चले आबे भवानी //पंडित विवेक शर्मा//पचरा जस गीत
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गीत-चले आबे भवानी
गायक-पंडित विवेक शर्मा
गीत शैली-पचरा जस गीत
म्यूज़िक कंपनी -mor cg dharohar
Website owner -kk Panchare
Website - www.cgjaslyrics.com
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मुखड़ा
सोला सिंगार करके लाली चुनरियाँ ओड़े-2
चले आबे मोर दाई अंगना म मोर
चले आबे भवानी अंगना म मोर
सोला सिंगार करके लाली चुनरियाँ ओड़े-2
चले आबे मोर दाई अंगना म मोर
चले आबे भवानी अंगना म मोर
(अंतरा -1)
आवत अंगना बटोरे हो मईया मोर, गंगा जल छिड़काहव वो-2
चन्दन पीठुलिया म बैठक देके, जमुना पाव पखारव वो-2
चले आबे मोर दाई अंगना म मोर
चले आबे भवानी अंगना म मोर
(अंतरा -2)
कंचन धारी म नरियर धरके, सुंदर आरती उतरांव वो-2
पारा परोशीन सबला बलाके, तोरे जस गावव वो-2
चले आबे मोर दाई अंगना म मोर
चले आबे भवानी अंगना म मोर
(अंतरा -3)
पंच अमरित के भोग लगावव, गइया के दूध पियावव वो-2
पलंग बिछवना बैठक देके, बीड़ा पान खवाव वो -2
चले आबे मोर दाई अंगना म मोर
चले आबे भवानी अंगना म मोर
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अर्थ (arth )
ए गीत म घर-अंगना म दाई के आवे के बखान करे गे हे। सोला सिंगार म लाली चुनरिया ओढ़ के दाई के स्वागत करथे, गंगा जल छिड़कथें, चंदन पीठुलिया म बइठथे, पंचामृत के भोग लगाथें, सखिन मन मिल के जस गाथें, सिंगार अउ सेवा करथें। एला गाथे घर म शांति, मंगल अउ भक्ति बर मांगलिक भावना हे।
महत्व (Mahatv)
ए जस गीत छत्तीसगढ़ के नारी, मया अउ भक्ति संस्कृति के पहचान आय । नवरात्रि, जस-श्रृंगार अउ देवी पूजा म इहाँ गीत प्रमुख रूप म गाथे जाथे। ये गीत धार्मिक प्रसंग अउ सांस्कृतिक बंधन ला मजबूत करथे, संगवारी अउ परिवार म एकता अउ आनंद लाथे।
उद्देश्य (Udeshy)
ए गीत के उद्देश्य दाई के स्वागत, सेवा अउ श्रद्धा दर्शाना, छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति ला बचाय रखना अउ नवा पीढ़ी म भक्ति भाव जगाना ए। जस गीत माध्यम ले भक्ति, प्रेम अउ सामाजिक एकता के संदेश फइलाय जाथे।



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