन काला तै चघाये 

काला तै चघाये मालिन काला तै चघाये 

उड़ान - जूठा करे हे भौंरा हो...हो..ओ ओ

जूठा करे हे भौंरा

बगिया में भुने भुन हां....आ..आ

फूल बोले मलनिया बगिया में सुने सुन हां

अंतरा-3

भाग माणिक गल हार बनेव मुर्दा के बनेव कफ़न 

काटा खूंटी म मैहा जड़े हव झन करहूं मोर जतन 

झन करहूं मोर जतन मालिन झन करहूं मोर जतन 

झन करहूं मोर जतन मालिन झन करहूं मोर जतन

उड़ान - परमानंद कठोलिया हो...हो..ओ ओ

परमानंद कठोलिया

लिखे हे गुणें गुण हां....आ..आ

फूल बोले मलनिया बगिया में सुने सुन

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गीत के अरथ (Arth)

ये गीत मं फूल मन मलिन (मालिन) ला कहिथें – "हमर ला झन तोड़व, काबर कि हमन अपन सुगंध अऊ सुंदरता ले जम्मो संसार ला सजावत हवन। हमर जिनगी दया, करुणा अऊ जीवन के असली मोल ला बतावत हे।"

गीत के महत्तम (Mahatw)

1.मनखे अऊ प्रकृति के अपन अपन संबंध ला देखाय हे।

2.बगिया अऊ फूल मनचो लोकजीवन के सांकेतिक चिन्ह हें।

3.जीवन के नश्वरता अऊ संयम के गहिर बात ला उजागर करे हे।

4.छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति अऊ परंपरा के अमर गीत हे।

गीत के विशेषता (Visheshta)

1.गा-गुन गुनाय जइसे छत्तीसगढ़ी बोली मं रचाय गे हे।

2.बगिया, फूल अऊ खुशबू के प्रतीक ले भाव प्रकट करे हे।

3.लोकगीत के पारंपरिक "उड़ान" (टेक) मं गेय गे हे।

गायक के परिचय (Gayak Parichay) – पंचू यादव

पंचू यादव छत्तीसगढ़ी पारम्परिक लोक जस गायन के सुर सम्राट हवंय। गांव-गांव मं जब नवरात  मा  आवाज हा हर हेर दुर्गा पंडाल में सुनाई देथे। पंचू यादव राजनाँदगाँव जिला चावेली  रहने वाला हरे। एकर  स्वर मं लोकधुन, सुगमता अऊ अपनापे के पहचान मिलथे।

गीतकार के परिचय (Gitkaar Parichay) – परमानंद कठोलिया

परमानंद कठोलिया छत्तीसगढ़  के राजनांदगांव के  रहने वाला परसिद्ध गीतकार हवंय। इनके रचना मं सरल भाषा, लोकजीवन के गहिर झलक अऊ सामाजिक संदेश मिलथे। "फूल बोले मलनिया" उनकर एक बढ़िया सृजन आय।छत्तीसगढी जस गीतकार में एकर नाम अमर हे। कठोलिया अधिकांश गायक बर गीत रचना करे। गे हावे। 




 

 



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